2 नवंबर 2026
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वैशाली मुठभेड़: कुख्यात अपराधी राज मंगल उर्फ छोटू के पैर में गोली, STF-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

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वैशाली मुठभेड़: कुख्यात अपराधी राज मंगल उर्फ छोटू के पैर में गोली, STF-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

सारांश

वैशाली जिले में STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात अपराधी राज मंगल उर्फ छोटू को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। समस्तीपुर कोर्ट से 2025 में फरार यह आरोपी अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का मुख्य संदिग्ध है और उस पर एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।

मुख्य बातें

वैशाली के मरमला चौर में 2 नवंबर 2026 की देर रात पुलिस व एसटीएफ और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई।
कुख्यात अपराधी राज मंगल कुमार उर्फ छोटू के दाहिने पैर में गोली लगी; उसे हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आरोपी पर लूट व आर्म्स एक्ट समेत एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं; वह अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
आरोपी 2025 में समस्तीपुर कोर्ट से फरार हुआ था, तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
घटनास्थल से हथियार बरामद; FSL टीम ने साक्ष्य एकत्र किए; फरार अपराधियों की तलाश जारी।
पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने मुठभेड़ की पुष्टि की और मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया।

वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत दिगही कला स्थित मरमला चौर में 2 नवंबर 2026 की देर रात बिहार पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें कुख्यात अपराधी राज मंगल कुमार उर्फ छोटू के दाहिने पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ उसका उपचार जारी है।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, वैशाली पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि रविवार रात कुछ अपराधी मरमला चौर में एकत्र होने वाले हैं। इसी सूचना के आधार पर सदर एसडीपीओ-1 के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की।

घेराबंदी के दौरान पुलिस को देखते ही आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें राज मंगल कुमार के दाहिने पैर में गोली लगी। उसके साथ मौजूद अन्य अपराधी मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से पुलिस ने हथियार भी बरामद किए हैं।

आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि

पुलिस के मुताबिक, राज मंगल कुमार उर्फ छोटू वैशाली और समस्तीपुर जिलों में लंबे समय से सक्रिय था। उसके खिलाफ लूट, आर्म्स एक्ट समेत एक दर्जन से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।

वह समस्तीपुर के चर्चित अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में वह पुलिस को चकमा देकर समस्तीपुर कोर्ट से फरार हो गया था, जिसके बाद से उसकी तलाश जारी थी।

पुलिस अधीक्षक की प्रतिक्रिया और साक्ष्य संग्रह

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि की है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं।

हाजीपुर सदर अस्पताल में घायल आरोपी के उपचार के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। डॉक्टरों की टीम उसका उपचार कर रही है।

आगे की जाँच और छापेमारी

पुलिस फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। मामले में आगे की जाँच जारी है। यह मुठभेड़ बिहार में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई की उस बढ़ती श्रृंखला का हिस्सा है जो फरार और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ चलाई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक अदालती सुरक्षा और जेल प्रबंधन में कमजोरियाँ बनी रहेंगी, ऐसी 'कैच-एंड-रिलीज' स्थितियाँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैशाली मुठभेड़ में क्या हुआ?
2 नवंबर 2026 की देर रात वैशाली जिले के मरमला चौर में STF और पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी के दौरान अपराधियों से मुठभेड़ की, जिसमें कुख्यात अपराधी राज मंगल कुमार उर्फ छोटू के दाहिने पैर में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राज मंगल कुमार उर्फ छोटू कौन है?
राज मंगल कुमार उर्फ छोटू वैशाली और समस्तीपुर जिलों में सक्रिय एक कुख्यात अपराधी है, जिस पर लूट और आर्म्स एक्ट समेत एक दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। वह समस्तीपुर के चर्चित अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
आरोपी कब और कहाँ से फरार हुआ था?
राज मंगल कुमार वर्ष 2025 में पुलिस को चकमा देकर समस्तीपुर कोर्ट से फरार हो गया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में थी और अंततः 2 नवंबर 2026 की रात उसे मुठभेड़ में पकड़ा गया।
मुठभेड़ में पुलिस को कैसे सफलता मिली?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अपराधी मरमला चौर में एकत्र होने वाले हैं। सदर एसडीपीओ-1 के नेतृत्व में पुलिस ने घेराबंदी की और आरोपी द्वारा फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में उसे घायल कर पकड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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