विकसित गुजरात 2047: CM भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में सड़क विभाग के चिंतन शिविर का उद्घाटन किया
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 8 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर में राज्य के सड़क एवं भवन विभाग के पहले दो दिवसीय चिंतन शिविर का उद्घाटन करते हुए स्पष्ट किया कि 'विकसित गुजरात 2047' के संकल्प को साकार करने के लिए गति, गुणवत्ता और गौरव — ये तीन स्तंभ अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि रोड नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर की मौजूदा उत्कृष्टता को बनाए रखते हुए उसे और ऊँचाई पर ले जाने के लिए सामूहिक चिंतन की ज़रूरत है।
शिविर का विषय और उद्देश्य
'गति-गुणवत्ता और गौरव: एक्सीलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर विकसित गुजरात 2047' विषय पर आयोजित इस शिविर में वर्क असिस्टेंट से लेकर सचिव स्तर तक के अधिकारी सामूहिक मंथन में भाग ले रहे हैं। विभाग के सचिव पीआर पटेलिया ने शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह आयोजन नियमित कार्यों से आगे बढ़कर आत्ममंथन, नई तकनीक और 'विकसित गुजरात 2047: फास्ट, सेफ एंड सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर' के लक्ष्य पर केंद्रित है।
शिविर में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए अधिकारियों हेतु गवर्नेंस परफॉर्मेंस इंडेक्स (GPI) और ठेकेदारों के लिए परफॉर्मेंस बेस्ड रेटिंग व क्वालिटी कंट्रोल बेस्ड इवैल्यूएशन सिस्टम (QCBS) लागू करने की घोषणा की गई। इसके साथ ही निविदा अनुमोदन की समय-सीमा भी घटाई गई है।
मुख्यमंत्री के प्रमुख संदेश
मुख्यमंत्री पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2003 में शुरू की गई चिंतन शिविर परंपरा का स्मरण कराते हुए कहा कि, 'साथ आना शुरुआत है, साथ विचार करना प्रगति है और साथ काम करना सफलता है।' उन्होंने 'मैं नहीं, हम' और 'स्वयं से वयम' की भावना को इस शिविर की आत्मा बताया।
पटेल ने यह भी कहा कि यदि अनजाने में कोई गलती हो तो उसे सुधारा जा सकता है, लेकिन जानबूझकर की गई चूक अक्षम्य है। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने पर विशेष ज़ोर दिया।
विभाग का दायरा और बजट विस्तार
सड़क एवं भवन विभाग राज्यभर में 1 लाख 29 हजार किलोमीटर रोड नेटवर्क, 11 हजार से अधिक पुलों और विभिन्न सरकारी इमारतों के रखरखाव के साथ-साथ मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से 18 हजार से अधिक गाँवों और 14 हजार बस्तियों को जोड़ने में निरंतर सेवारत है।
मुख्य सचिव एमके दास ने बताया कि विभाग का बजट बहुत कम समय में ₹12,000 करोड़ से बढ़कर ₹30,000 करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि 'विकसित गुजरात 2047' के तहत राज्य की अर्थव्यवस्था को 3.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने के लक्ष्य के लिए अगले 20 वर्षों में पिछली सदियों की तुलना में 11 गुना अधिक निर्माण कार्य करना होगा।
ऐतिहासिक संदर्भ और भविष्य की दिशा
मुख्य सचिव दास ने श्रीमद् भगवद् पुराण में वर्णित महाराजा पृथु द्वारा पहली बार समतल सड़कें बनवाने, रामायण काल के रामसेतु और शेरशाह सूरी की ग्रैंड ट्रंक रोड का उल्लेख करते हुए जनसेवा में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के सनातन योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने 'फ्रॉम द ग्राउंड अप' दृष्टिकोण अपनाने और ठेकेदारों से गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उद्घाटन समारोह से पूर्व अक्षय पात्र फाउंडेशन के उपाध्यक्ष और प्रेरक वक्ता रेयराम दास ने सभी प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया। मुख्यमंत्री ने शिविर के प्रारंभ में 'बिल्डिंग हेल्थ मॉनिटरिंग' और 'ब्रिज एसेट मैनेजमेंट' पुस्तिकाओं का विमोचन किया तथा GPI मानदंडों पर श्रेष्ठ कार्य करने वाले इंजीनियरों और अधिकारियों को सम्मानित किया।
आगे क्या होगा
यह दो दिवसीय शिविर वर्ष 2047 के लिए एक स्पष्ट 'एक्शन प्लान' तैयार करने पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री पटेल ने आह्वान किया कि गुजरात आज देश का रोल मॉडल है और 'विकसित भारत के लिए विकसित गुजरात' के संकल्प के साथ सभी अधिकारी सामूहिक पुरुषार्थ से टिकाऊ विकास की ओर आगे बढ़ें। इस कार्यक्रम में जल संसाधन सचिव पीसी व्यास, विशेष सचिव जेए गांधी सहित राज्यभर के सड़क एवं भवन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।