क्या बिहार के 14 करोड़ लोगों में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के खिलाफ गुस्सा है?

सारांश
Key Takeaways
- नित्यानंद राय ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की आलोचना की।
- प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपमान की टिप्पणियाँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
- बिहार के 14 करोड़ लोगों की भावनाएं महत्वपूर्ण हैं।
- विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए गए।
- माफी न मांगने पर भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।
पटना, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के समर्थकों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर दोनों पार्टियों को कटघरे में खड़ा करते हुए राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से बिहार और देश के लोगों से माफी मांगने की मांग की।
उन्होंने कहा, "बिहार के लोग दुनिया के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री पर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के मंच से की गई टिप्पणी को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे विपक्ष के नेता बनने के योग्य नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 'वोटर अधिकार यात्रा' के नाम पर देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विरोधी दलों के लोगों ने 'वोटर अधिकार यात्रा' को गाली-गलौज का मंच बना दिया है। आजकल राहुल गांधी और तेजस्वी यादव संविधान की कॉपी जेब में लेकर घूम रहे हैं, लेकिन इन लोगों ने संविधान को मजाक बना दिया है।
उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नहीं पता कि प्रधानमंत्री का पद संवैधानिक है? प्रधानमंत्री पूरे देश के होते हैं, किसी पार्टी के नहीं?
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए तत्काल माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा भारतीय जनता पार्टी चुप नहीं बैठेगी। बिहार के 14 करोड़ लोगों में गहरा गुस्सा है और इसका जवाब जनता देने के लिए तैयार है।