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क्या बिहार में ज्वेलरी शॉप में हिजाब और हेलमेट बैन सही है?

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क्या बिहार में ज्वेलरी शॉप में हिजाब और हेलमेट बैन सही है?

सारांश

बिहार में ज्वेलरी शॉप में हिजाब और हेलमेट पर रोक के फैसले पर मंत्री लखेंद्र पासवान का समर्थन। यह निर्णय सराफा व्यापारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जानें इसके राजनीतिक प्रभाव और मंत्री का दृष्टिकोण।

मुख्य बातें

सुरक्षा कारणों से हिजाब और हेलमेट पर प्रतिबंध लगाया गया है।
मंत्री लखेंद्र पासवान ने व्यापारियों के फैसले का समर्थन किया है।
यह निर्णय राजनीतिक विवाद का कारण बना है।
राज्य में सुशासन की बात की जा रही है।
सराफा व्यापारियों का यह निर्णय पारदर्शिता को बढ़ावा देगा।

पटना, ८ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में सराफा व्यापारियों ने सुरक्षा कारणों से ज्वेलरी शॉप में हिजाब, मास्क और हेलमेट पहनकर प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया है, जिसके चलते राज्य में राजनीतिक हलचल मची है। इस संदर्भ में, बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने व्यापारियों के इस निर्णय की सराहना और समर्थन किया है।

मंत्री लखेंद्र पासवान ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सुशासन की स्थापना हुई है। जब सुशासन होता है, तो सब कुछ पारदर्शी होता है। अगर दुकानदारों ने अपनी सुरक्षा के लिए यह तय किया है कि कोई भी व्यक्ति दुकानों में हेलमेट या हिजाब पहनकर नहीं आएगा, तो यह एक सकारात्मक पहल है। इसका उद्देश्य यह है कि ग्राहक की पहचान हो सके।"

उन्होंने कहा, "अगर दुकानदारों के संगठन ने ऐसा निर्णय लिया है, तो मैं इस निर्णय की सराहना करता हूं और इसका पूर्ण समर्थन करता हूं।"

लखेंद्र पासवान ने मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों को सरकारी कार्यालयों में सप्ताह के दो दिन आम लोगों की शिकायतों का निवारण करने के आदेश की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह से ९९ प्रतिशत समस्याएं हल हो जाएंगी। मंत्री ने कहा कि भूमि से जुड़े अधिकांश विवाद भाई-भाई या करीबी रिश्तेदारों के बीच होते हैं और ये भी सुलझ जाएंगे। छोटे-छोटे विवादों के लिए कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

उन्होंने कहा, "मैं मुख्यमंत्री और भारत सरकार के इस निर्णय का समर्थन और स्वागत करता हूं। यह एक सार्थक और रचनात्मक निर्णय है।" देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लक्ष्य एक विकसित बिहार और एक मजबूत राष्ट्र बनाना है।

दिल्ली स्थित जेएनयू कैंपस में विवादित नारों पर लखेंद्र पासवान ने कहा कि देश विरोधी नारे लगाने वाले व्यक्तियों को इस देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसे लोगों का समर्थन करने वालों के खिलाफ भी कठोर निर्णय लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "अगर आपको भारत की एकता, संस्कृति और मूल्यों के लिए कोई सम्मान नहीं है, तो आपको वह विचारधारा अपना लेनी चाहिए।"

संपादकीय दृष्टिकोण

इसे सांस्कृतिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ जोड़कर देखना भी आवश्यक है। यह मुद्दा राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, जिसे सही तरीके से समझने की आवश्यकता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ज्वेलरी शॉप में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध उचित है?
सुरक्षा कारणों से व्यापारियों का यह निर्णय उचित है, लेकिन इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के दृष्टिकोण से भी देखना चाहिए।
मंत्री लखेंद्र पासवान का इस फैसले पर क्या कहना है?
मंत्री लखेंद्र पासवान ने इस फैसले की सराहना की है और इसे एक सकारात्मक पहल बताया है।
क्या यह निर्णय राजनीतिक रूप से विवादास्पद है?
हाँ, इस निर्णय पर राजनीतिक हलचल मची है और यह राज्य की सुरक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच का मुद्दा है।
राष्ट्र प्रेस
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