बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर 'पटना जू' हुआ, 64 प्रस्तावों को मंजूरी
सारांश
Key Takeaways
- संजय गांधी जैविक उद्यान, पटना का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से 'पटना जू' किया गया।
- बिहार कैबिनेट की 29 अप्रैल 2026 की बैठक में कुल 64 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
- बिहार वानिकी महाविद्यालय, मुंगेर में 85 पुराने पदों के स्थान पर 250 नए पद सृजित किए जाएंगे।
- बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ (90 किमी) को पीपीपी मोड पर विकसित किया जाएगा।
- जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय का नाम 'भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय-सह-वाचनालय' किया गया।
- बिहार कैंसर केयर एण्ड रिसर्च सोसाइटी के लिए 6 नए पद सृजित होंगे।
बिहार की राजधानी पटना के प्रसिद्ध संजय गांधी जैविक उद्यान को अब 'पटना जू' के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 29 अप्रैल 2026 को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में यह प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। इस बैठक में कुल 64 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जो सम्राट कैबिनेट की दूसरी बैठक थी।
नाम परिवर्तन का विवरण
बैठक के बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संजय गांधी जैविक उद्यान, पटना का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से 'पटना जू' कर दिया गया है। इसके साथ ही उद्यान के संचालन के लिए गठित संजय गांधी जैविक उद्यान प्रबंधन एवं विकास सोसाईटी का नाम भी बदलकर 'पटना जू प्रबंधन एवं विकास सोसाईटी' किया जाएगा। गौरतलब है कि यह उद्यान पटना के सबसे लोकप्रिय सार्वजनिक स्थलों में से एक है और लाखों आगंतुकों को प्रतिवर्ष आकर्षित करता है।
शिक्षा एवं वन विभाग से जुड़े अहम फैसले
बिहार वानिकी महाविद्यालय एवं शोध संस्थान, मुंगेर के स्थायी स्थापना के तहत पठन-पाठन, विभागीय प्रशिक्षण एवं शोध कार्यों के सुचारू संचालन के लिए पूर्व से सृजित 85 पदों को बदलते हुए विभिन्न कोटि के कुल 250 पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई। यह निर्णय संस्थान की शैक्षणिक क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा।
बुनियादी ढाँचा एवं पर्यावरण से संबंधित निर्णय
राज्य में पर्यावरणीय एवं जलवायु सहनशील गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए बिहार हरित जलवायु कोष के गठन को भी स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त, बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ, जिसकी लंबाई 90 किलोमीटर है, को पीपीपी मोड पर बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के माध्यम से क्रियान्वित करने एवं डीपीआर, परामर्शी एवं ट्रांजैक्शन एडवाइजर की सेवाएँ प्राप्त करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दी।
स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण के निर्णय
ऑटिज्म से ग्रस्त लोगों की चिकित्सा के लिए पटना मास्टर प्लान 2031 के तहत गर्दनीबाग में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल की भूमि पर 'सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना को मंजूरी दी गई। इसके संचालन के लिए देश के राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों में से उत्कृष्ट संस्थान के चयन की प्रक्रिया नामांकन के आधार पर की जाएगी। कैंसर की रोकथाम एवं चिकित्सा के लिए बिहार कैंसर केयर एण्ड रिसर्च सोसाइटी के कार्यालय संचालन हेतु 6 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई।
संस्कृति एवं नगर प्रशासन के फैसले
कला एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत स्थापित जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय में वाचनालय प्रारंभ किया जाएगा और इसका नाम 'भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय-सह-वाचनालय' कर दिया गया है। पटना शहरी क्षेत्र की पुलिसिंग एवं नगर व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (नगर व्यवस्था) के एक नए पद के सृजन को भी मंजूरी दी गई, जिससे जिला प्रशासन, पुलिस एवं स्थानीय निकाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा। इन निर्णयों से बिहार में शासन, स्वास्थ्य, पर्यावरण और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में व्यापक बदलाव की उम्मीद है।