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क्या बिहार चुनाव से पहले 246 करोड़ से ज्यादा की नकदी और नशीले पदार्थ जब्त हुए?

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क्या बिहार चुनाव से पहले 246 करोड़ से ज्यादा की नकदी और नशीले पदार्थ जब्त हुए?

सारांश

बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच, प्रवर्तन एजेंसियों ने 246 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध नकदी और नशीले पदार्थ जब्त किए। यह कार्रवाई मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों को रोकने के लिए की गई है। जानिए इस अभियान के तहत क्या-क्या हुआ।

मुख्य बातें

246 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वस्तुएं जब्त की गईं।
प्रवर्तन एजेंसियों ने निगरानी बढ़ाई।
मतदाताओं की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की गई।
असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए।
बिहार में चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की कोशिश।

पटना, 13 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद, राज्य में प्रवर्तन एजेंसियों ने मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धन, शराब, नशीले पदार्थों और अन्य प्रलोभनों के अवैध उपयोग पर रोक लगाने के लिए अपनी निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया है।

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को बिहार में 246.23 करोड़ रुपए मूल्य की वस्तुएं जब्त की गईं। इनमें 7.7 लाख रुपए नकद, 130.64 लाख रुपए की शराब, 68.6 लाख रुपए के नशीले पदार्थ, 20 लाख रुपए की कीमती धातुएं और 39 लाख रुपए के उपहार एवं अन्य सामग्री शामिल हैं।

आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से एजेंसियों ने कुल मिलाकर 78 लाख रुपए नकद, 1,201.1 लाख की शराब, 442 लाख के नशीले पदार्थ, 278.80 करोड़ की कीमती धातुएं और 514.1 लाख के मुफ्त उपहार एवं अन्य वस्तुएं जब्त की हैं।

स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए, जिला प्रशासन, पुलिस, आबकारी विभाग, आयकर विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, सीमा शुल्क और मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीमों द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। राज्य में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए असामाजिक और विघटनकारी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

अब तक, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, प्रमाणन प्राधिकरण नियंत्रक और अन्य संबंधित अधिनियमों के तहत 2,60,211 निवारक मुचलके निष्पादित किए गए हैं और 556 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है।

पटना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सभी जिला अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने, अंतर-एजेंसी समन्वय बढ़ाने और हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि इन उपायों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिहार में मतदाता बिना किसी प्रलोभन या दबाव के स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में कानून और व्यवस्था की स्थिति को भी मजबूत करती है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में कितनी राशि जब्त की गई है?
बिहार में कुल 246.23 करोड़ रुपए मूल्य की वस्तुएं जब्त की गई हैं।
आदर्श आचार संहिता का क्या महत्व है?
आदर्श आचार संहिता चुनावों के दौरान निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य क्या है?
इस कार्रवाई का उद्देश्य मतदाताओं को प्रलोभित करने से रोकना है ताकि वे स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकें।
राष्ट्र प्रेस
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