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क्या बिहार कृषि विश्वविद्यालय के पान अनुसंधान केंद्र को फिर मिला उत्कृष्ट केंद्र पुरस्कार?

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क्या बिहार कृषि विश्वविद्यालय के पान अनुसंधान केंद्र को फिर मिला उत्कृष्ट केंद्र पुरस्कार?

सारांश

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के पान अनुसंधान केंद्र को एक बार फिर उत्कृष्टता का पुरस्कार मिला है। इसने पहले भी दो बार पुरस्कार जीते हैं। जानिए इस केंद्र की उपलब्धियों और डॉ. शिवनाथ दास को मिले सम्मान के बारे में।

मुख्य बातें

पान अनुसंधान केंद्र को पुनः उत्कृष्टता का पुरस्कार मिला।
शिवनाथ दास को वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
बैठक में अनुसंधान कार्यों की समीक्षा की गई।
मगही पान पर आधारित पुस्तक का विमोचन हुआ।
किसानों के लिए तकनीकी जानकारी साझा की गई।

पटना, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाला पान अनुसंधान केंद्र (बीआरसी), इस्लामपुर को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर 'उत्कृष्ट केंद्र पुरस्कार' से नवाजा गया है। इस केंद्र ने पूर्व में भी दो बार सर्वश्रेष्ठ केंद्र पुरस्कार जीते हैं।

इस कार्यक्रम में, औषधीय एवं सुगंधित पौधों और पान आधारित अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए डॉ. शिवनाथ दास को 'सर्वश्रेष्ठ एआइसीआरपी वैज्ञानिक पुरस्कार' प्रदान किया गया। यह सम्मान औषधीय एवं सुगंधित पौधों तथा पान पर आधारित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना की 33वीं वार्षिक समूह बैठक के दौरान दिया गया।

बैठक का आयोजन 20 से 22 जनवरी तक कृषि महाविद्यालय, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पासीघाट, अरुणाचल प्रदेश में हुआ। इस दौरान देश भर में विभिन्न केंद्रों के अनुसंधान कार्यों की समीक्षा की गई। अनुसंधान उपलब्धियों, तकनीकी प्रगति और परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर बीआरसी, इस्लामपुर को इस वर्ष पुनः उत्कृष्ट केंद्र घोषित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान जियोग्राफिकल इंडिकेशन-ऑथराइज्ड यूजर्स ऑफ मगही पान विषय पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। यह पुस्तक मगही पान को प्राप्त भौगोलिक संकेतक के बाद अधिकृत उपयोगकर्ताओं, किसानों एवं हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक मानी जा रही है। इसके विमोचन से मगही पान की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है।

कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक डॉ. सुधाकर पांडे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने वैज्ञानिकों से अनुसंधान परिणामों को व्यावहारिक तकनीकों के रूप में किसानों तक शीघ्र पहुँचाने का आह्वान किया। तीन दिवसीय बैठक के दौरान औषधीय एवं सुगंधित पौधों तथा पान से संबंधित अनुसंधान कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

इस अवसर पर फसल सुधार, फसल उत्पादन, फसल संरक्षण, फाइटोकेमिस्ट्री एवं प्लेनरी सत्र के माध्यम से वैज्ञानिकों ने अपने शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किए और आगामी वर्ष के लिए तकनीकी एवं अनुसंधान कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल राज्य बल्कि समस्त देश के लिए गौरव का विषय है। इस तरह के शोध एवं पुरस्कार देश के कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास का संकेत हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के पान अनुसंधान केंद्र को कब पुरस्कार मिला?
बीआरसी को 22 जनवरी को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट केंद्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
डॉ. शिवनाथ दास को कौन सा पुरस्कार मिला?
डॉ. शिवनाथ दास को 'सर्वश्रेष्ठ एआइसीआरपी वैज्ञानिक पुरस्कार' प्रदान किया गया।
बैठक का आयोजन कहाँ हुआ?
बैठक का आयोजन कृषि महाविद्यालय, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पासीघाट, अरुणाचल प्रदेश में हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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