बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? एनडीए शीर्ष नेतृत्व करेगा फैसला: श्रवण कुमार
सारांश
Key Takeaways
- निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग जदयू में बढ़ रही है।
- अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह एनडीए के शीर्ष नेतृत्व तय करेगा।
- गैस संकट की कोई वास्तविकता नहीं है, यह केवल अफवाहें हैं।
- विपक्ष के महाभियोग प्रस्ताव पर सख्त रुख अपनाया गया है।
- राज्यसभा चुनाव को लेकर विधायकों को दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
पटना, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने जदयू नेता निशांत कुमार के मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह निर्णय एनडीए के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।
मीडिया से बातचीत में मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया कि अभी मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और इस पर अंतिम विचार एनडीए के वरिष्ठ नेताओं द्वारा ही किया जाएगा। यह बयान उस समय आया है जब सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद उनके बेटे की जदयू में एंट्री हुई है, जिसके चलते बिहार में अगला मुख्यमंत्री उन्हें बनाने की मांग उठ रही है।
जदयू के कई विधायक निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि यह मांग स्वाभाविक है और उनके समर्थक चाहते हैं कि वे मुख्यमंत्री बनें, लेकिन इस मामले में अंतिम निर्णय एनडीए के बड़े नेता ही करेंगे।
एलपीजी संकट पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि गैस की कोई कमी नहीं है और किसी भी स्थान पर कोई समस्या नहीं है। कुछ अफवाह फैलाने वाले और कालाबाजारी करने वाले लोग इस मामले में सक्रिय हैं। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि देश का संविधान सभी के लिए है और नियमों के खिलाफ किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि इस विषय पर गुरुवार को उनकी डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के साथ बैठक हुई थी, जहां विधायकों को चुनाव के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए। शनिवार को उपेंद्र कुशवाहा के साथ और १५ मार्च को संसदीय कार्यमंत्री के साथ बैठक होगी।
विपक्ष के दावों पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि वे विधानसभा चुनाव से पहले भी सरकार बनाने का दावा करते रहे हैं। हमें विश्वास है कि राज्यसभा की सभी पांच सीटें एनडीए के खाते में आएंगी।