CM भूपेंद्र पटेल ने महसूल विभाग की 3-दिवसीय चिंतन शिविर का उद्घाटन किया, बेहतर भूमि प्रशासन पर जोर

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CM भूपेंद्र पटेल ने महसूल विभाग की 3-दिवसीय चिंतन शिविर का उद्घाटन किया, बेहतर भूमि प्रशासन पर जोर

सारांश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अदालज में महसूल विभाग की तीन दिवसीय चिंतन शिविर का उद्घाटन किया — जहाँ 'जीरो टॉलरेंस', डिजिटल भूमि प्रशासन और 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को गुजरात में साकार करने का आह्वान किया गया। आईओआरए और ई-धरा जैसी प्रणालियाँ गुजरात को वैश्विक निवेश गंतव्य बना रही हैं।

मुख्य बातें

CM भूपेंद्र पटेल ने 5 मई 2025 को अदालज, अहमदाबाद में महसूल विभाग की तीन दिवसीय चिंतन शिविर का उद्घाटन किया।
शिविर का विषय 'कोलैबोरेट, इनोवेट एंड ट्रांसफॉर्म फॉर बेटर लैंड गवर्नेंस' है; सभी जिला कलेक्टर और महसूल अधिकारी सहभागी हैं।
मुख्यमंत्री ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति और PM मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' कार्यमंत्र को गुजरात में लागू करने का आह्वान किया।
गुजरात ने 'आईओआरए' और 'ई-धरा' के जरिए 'फेसलेस' और 'पेपरलेस' गवर्नेंस अपनाई है; 'जीरो डिले' भूमि आवंटन नीति से वैश्विक निवेशकों का विश्वास बढ़ा।
मुख्य सचिव मनोजकुमार दास ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भूमि आवंटन में महसूल विभाग ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 5 मई 2025 को अहमदाबाद के अदालज स्थित त्रिमंदिर परिसर में राज्य सरकार के महसूल विभाग की तीन दिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ किया। इस शिविर का विषय 'कोलैबोरेट, इनोवेट एंड ट्रांसफॉर्म फॉर बेटर लैंड गवर्नेंस' रखा गया है, जिसमें राज्य के सभी जिला कलेक्टर और महसूल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहभागी बने हैं।

मुख्यमंत्री का संदेश: जनसेवा और संवेदना

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शिविर के उद्घाटन अवसर पर कहा कि चिंतन शिविर स्वयं के साथ संवाद और समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति के कल्याण के विचार का एक सक्षम माध्यम है। उन्होंने महसूल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उनके पास आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की झिझक न हो और वे संतोष की अनुभूति के साथ लौटें।

पटेल ने कहा कि कलेक्टरों के पास व्यापक अधिकार हैं और 'जीरो टॉलरेंस' की भावना के साथ स्पष्टता और संवेदना से नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना ही उनका प्राथमिक दायित्व होना चाहिए। उन्होंने दादा भगवान के उपदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि अहंकार और आत्मश्लाघा छोड़कर सामूहिक प्रयास से ही समस्याओं का समाधान संभव है।

PM मोदी के कार्यमंत्र को गुजरात में साकार करने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के कार्यमंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि महसूल विभाग और जिला कलेक्टरों की सामूहिक शक्ति से इस मंत्र को गुजरात में सफलतापूर्वक साकार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सदैव लोककल्याण और जनहित की व्यवस्थाएं विकसित कर देश का गौरव बढ़ाया है।

पटेल ने शिविरार्थियों को 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को 'विकसित गुजरात' के माध्यम से साकार करने के लिए पूर्ण कार्यनिष्ठा और जनसेवा की प्रतिबद्धता के साथ काम करने की प्रेरणा दी।

आध्यात्मिक प्रेरणा: पूज्य दीपकभाई देसाई का प्रवचन

शिविर के उद्घाटन अवसर पर पूज्य दीपकभाई देसाई ने महसूल अधिकारियों और कर्मचारियों को कर्म, सेवा और अध्यात्म को जोड़ने वाला प्रेरणादायक प्रवचन दिया। उन्होंने दादा भगवान के सिद्धांतों — चोरी न करना, सेवा-भक्ति के मार्ग पर चलना, परोपकार, शुद्ध व्यवहार और धर्म-संस्कार के पालन — पर विशेष बल दिया।

पूज्य दीपकभाई ने यह भी कहा कि क्रोध, लोभ और माया से मुक्त होकर नीतिपूर्वक जीवन जीना और किसी को भी तनिक भी दुख न पहुँचाना ही सच्ची सेवा है।

डिजिटल भूमि प्रशासन और गुजरात का निवेश आकर्षण

महसूल राज्य मंत्री संजय सिंह महीड़ा ने कहा कि गुजरात सरकार ने 'आईओआरए' और 'ई-धरा' जैसी प्रणालियों के माध्यम से 'फेसलेस' और 'पेपरलेस' गवर्नेंस अपनाकर डिजिटल परिवर्तन हासिल किया है। उन्होंने कहा कि उद्योगों और सार्वजनिक हित के लिए भूमि आवंटन में 'जीरो डिले' नीति और पारदर्शी प्रशासन के कारण गुजरात आज वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना है।

मुख्य सचिव मनोजकुमार दास ने महसूल तंत्र की कार्यक्षमता की सराहना करते हुए कहा कि हाल के समय में महसूल विभाग ने विकास परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा, पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा क्षेत्र में गुजरात देश में अग्रणी है, जिसमें महसूल विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

यह तीन दिवसीय शिविर गुजरात के भूमि प्रशासन को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-आधारित और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या जमीन पर भूमि विवादों के निपटारे की दर, सेवा वितरण का समय और नागरिक शिकायत समाधान में मापनीय सुधार आया है। आईओआरए और ई-धरा जैसी प्रणालियाँ सराहनीय हैं, परंतु डिजिटल अवसंरचना का लाभ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक कितना पहुँचा — यह प्रश्न इस शिविर के बाद भी अनुत्तरित रहता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात महसूल विभाग की चिंतन शिविर क्या है?
यह गुजरात सरकार के महसूल विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विचार-मंथन शिविर है, जो 5 मई 2025 से अहमदाबाद के अदालज स्थित त्रिमंदिर परिसर में आयोजित हो रहा है। इसका उद्देश्य भूमि प्रशासन को बेहतर, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाना है।
चिंतन शिविर का विषय क्या है?
इस शिविर की विषयवस्तु 'कोलैबोरेट, इनोवेट एंड ट्रांसफॉर्म फॉर बेटर लैंड गवर्नेंस' है। इसमें राज्य के सभी जिला कलेक्टर और महसूल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं।
गुजरात में 'ई-धरा' और 'आईओआरए' क्या हैं?
ये गुजरात सरकार की डिजिटल भूमि प्रशासन प्रणालियाँ हैं जिनके जरिए 'फेसलेस' और 'पेपरलेस' गवर्नेंस लागू की गई है। इनके माध्यम से भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण और नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।
CM भूपेंद्र पटेल ने महसूल अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
CM पटेल ने अधिकारियों को 'जीरो टॉलरेंस' की भावना के साथ नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को बिना झिझक के सेवा मिले और वे संतोष के साथ लौटें।
'विकसित भारत 2047' से इस शिविर का क्या संबंध है?
मुख्यमंत्री पटेल ने शिविर में प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को 'विकसित गुजरात' के माध्यम से साकार करने का आह्वान किया। महसूल विभाग को इस लक्ष्य की प्राप्ति में भूमि आवंटन, डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शी प्रशासन के जरिए महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।
राष्ट्र प्रेस
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