18 अगस्त 2026
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भिंड सड़क हादसे में 8 मजदूरों की मौत, CM योगी ने ₹2-2 लाख मुआवज़े का ऐलान किया

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भिंड सड़क हादसे में 8 मजदूरों की मौत, CM योगी ने ₹2-2 लाख मुआवज़े का ऐलान किया

सारांश

मध्य प्रदेश के भिंड में गायों के झुंड को बचाने की कोशिश में पिकअप डंपर से टकराई — और लखीमपुर खीरी के 8 मजदूर घर नहीं पहुंच सके। CM योगी ने ₹2-2 लाख मुआवज़े का ऐलान किया और दो राज्यों के बीच समन्वय के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

18 अगस्त की रात भिंड जिले के NH-719 पर पिकअप और डंपर की टक्कर में 8 मजदूरों की मौत।
सभी मृतक उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निवासी थे, जो ग्वालियर से घर लौट रहे थे।
हादसे का कारण हाईवे पर बैठे गायों के झुंड को बचाने के प्रयास में पिकअप का अनियंत्रित होना।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता का ऐलान किया।
गंभीर घायलों को ग्वालियर रेफर किया गया; मृतकों के शव लखीमपुर खीरी भेजने की प्रक्रिया शुरू।

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-719 पर मंगलवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हैं। हादसे की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताते हुए प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना 18 अगस्त की रात करीब 1 बजे गोहद क्षेत्र के छीमका गांव के पास हुई। हाईवे पर बैठे गायों के झुंड को बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार पिकअप वाहन का चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन सामने से आ रहे डंपर से जा भिड़ा। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

पुलिस के अनुसार, पिकअप में सवार सभी मजदूर लखीमपुर खीरी के रहने वाले थे और ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई का काम पूरा कर अपने घर लौट रहे थे।

राहत और बचाव कार्य

हादसे की सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से पिकअप में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल गोहद अस्पताल पहुंचाया गया। वहाँ चिकित्सकों ने 8 मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया। मृतकों के शव मोर्चरी में रखे गए हैं और पुलिस उनकी शिनाख्त व परिजनों से संपर्क में जुटी है।

CM योगी की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मध्य प्रदेश के भिंड में एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत पीड़ादायक और मन को व्यथित करने वाली है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।'

उन्होंने अधिकारियों को मध्य प्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित कर मृतकों के पार्थिव शरीर उनके गृह जनपद पहुंचाने और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उत्तर प्रदेश के प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के आदेश भी जारी किए।

आगे की प्रक्रिया

प्रशासन की ओर से मृतकों के पार्थिव शरीर उनके गृह जनपद लखीमपुर खीरी भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह हादसा एक बार फिर राजमार्गों पर आवारा पशुओं के कारण उत्पन्न होने वाले खतरे को रेखांकित करता है, जो उत्तर भारत में रात्रिकालीन सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो रात के अंधेरे में जानलेवा बन जाते हैं। मुआवज़े की घोषणा ज़रूरी राहत है, लेकिन यह उपाय नहीं। सवाल यह है कि अंतरराज्यीय प्रवासी मजदूर असुरक्षित और ओवरलोडेड पिकअप वाहनों में क्यों सफर करने को मजबूर हैं — और इस पर नीतिगत चुप्पी कब टूटेगी। राजमार्ग सुरक्षा और श्रमिक परिवहन नियमों का क्रियान्वयन केवल हादसों के बाद की संवेदनाओं से नहीं होगा।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भिंड सड़क हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 18 अगस्त की रात करीब 1 बजे मध्य प्रदेश के भिंड जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-719 पर गोहद क्षेत्र के छीमका गांव के पास हुआ। पिकअप वाहन डंपर से टकरा गया, जिसमें 8 मजदूरों की मौत हो गई।
हादसे में मारे गए मजदूर कहाँ के रहने वाले थे?
सभी 8 मृतक उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निवासी थे। वे ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई का काम पूरा कर पिकअप से अपने घर लौट रहे थे।
CM योगी आदित्यनाथ ने क्या राहत घोषित की?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। उन्होंने अधिकारियों को मध्य प्रदेश सरकार से समन्वय कर शव गृह जनपद पहुंचाने और घायलों के इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
घायलों को पहले गोहद अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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