क्या बिहार एसआईआर के लिए ईसीआई ने बुलेटिन जारी किया? तीन दिन में मिली इतनी आपत्तियां!

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क्या बिहार एसआईआर के लिए ईसीआई ने बुलेटिन जारी किया? तीन दिन में मिली इतनी आपत्तियां!

सारांश

भारत के निर्वाचन आयोग ने बिहार एसआईआर से जुड़े बुलेटिन में राजनीतिक दलों और मतदाताओं से मिली आपत्तियों का विवरण साझा किया है। जानें इस बुलेटिन में क्या खास है और किस तरह से यह आगामी चुनावों को प्रभावित कर सकता है।

मुख्य बातें

ईसीआई ने बिहार के लिए डेली बुलेटिन जारी किया।
कोई राजनीतिक दलों से आपत्तियां नहीं मिली हैं।
941 दावे और 4,374 फॉर्म प्राप्त हुए हैं।
आपत्तियों का 7 दिनों के भीतर निपटारा होगा।
पहले चरण में 65,64,075 नाम हटाए गए हैं।

नई दिल्ली, 3 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने रविवार को बिहार के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित 1 से 3 अगस्त तक का डेली बुलेटिन जारी किया है। इस बुलेटिन में राजनीतिक दलों, मतदाताओं और नए मतदाताओं से प्राप्त दावों, आपत्तियों और फॉर्म्स की जानकारी साझा की गई है।

ईसीआई ने बताया कि बिहार एसआईआर 2025 के तहत 1 अगस्त से 3 अगस्त दोपहर 3 बजे तक विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से किसी भी तरह की कोई आपत्तियां नहीं मिली हैं।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, पात्र मतदाताओं की सूची में शामिल करने और अयोग्य मतदाताओं को हटाने के लिए 941 दावे या आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनका निपटारा अभी बाकी है।

चुनाव आयोग ने बताया कि 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले नए मतदाताओं से 4,374 'फॉर्म-6 और घोषणाएं' प्राप्त हुईं, जिनका निपटारा किया जाएगा।

ईसीआई के अनुसार, दावों और आपत्तियों का निपटारा संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ/एईआरओ) द्वारा 7 दिनों के भीतर किया जाएगा।

ईसीआई के मुताबिक, बिहार में आम आदमी पार्टी (आप

इसके अलावा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (लिबरेशन) के 1,496, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के 1,913, जनता दल (यूनाइटेड) के 36,550, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 1,210, राष्ट्रीय जनता दल के 47,506, और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के 270 बीएलए हैं, और उनकी तरफ से भी कोई आपत्ति नहीं मिली है।

एसआईआर आदेश के अनुसार, 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची से नाम तभी हटाया जा सकता है, जब ईआरओ द्वारा जांच और उचित सुनवाई के बाद आदेश दिया जाए।

बता दें कि बिहार में भारत निर्वाचन आयोग ने 1 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की है। एसआईआर के पहले चरण में कुल 65,64,075 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बिहार में निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता आवश्यक है। ईसीआई का यह कदम न केवल राजनीतिक दलों के लिए, बल्कि मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार एसआईआर क्या है?
बिहार एसआईआर का तात्पर्य विशेष गहन पुनरीक्षण से है, जो निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची की समीक्षा के लिए किया जाता है।
ईसीआई ने बुलेटिन में क्या जानकारी साझा की है?
ईसीआई ने बुलेटिन में राजनीतिक दलों और नए मतदाताओं से प्राप्त दावों और आपत्तियों की जानकारी साझा की है।
आपत्तियों का निपटारा कब किया जाएगा?
आपत्तियों का निपटारा संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रेशन ऑफिसर द्वारा 7 दिनों के भीतर किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस