हरियाणा सरकार ने आईएमटी अंबाला में ₹304 करोड़ के इंडस्ट्रियल पार्क को मंजूरी दी
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा सरकार ने बुधवार, 29 जुलाई 2026 को केंद्र की महत्वाकांक्षी 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (भव्य) के अंतर्गत आईएमटी अंबाला में एक अत्याधुनिक इंडस्ट्रियल पार्क के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है। ₹304.10 करोड़ के अनुमानित निवेश वाली यह परियोजना राज्य में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य-स्तरीय समिति (एसएलसी) की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। अब यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए भारत सरकार को भेजा जाएगा। समिति ने अनुशंसा करने से पूर्व परियोजना के तकनीकी, वित्तीय और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की।
यह परियोजना हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) द्वारा 108.58 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। इसे 'प्लग-एंड-प्ले' मॉडल पर तैयार किया जाएगा, ताकि निवेशक बिना किसी देरी के उत्पादन शुरू कर सकें।
परियोजना में क्या शामिल है
प्रस्तावित इंडस्ट्रियल पार्क को एक आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के रूप में डिज़ाइन किया गया है। इसमें 256 इंडस्ट्रियल प्लॉट और 15 पूर्व-निर्मित फैक्ट्री शेड शामिल हैं। इसके अलावा वेयरहाउसिंग सुविधाएँ, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, श्रमिक आवास, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर, जल उपचार संयंत्र, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी), आंतरिक सड़क नेटवर्क और व्यापक ग्रीन स्पेस भी इस पार्क का हिस्सा होंगे।
कमिश्नर एवं सेक्रेटरी (उद्योग और वाणिज्य) अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रस्तावित पार्क भव्य योजना की सभी अनिवार्य शर्तें पूरी करता है — जिनमें विवाद-रहित और सतत भूमि की उपलब्धता, मजबूत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और तत्काल कार्य प्रारंभ करने की तैयारी शामिल हैं।
भव्य योजना का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (भव्य) देश भर में 100 विश्व-स्तरीय इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित करने की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है। इस योजना पर छह वर्षों में ₹33,660 करोड़ खर्च किए जाने का प्रावधान है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और चीन-केंद्रित मैन्युफैक्चरिंग को विविधता देने की कोशिश कर रहे देशों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनना चाहता है।
अंबाला की रणनीतिक स्थिति — दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग और रेल नेटवर्क से जुड़ाव — इसे उत्तर भारत में मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए उपयुक्त बनाती है।
आम जनता और उद्योग पर असर
इस परियोजना से अंबाला और आसपास के जिलों में रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। 'प्लग-एंड-प्ले' मॉडल छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है, क्योंकि इससे उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में पूँजी लगाए बिना सीधे उत्पादन शुरू करने की सुविधा मिलेगी। स्किल डेवलपमेंट सेंटर की व्यवस्था स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर उद्योग के लिए तैयार करेगी।
क्या होगा आगे
राज्य-स्तरीय समिति की अनुशंसा के बाद अब यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद एचएसआईआईडीसी निर्माण कार्य की समयसीमा और निवेशकों के लिए आवेदन प्रक्रिया की घोषणा करेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य इस परियोजना को हरियाणा के औद्योगिक मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाना है।