10 अक्टूबर 2026
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भोपाल में 23 अक्टूबर से 12 दिवसीय स्वदेशी मेला, एमवीएम मैदान पर लगेंगे 200 से अधिक स्टाल

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भोपाल में 23 अक्टूबर से 12 दिवसीय स्वदेशी मेला, एमवीएम मैदान पर लगेंगे 200 से अधिक स्टाल

सारांश

भोपाल के एमवीएम मैदान पर 23 अक्टूबर से 12 दिनों तक लगने वाला स्वदेशी मेला महज़ एक बाज़ार नहीं — यह स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और MSME उद्यमियों के लिए शहरी उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ने का मंच है। 200 से अधिक स्टालों के साथ यह आयोजन 'लोकल फॉर वोकल' को ज़मीनी अमल में उतारने की कोशिश है।

मुख्य बातें

भोपाल के एमवीएम मैदान पर 23 अक्टूबर 2026 से 12 दिवसीय स्वदेशी मेले का आयोजन होगा।
मेले में 200 से अधिक स्वदेशी उत्पादों के स्टाल लगाए जाएँगे।
आयोजक हैं स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन का संयुक्त तत्वावधान।
स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और MSME उद्यमियों को प्रदर्शन एवं विक्रय का मंच मिलेगा।
प्रतिदिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिताएँ भी होंगी।

भोपाल के एमवीएम मैदान में 23 अक्टूबर से 12 दिवसीय स्वदेशी मेले का आयोजन होने जा रहा है, जहाँ 200 से अधिक स्वदेशी उत्पादों के स्टाल लगाए जाएँगे। स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह मेला 'लोकल फॉर वोकल' और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को ज़मीनी स्तर पर साकार करने का प्रयास है।

मेले का उद्देश्य और स्वरूप

आयोजकों के अनुसार इस मेले का मुख्य लक्ष्य स्वदेशी उत्पादों को आमजन तक पहुँचाना और स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए एक व्यापक मंच उपलब्ध कराना है। इसके ज़रिए स्थानीय उद्यमिता को नई दिशा देने और समाज में स्वावलंबन की भावना को सुदृढ़ करने की कोशिश की जाएगी।

मेले में भोपाल एवं आसपास के क्षेत्रों के उत्पादक और उपभोक्ता दोनों की सहभागिता अपेक्षित है। युवाओं, महिलाओं और नवोदित उद्यमियों को उद्यमिता की राह पर प्रोत्साहित करना भी इस आयोजन के केंद्र में है।

आयोजन समिति की बात

मेला आयोजन समिति के संयोजक सतीश विश्वकर्मा ने कहा कि यह स्वदेशी मेला महज़ एक व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि 'लोकल फॉर वोकल' और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने का महाअभियान है। उन्होंने बताया कि मेला खरीदारी और व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा — यह भारतीय कला, संस्कृति और परंपराओं का उत्सव भी बनेगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और युवा जुड़ाव

मेले में प्रतिदिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होंगी। स्कूली बच्चों के कार्यक्रमों के साथ-साथ नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाएँगी, जिनका उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वदेशी विचार से जोड़ना है। इन गतिविधियों के माध्यम से भारतीय उत्पादों के प्रति युवाओं में रुचि बढ़ाने और स्वदेशी की सोच को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास होगा।

आम जनता पर असर

यह मेला उपभोक्ताओं को भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता, विविधता और उपयोगिता से परिचित कराने का अवसर देगा। गौरतलब है कि ऐसे आयोजन स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए बड़े शहरी बाज़ारों तक पहुँचने का एक अहम ज़रिया बनते हैं, जो अन्यथा सीमित वितरण नेटवर्क के कारण पीछे रह जाते हैं।

23 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस 12 दिवसीय मेले पर मध्य प्रदेश के व्यापार और उद्यमिता जगत की नज़रें टिकी रहेंगी, यह देखने के लिए कि स्वदेशी उत्पादों को मिलने वाला यह मंच स्थानीय अर्थव्यवस्था को कितनी नई रफ़्तार दे पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इनसे स्थानीय उत्पादकों की आय में टिकाऊ बढ़ोतरी होती है या ये मौसमी प्रदर्शनियों में सिमट कर रह जाते हैं। MSME मंत्रालय के अपने आँकड़े बताते हैं कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी कारीगरों की सबसे बड़ी चुनौती एकमुश्त बिक्री नहीं, बल्कि वर्षभर चलने वाला वितरण नेटवर्क है। यदि स्वदेशी जागरण मंच इस मेले को डिजिटल ऑनबोर्डिंग या सरकारी जेम पोर्टल से जोड़ता है, तो यह महज़ उत्सव से आगे जाकर वास्तविक बाज़ार-विस्तार का ज़रिया बन सकता है — अन्यथा यह 12 दिन की रौनक बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोपाल स्वदेशी मेला 2026 कब और कहाँ लगेगा?
यह मेला 23 अक्टूबर 2026 से भोपाल के एमवीएम मैदान पर शुरू होगा और 12 दिनों तक चलेगा। आयोजन स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।
स्वदेशी मेले में कितने स्टाल लगेंगे और कौन-से उत्पाद मिलेंगे?
मेले में 200 से अधिक स्टाल लगाए जाएँगे जिनमें स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और MSME उद्यमियों के स्वदेशी उत्पाद प्रदर्शित एवं विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे। उपभोक्ताओं को भारतीय उत्पादों की विविधता और गुणवत्ता से परिचित कराना इसका मुख्य उद्देश्य है।
स्वदेशी मेले का आयोजन क्यों किया जा रहा है?
आयोजकों के अनुसार यह मेला 'लोकल फॉर वोकल' और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को ज़मीनी स्तर पर साकार करने के लिए है। इसका उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को व्यापक बाज़ार उपलब्ध कराना और युवाओं व महिलाओं में उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करना है।
स्वदेशी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे क्या?
हाँ, मेले में प्रतिदिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होंगी। स्कूली बच्चों के कार्यक्रमों के साथ-साथ नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाएँगी, जिनका लक्ष्य नई पीढ़ी को स्वदेशी विचार से जोड़ना है।
इस मेले से स्थानीय कारीगरों को क्या फायदा होगा?
स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे शहरी उपभोक्ताओं तक पहुँचाने का मौका मिलेगा, जो सामान्यतः सीमित वितरण नेटवर्क के कारण संभव नहीं होता। मेला उन्हें व्यापक बाज़ार और बेहतर आमदनी का अवसर देने का प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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