सोन नदी में डूबने से चार युवकों की मौत: भोजपुर के तीर्थ कोल गांव में मातम
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के भोजपुर जिले में शनिवार, 17 अक्टूबर को एक दर्दनाक हादसे में सोन नदी में डूबने से चार युवकों की मौत हो गई। मृतकों में तीन किशोर और एक 25 वर्षीय युवक शामिल हैं। यह घटना संदेश थाना क्षेत्र के तीर्थ कोल गांव की है, जहाँ अब शोक का माहौल पसरा हुआ है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, आकाश कुमार (15 वर्ष), प्रेम कुमार (10 वर्ष) और सिद्धांत कुमार (16 वर्ष) — तीनों किशोर — सोन नदी के घाट पर स्नान करने गए थे। स्नान के दौरान तीनों गहरे पानी की चपेट में आ गए और डूबने लगे। उन्हें संकट में देखकर सुधीर कुमार (25 वर्ष) उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़े। हालाँकि, बचाव की इस कोशिश में सुधीर भी नदी की तेज धारा में समा गए और देखते ही देखते चारों युवक लापता हो गए।
बचाव अभियान और शव बरामदगी
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर बचाव की कोशिश की और तत्काल पुलिस को सूचित किया। इसके बाद प्रशासन एवं बचाव दल ने नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-01 सुशील कुमार ने बताया कि राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम ने सोन नदी से चारों के शव बरामद कर लिए। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
गांव में शोक, परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
एक ही गांव के चार युवकों की एक साथ मौत से तीर्थ कोल गांव में गहरा मातम है। मृतकों के परिजन सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने बताया कि मामले में विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है।
नदी सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर नदियों के घाटों पर स्नान के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं की ओर ध्यान खींचता है। गौरतलब है कि नदियों में पानी की गहराई और तेज बहाव का सही अंदाज़ा न होने के कारण इस प्रकार की घटनाएँ बार-बार सामने आती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घाटों पर चेतावनी संकेत, बचाव उपकरण और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती ऐसे हादसों को रोकने में सहायक हो सकती है। आने वाले दिनों में प्रशासन से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की माँग तेज़ हो सकती है।