28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या बिहार में गठबंधन धर्म का पालन करते हुए कांग्रेस को सम्मान मिलना चाहिए?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बिहार में गठबंधन धर्म का पालन करते हुए कांग्रेस को सम्मान मिलना चाहिए?

सारांश

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बैठक को लेकर पप्पू यादव का बयान। क्या बिहार में कांग्रेस को सम्मान मिलना चाहिए? जानें पप्पू यादव का दृष्टिकोण और गठबंधन धर्म का महत्व।

मुख्य बातें

गठबंधन धर्म का पालन होना आवश्यक है।
कांग्रेस को उचित सम्मान मिलना चाहिए।
राजनीतिक स्थिरता के लिए सभी को एकजुट होना होगा।
मतदाता पुनरीक्षण में पारदर्शिता जरूरी है।
पप्पू यादव का कार्यकर्ता रूप में ध्यान केंद्रित है।

पटना, 14 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में सांसदों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया है। इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) इस कदम से नाराज दिख रहा है। जब पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, "हमें कोई नाराजगी नहीं है। मेरा ध्यान एक कार्यकर्ता के रूप में अपने कार्य पर केंद्रित है।"

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि इस बैठक में उन्हें भी आमंत्रित किया गया है, लेकिन वह केवल सुनेंगे और कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि गठबंधन के तहत कांग्रेस को उचित सम्मान मिलना चाहिए। बिहार में जहां भी कांग्रेस का जनाधार है, वहां उसे सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "यदि गठबंधन धर्म का पालन करते हुए कांग्रेस को सम्मान दिया गया, तो आने वाले समय में महागठबंधन से कोई मुख्यमंत्री जरूर बनेगा।" राहुल गांधी हमेशा से इस दिशा में प्रयास करते रहे हैं। मुझे लगता है कि अन्य घटक दलों को भी इस पर विचार करना चाहिए।

इसके अतिरिक्त, मतदाता पुनरीक्षण के दौरान नेपाल और म्यांमार के नागरिकों के संदर्भ में चिंता जताई गई है। इस पर पप्पू यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह बात कौन कह रहा है। "अगर कोई दूसरा राजनीतिक दल चुनाव नहीं लड़ना चाहता, तो सीधे बता दें कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में केवल भाजपा ही चुनाव लड़ेगी।"

उन्होंने कहा कि यह स्थिति अजीब है। जिनके पास राशन कार्ड और आधार कार्ड जैसे सभी जरूरी दस्तावेज हैं, उनके बारे में भी यही कहा जा रहा है कि वे विदेशी हैं।

जब उनसे पूछा गया कि क्या पटना में महागठबंधन के रोड शो में आरजेडी ने उन्हें मंच पर नहीं चढ़ने दिया था, तो उन्होंने कहा, "मैं इन बातों पर ध्यान नहीं देता। जहां मैं खड़ा होता हूं, वही मेरा मंच होता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बिहार की राजनीति में गठबंधन धर्म का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। पप्पू यादव का दृष्टिकोण इस बात की पुष्टि करता है कि अगर सभी दल एकजुट होकर काम करें, तो बिहार की राजनीतिक स्थिरता में सुधार हो सकता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पप्पू यादव ने कांग्रेस के बारे में कुछ कहा?
हाँ, पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें कांग्रेस के प्रति कोई नाराजगी नहीं है और उनका ध्यान कार्यकर्ता के रूप में काम करने पर है।
कांग्रेस को बिहार में किस तरह का सम्मान मिलना चाहिए?
पप्पू यादव के अनुसार, जहां भी कांग्रेस का जनाधार है, वहां उसे उचित सम्मान मिलना चाहिए।
क्या मतदाता पुनरीक्षण में कोई समस्या है?
पप्पू यादव ने नेपाल और म्यांमार के नागरिकों के शामिल होने पर सवाल उठाया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले