भावनगर को ₹738 करोड़ की विकास सौगात, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया 79 परियोजनाओं का उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 25 सितंबर 2026 को भावनगर शहर और जिले में ₹738.09 करोड़ की कुल 79 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें ₹33 करोड़ की लागत से निर्मित नवनिर्मित कलेक्टर कार्यालय भी शामिल है। यह समारोह ई-माध्यम से आयोजित किया गया।
सेवा, संकल्प और समर्पण अभियान का हिस्सा
ये तमाम परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के जनसेवा दिवस के उपलक्ष्य में राज्यभर में चलाए जा रहे 'सेवा, संकल्प और समर्पण' अभियान के अंतर्गत शुरू की गई हैं। गौरतलब है कि यह अभियान गुजरात सरकार की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत केंद्र और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है।
मुख्यमंत्री पटेल की मुख्य बातें
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार जनसेवा पर केंद्रित है और हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास में भावी पीढ़ियों की जरूरतों का ध्यान रखा जाना आवश्यक है।
स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और अंतिम पंक्ति के नागरिक के कल्याण को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल सरकार और सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है — इसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी अनिवार्य है। उन्होंने जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण पर बल देते हुए 'बारिश का पानी इकट्ठा करें' जैसी पहलों में जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
राज्य सरकार के 'विकास भी, विरासत भी' दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सतत विकास के लिए संस्कृति, मूल्यों और पर्यावरण का संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से 'एक पेड़ मां के नाम' जैसी पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने का अनुरोध भी किया।
नए कलेक्टर कार्यालय का महत्व
राज्य मंत्री निमुबेन बांभनिया ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नया कलेक्टर कार्यालय सार्वजनिक सेवाओं को पहले से कहीं अधिक सुलभ बनाएगा। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे भावनगर के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र के रूप में उभर रहा है। साथ ही, एसआईपीपीए केंद्र GPSC और UPSC परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अवसर प्रदान करेगा।
बांभनिया ने यह भी बताया कि नारी में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) के लिए आवंटित भूमि से आईटी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने राष्ट्रीय वयोश्री योजना का भी उल्लेख किया, जिसके तहत जिले में 10,000 से अधिक लोगों का आकलन किया गया और लगभग 14 शिविर आयोजित कर वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण निःशुल्क दिए गए।
कनेक्टिविटी और बुनियादी ढाँचा
राज्य के कृषि मंत्री जीतू वाघानी ने बताया कि भावनगर की कनेक्टिविटी मजबूत करने और यातायात जाम कम करने के उद्देश्य से ₹650 करोड़ की लागत वाली एक पुल परियोजना को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजकोट, सोमनाथ, धोलेरा और आसपास के क्षेत्रों की यात्रा को सुगम बनाएगी।
आम जनता पर असर
आयुष्मान भारत सहित कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने 'सेवा संकल्प' अभियान में और अधिक जनभागीदारी का आह्वान किया। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात सरकार बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में एक साथ निवेश बढ़ा रही है। भावनगर जिले के लाखों नागरिकों को इन परियोजनाओं से बेहतर प्रशासनिक सेवाएँ, बेहतर सड़क संपर्क और रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।