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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 33,660 करोड़ की योजना को दी मंजूरी; 100 औद्योगिक पार्क और लाखों रोजगार

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 33,660 करोड़ की योजना को दी मंजूरी; 100 औद्योगिक पार्क और लाखों रोजगार

सारांश

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 33,660 करोड़ रुपए की लागत से 100 औद्योगिक पार्क बनाने की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और लाखों लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है।

मुख्य बातें

33,660 करोड़ रुपए की लागत से औद्योगिक पार्कों का निर्माण 100 प्लग-एंड-प्ले पार्क का निर्माण रोजगार के लाखों अवसर उत्पन्न होंगे बुनियादी सुविधाओं का विकास क्लस्टर-आधारित विकास की दिशा में कदम

नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य योजना) को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 33,660 करोड़ रुपए की लागत से पूरे देश में 100 प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस योजना का लक्ष्य विश्वस्तरीय औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना है, जिससे देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में वृद्धि होगी और भारत की आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी।

यह योजना नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एनआईसीडीपी) के सफल इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी मॉडल पर आधारित है, जिसका कार्यान्वयन राज्यों और निजी क्षेत्र की सहभागिता से होगा।

इस योजना में व्यापार में आसानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंजूरी प्रक्रिया को सरल किया जाएगा, सिंगल विंडो सिस्टम लागू होगा और निवेशकों के लिए अनुकूल सुधार किए जाएंगे।

इस योजना के तहत ऐसे औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे जहां उद्योगों को पहले से तैयार जमीन, आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी, जिससे कंपनियां शीघ्रता से कार्य शुरू कर सकेंगी।

इन औद्योगिक पार्क का आकार 100 से 1,000 एकड़ के बीच होगा। सरकार इनके विकास के लिए प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसमें सड़कें, बिजली-पानी, ड्रेनेज, आईटी सिस्टम, फैक्ट्री शेड, वेयरहाउस और टेस्टिंग लैब जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

इसके अतिरिक्त, योजना के तहत श्रमिकों के लिए आवास और अन्य सामाजिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। बाहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक समर्थन दिया जाएगा, ताकि बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।

परियोजनाओं का चयन चैलेंज मोड के माध्यम से किया जाएगा, जिससे केवल बेहतर और निवेश के लिए तैयार प्रस्तावों को ही चुना जाएगा।

इन औद्योगिक पार्कों को भविष्य को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया जाएगा और इन्हें पीएम गतिशक्ति के सिद्धांतों के अनुसार विकसित किया जाएगा ताकि मल्टीमोडल कनेक्टिविटी और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधा मिल सके।

साथ ही, इन पार्कों में ग्रीन एनर्जी और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया जाएगा। अंडरग्राउंड यूटिलिटी सिस्टम के कारण बार-बार खुदाई की आवश्यकता नहीं होगी और उद्योगों का काम बिना रुकावट चलता रहेगा।

सरकार का मानना है कि भव्य योजना से बड़े स्तर पर रोजगार उत्पन्न होंगे, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में सीधे और अप्रत्यक्ष दोनों तरह की नौकरियां शामिल होंगी।

यह योजना देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी, जिससे लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

बयान में आगे कहा गया है कि क्लस्टर-आधारित विकास के जरिए यह योजना उद्योग, सप्लायर और सर्विस प्रोवाइडर्स को एक साथ लाएगी, जिससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और क्षेत्रीय औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

इस योजना का सीधा लाभ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), स्टार्टअप्स और ग्लोबल निवेशकों को मिलेगा, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से इसका फायदा मजदूरों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों, सर्विस सेक्टर और स्थानीय लोगों को भी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह एक सकारात्मक कदम है जो देश के औद्योगिक क्षेत्र को पुनर्जीवित कर सकता है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस योजना से रोजगार कैसे बढ़ेगा?
इस योजना के तहत औद्योगिक पार्कों के निर्माण से लाखों रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
कौनसी सुविधाएं इन पार्कों में उपलब्ध होंगी?
इन पार्कों में सड़कें, पानी, बिजली, ड्रेनेज, आईटी सिस्टम और टेस्टिंग लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस योजना का लाभ किसे मिलेगा?
इसका लाभ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और स्थानीय लोगों को मिलेगा।
क्या यह योजना सभी राज्यों में लागू होगी?
हाँ, यह योजना देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी।
राष्ट्र प्रेस
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