क्या बिहार में आम लोगों के लिए अधिकारियों से मिलना हुआ आसान?
सारांश
Key Takeaways
- सप्ताह में दो दिन अधिकारियों से मिलने का अवसर।
- आगंतुकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
- प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता में वृद्धि।
पटना, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में अब लोगों को अपनी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखने के लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इसके बजाय, अधिकारी सप्ताह में दो दिन लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए अपने कार्यालय कक्ष में मौजूद रहेंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस संदर्भ में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "कई बार देखा गया है कि जब आम लोग अपनी समस्याओं के लिए सरकारी कार्यालय जाते हैं तो अधिकारी मौजूद नहीं होते, जिससे उन्हें असुविधा होती है। इसे ध्यान में रखते हुए, अब राज्य के नागरिकों को सरकारी कार्यालयों में किसी भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।"
उन्होंने आगे कहा, "हर सप्ताह के दो कार्यदिवस (सोमवार और शुक्रवार) को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल और राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में लोग अपनी शिकायतों का समाधान संबंधित अधिकारियों से उनके निर्धारित कार्यस्थल पर मिलकर कर सकेंगे।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दो दिनों में सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर लोगों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे और उनकी शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समाधान करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों को सम्मानपूर्वक बैठाने और मिलने के साथ-साथ उनके लिए आवश्यक सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था की जाएगी। आगंतुकों से मिली शिकायतों का रजिस्टर रखा जाएगा और शिकायतों की सतत् निगरानी भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को 19 जनवरी से लागू करने का निर्देश दिया है और लोगों से 10 जनवरी तक इस व्यवस्था पर सुझाव मांगे हैं।