क्या भारत ने गाजा में पत्रकारों की हत्या पर 'गहरा खेद' व्यक्त किया?

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क्या भारत ने गाजा में पत्रकारों की हत्या पर 'गहरा खेद' व्यक्त किया?

सारांश

गाजा के खान यूनिस में पत्रकारों की हत्या पर भारत ने गहरा अफसोस जताया है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना की निंदा की है और जांच की पुष्टि की है। इजरायली प्रधानमंत्री ने इसे दुखद घटना बताया है। जानें इस गंभीर घटना के सभी पहलुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • भारत ने पत्रकारों की हत्या पर गहरा अफसोस जताया।
  • इजरायली अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
  • यह घटना संघर्ष के दौरान नागरिकों की सुरक्षा को उजागर करती है।
  • इजरायली प्रधानमंत्री ने इसे दुखद दुर्घटना बताया।
  • ट्रंप ने इस घटना पर अपनी चिंता व्यक्त की।

नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। गाजा के खान यूनिस में पत्रकारों की हत्या पर भारत ने "गहरा अफसोस" जताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत हमेशा से संघर्ष में नागरिकों की जान जाने की निंदा करता रहा है। हमें यह भी पता चला है कि इज़रायली अधिकारियों ने पहले ही इस घटना की जांच शुरू कर दी है।

गाजा के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित नासेर अस्पताल पर हुए एक इजरायली हवाई हमले में, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों से जुड़े कम से कम 20 लोग, जिनमें पांच पत्रकार भी शामिल हैं, मारे गए।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "पत्रकारों की हत्या चौंकाने वाली और बेहद खेदजनक है।" भारत ने हमेशा संघर्ष में नागरिकों की जान जाने की निंदा की है। हमें यह भी पता चला है कि इज़रायली अधिकारियों ने पहले ही जांच शुरू कर दी है।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस घटना पर टिप्पणी की और इसे एक दुखद दुर्घटना बताया।

उन्होंने कहा, "इजरायल आज गाजा के नासिर अस्पताल में हुई दुखद दुर्घटना पर गहरा खेद व्यक्त करता है।" इजरायल पत्रकारों, चिकित्सा कर्मचारियों और सभी नागरिकों के काम को महत्व देता है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सेना इस घटना की गहन जांच कर रही है।

उन्होंने कहा, "हमारा युद्ध हमास आतंकवादियों के साथ है। हमारा उचित लक्ष्य हमास को हराना और अपने बंधकों को वापस लाना है।"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें हमले के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन उन्होंने कहा, "मैं इससे खुश नहीं हूं। मैं इसे देखना नहीं चाहता।"

ट्रंप ने यह भी कहा कि हमें गाजा में उस पूरे दुःस्वप्न को समाप्त करना होगा, जहां हमास ने इजरायल में बंधक बनाए गए लोगों को बंदी बना रखा है।

इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि उसके सैनिकों ने नासेर अस्पताल क्षेत्र में हमला किया और आश्वासन दिया कि मामले की जांच चल रही है।

सेना ने एक बयान में कहा, "आईडीएफ को गैर-संलिप्त व्यक्तियों को हुए किसी भी नुकसान के लिए खेद है और वह पत्रकारों को इस तरह निशाना नहीं बनाता है।"

इस महीने की शुरुआत में, अल जजीरा के संवाददाता अनस अल-शरीफ भी एक इजरायली हमले में मारे गए थे, और इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने यह सबूत भी पेश किया था कि वह हमास नेता थे।

Point of View

यह जरूरी है कि हम पत्रकारों की सुरक्षा की बात करें। संघर्ष के दौरान नागरिकों की जान की रक्षा करना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है। इस तरह की घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि पत्रकारों का काम कितना जोखिम भरा है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

भारत ने गाजा में पत्रकारों की हत्या पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भारत ने गाजा में पत्रकारों की हत्या पर गहरा अफसोस जताया और इस घटना की निंदा की।
इस घटना की जांच कौन कर रहा है?
इजरायली अधिकारियों ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है।
इस हमले में कितने पत्रकार मारे गए?
इस हमले में पांच पत्रकारों सहित कुल 20 लोग मारे गए।
इजरायली प्रधानमंत्री ने इस घटना पर क्या कहा?
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे दुखद दुर्घटना बताया है।
ट्रंप ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह इस घटना से खुश नहीं हैं और इसे देखना नहीं चाहते।