सांबा में 'भव्य' योजना: 671 कनाल भूमि उद्योग विभाग को सौंपी, J&K में बनेगा प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्क
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 17 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि सरकार ने 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (भव्य) के तहत सांबा में 671 कनाल भूमि उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को सौंपने की मंजूरी दे दी है। इस भूमि पर एक अत्याधुनिक 'प्लग एंड प्ले' औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा, जो जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक परिदृश्य को नया रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भव्य योजना क्या है और इसका उद्देश्य
'भारत औद्योगिक विकास योजना' का मूल लक्ष्य उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार औद्योगिक बुनियादी ढाँचा तैयार करना है। इस योजना के तहत विश्वसनीय सेवाएँ, सुगम मंजूरी प्रक्रिया और आवश्यक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उद्यम बिना देरी के अपना परिचालन शुरू कर सकें।
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला के अनुसार, इस पहल से निवेश आकर्षित होगा, स्थानीय एमएसएमई को मजबूती मिलेगी और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। यह केंद्र शासित प्रदेश में क्षेत्रीय विकास में संतुलन लाने और युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर सृजित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
पीएम-एसईटीयू के तहत आईटीआई उन्नयन को भी मंजूरी
इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने पीएम-एसईटीयू योजना के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर के प्रमुख आईटीआई क्लस्टरों के उन्नयन के लिए ₹475.41 करोड़ की रणनीतिक निवेश योजनाओं (एसआईपी) को स्वीकृति दी है।
जम्मू आईटीआई क्लस्टर — जिसमें आईटीआई जम्मू मुख्य केंद्र है और आरएस पुरा, नौशेरा, सांबा तथा कठुआ सहायक केंद्र हैं — के उन्नयन पर ₹240 करोड़ खर्च किए जाएँगे। वहीं, श्रीनगर आईटीआई क्लस्टर — जिसमें आईटीआई श्रीनगर मुख्य केंद्र है और गांदरबल, कंगन, बडगाम और चरार-ए-शरीफ सहायक केंद्र हैं — के आधुनिकीकरण पर ₹235.41 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
युवाओं के लिए कौशल और रोज़गार पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटीआई उन्नयन से प्रशिक्षण अवसंरचना का आधुनिकीकरण होगा और उद्योग जगत के साथ सम्बन्ध मज़बूत होंगे। इससे जम्मू-कश्मीर के युवाओं को रोज़गार के लिए तैयार कौशल और बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में चुनी हुई सरकार के गठन के बाद से राज्य में निवेश आकर्षित करने की कोशिशें तेज़ हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी का उमर अब्दुल्ला ने इन केंद्रीय स्वीकृतियों के लिए आभार व्यक्त किया।
आगे क्या होगा
सांबा में औद्योगिक पार्क की स्थापना और आईटीआई क्लस्टरों के उन्नयन के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अब शुरू होने की उम्मीद है। यदि ये पहलें योजनानुसार क्रियान्वित होती हैं, तो जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक और कौशल विकास परिदृश्य में उल्लेखनीय बदलाव आ सकता है।