मध्य प्रदेश का 'भाव्या' योजना के तहत ₹8,144 करोड़ के 11 इंडस्ट्रियल पार्क का प्रस्ताव, 9,047 एकड़ में होगा विकास
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार ने 17 अगस्त 2026 को घोषणा की कि उसने केंद्र की 'भाव्या' (भारत औद्योगिक विकास योजना) के अंतर्गत 9,047.08 एकड़ भूमि पर 11 इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत ₹8,144.35 करोड़ है और इन्हें 'प्लग-एंड-प्ले' इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ निवेश-तैयार बनाने की योजना है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई दिल्ली में नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट (NICDIT) की एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की तीसरी बैठक में ये प्रस्ताव पेश किए। बैठक में केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, पीयूष गोयल और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी भी उपस्थित रहे।
प्रस्तावित पार्कों का विवरण
प्रस्तावित 11 परियोजनाओं में शामिल हैं — उज्जैन में अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर, धार में भेंसोला, देवास-शाजापुर में पिपलरवां-पालिकालन, आईआर रतलाम-पलसोडी, सीहोर में अष्टा इंडस्ट्रियल क्लस्टर, सागर में मसवासी ग्रांट, गुना में चैनपुरा, ग्वालियर में मोहना, जबलपुर में धर्मपुरा, कटनी में सिमरा और रीवा में शिवसागर।
इनमें से भेंसोला परियोजना को विशेष रूप से टेक्सटाइल पार्क के रूप में प्रस्तावित किया गया है और इसे धार स्थित पीएम मित्र पार्क के विस्तार के तौर पर विकसित किया जाएगा, जिसमें टेक्सटाइल वैल्यू चेन से जुड़ी समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
किन क्षेत्रों को मिलेगा बढ़ावा
अन्य प्रस्तावित पार्कों से फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट, सेमीकंडक्टर, आईटी और आईटीएस सेक्टर में निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों रूपों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे, हालांकि रोजगार का कोई सुनिश्चित आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
महिला भागीदारी पर जोर
मध्य प्रदेश सरकार ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें डे-केयर सेंटर, सीसीटीवी-आधारित सुरक्षा, हेल्थकेयर सुविधाएं, कैंटीन और हॉस्टल शामिल हैं — जो औद्योगिक नीति में एक सकारात्मक सामाजिक आयाम जोड़ते हैं।
यादव ने बैठक में कहा, 'राज्य सरकार आधुनिक औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, निवेश-अनुकूल नीतियां लागू करने और उद्योगों को प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार काम कर रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का लक्ष्य मध्य प्रदेश को एक प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार 'भाव्या' के तहत राज्यों को औद्योगिक अवसंरचना निर्माण के लिए प्रोत्साहित कर रही है। मध्य प्रदेश का यह प्रस्ताव केंद्र की मंजूरी और वित्त पोषण के अगले चरण पर निर्भर करेगा। गौरतलब है कि NICDIT की एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी ऐसी परियोजनाओं की समीक्षा और अनुमोदन की प्रमुख संस्था है।