बिहार को अरबों की सौगात: जीतन राम मांझी करेंगे बिहटा टेक्नोलॉजी सेंटर का उद्घाटन 28 अप्रैल को
सारांश
Key Takeaways
- 28 अप्रैल 2025 को बिहटा, पटना में MSME टेक्नोलॉजी सेंटर का उद्घाटन होगा।
- केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे।
- यह सेंटर अरबों रुपये की लागत से बना है और बिहार के युवाओं को रोबोटिक्स व हाई-टेक ट्रेनिंग देगा।
- मुजफ्फरपुर, दरभंगा, रोहतास और मुंगेर में भी एक्सटेंशन सेंटर खुलेंगे।
- वर्तमान वित्तीय वर्ष में देशभर में 350 उद्यमी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- SC और ST उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रणाली में भागीदारी के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा।
पटना, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने रविवार को बिहार की जनता को एक बड़ी खुशखबरी दी — 28 अप्रैल 2025 को बिहटा, पटना में अरबों रुपये की लागत से निर्मित टेक्नोलॉजी सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उपस्थित रहेंगे। साथ ही मुजफ्फरपुर, दरभंगा, रोहतास और मुंगेर में बने एक्सटेंशन सेंटरों का भी उद्घाटन होगा।
विपक्ष पर तंज और बिहार को बड़ी सौगात
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए विपक्ष पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि जब भी वे अपने संसदीय क्षेत्र गयाजी के लिए कोई खुशखबरी सुनाते थे, तो विरोधी दल यह सवाल उठाते थे कि 'बिहार को क्या मिला?' अब उन्होंने जवाब देते हुए कहा — लीजिए, अब बिहार के लिए भी सुन लीजिए।
मांझी ने सभी बिहारवासियों से 28 अप्रैल को सुबह 11 बजे बिहटा के सिकंदरपुर स्थित कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया और कहा — 'पीएम नरेंद्र मोदी संग चल पड़ा बिहार, जय हो मोदी सरकार।'
टेक्नोलॉजी सेंटर से बिहार के युवाओं को क्या मिलेगा?
भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय द्वारा स्थापित यह टेक्नोलॉजी सेंटर (Technology Centre, Bihta) बिहार के युवाओं के लिए एक नया अवसर लेकर आया है। इन केंद्रों पर हाई-टेक मशीनरी, रोबोटिक्स और आधुनिक इंजीनियरिंग में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
यह केंद्र एक आत्मनिर्भर और आधुनिक बिहार के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विशेष आग्रह पर मुंगेर में एक्सटेंशन सेंटर भी स्थापित किया गया है, जो क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को गति देगा।
उद्यमी जागरूकता कार्यक्रम और एससी/एसटी उद्यमियों को लाभ
इस कार्यक्रम के अंतर्गत उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम (Entrepreneur Awareness & Vendor Development Programme) का आयोजन किया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में देशभर में ऐसे कुल 350 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उद्यमियों को विक्रेता पंजीकरण, गुणवत्ता मानक और निविदा-आधारित अवसरों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे सार्वजनिक क्षेत्र की खरीद प्रणाली में प्रभावी भागीदारी कर सकें।
राजनीतिक संदर्भ और बिहार में विकास की बड़ी तस्वीर
गौरतलब है कि बिहार लंबे समय से औद्योगिक पिछड़ेपन का दंश झेलता रहा है। राज्य में प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से काफी कम है और पलायन एक बड़ी समस्या बनी हुई है। ऐसे में एमएसएमई आधारित टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना स्थानीय रोजगार सृजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं और एनडीए गठबंधन राज्य में विकास कार्यों को सामने रखकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश में है। जीतन राम मांझी का यह कदम न केवल उनके संसदीय क्षेत्र बल्कि पूरे बिहार में दलित और पिछड़े वर्ग के उद्यमियों को केंद्र में रखकर एक व्यापक राजनीतिक संदेश भी देता है।
28 अप्रैल 2025 को होने वाले इस उद्घाटन समारोह के बाद यह देखना होगा कि इन केंद्रों से बिहार के युवाओं को वास्तविक धरातल पर कितना लाभ मिलता है और रोजगार के आंकड़े किस दिशा में जाते हैं।