क्या बिहार में पुलिसकर्मियों ने 50 लाख कैश और दो किलो सोना गायब किया?
सारांश
Key Takeaways
- पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं।
- छापेमारी के दौरान 50 लाख कैश गायब हुआ।
- दो किलो सोना भी गायब हुआ है।
- थानाध्यक्ष और दारोगा को निलंबित किया गया।
- जांच जारी है और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हाजीपुर, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र में चोरी की जांच के दौरान पुलिस अधिकारी खुद ही फंस गए हैं। थानाध्यक्ष और एक दारोगा पर यह आरोप है कि उन्होंने जब्त किए गए सामान को जब्ती सूची में दर्ज न करके उसे गायब कर दिया। जब इस मामले की जांच की गई तो उनकी सच्चाई उजागर हो गई, जिसके बाद वैशाली के अधीक्षक ललित मोहन शर्मा ने लालगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार और दारोगा सुमन झा को निलंबित कर दिया और उन्हें लाइन हाजिर कर दिया।
पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, 30 दिसंबर को लालगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बिलनपुर निवासी रामप्रीत सहनी के घर पर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। इस छापेमारी का नेतृत्व थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने किया। छापेमारी में चोरी की सामग्री बरामद की गई, जिसमें तीन टीवी, दो जिंदा कारतूस, एक कारतूस और कुछ तांबे व अन्य धातु के बर्तन शामिल थे।
जांच के दौरान यह आरोप लगाया गया कि लगभग 50 लाख रुपए कैश, करीब दो किलो सोना और 6 किलो चांदी बरामद हुई थी, लेकिन जब्ती सूची में दर्ज करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने इसे गायब कर दिया। आरोपी के रिश्तेदार गेना लाल साहनी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रेड के दौरान पुलिस ने घर से 50 से 60 लाख रुपए कैश, लगभग 2 किलो सोना और 6 किलो चांदी जब्त की, लेकिन इनमें से कुछ भी जब्ती लिस्ट में दर्ज नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि कई गांववालों ने पुलिस अधिकारियों को कीमती सामान ले जाते हुए देखा था। यह सूचना पुलिस अधीक्षक वैशाली को दी गई। जांच के दौरान गड़बड़ियों की प्रारंभिक जांच के बाद, वैशाली के पुलिस अधीक्षक ललित मोहन शर्मा ने सख्त कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष संतोष कुमार और सब-इंस्पेक्टर सुमन झा को निलंबित कर दिया और उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय जांच चल रही है, और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।