वैशाली मुठभेड़: कुख्यात अपराधी राज मंगल उर्फ छोटू के पैर में गोली, STF-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत दिगही कला स्थित मरमला चौर में 2 नवंबर 2026 की देर रात बिहार पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें कुख्यात अपराधी राज मंगल कुमार उर्फ छोटू के दाहिने पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ उसका उपचार जारी है।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, वैशाली पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि रविवार रात कुछ अपराधी मरमला चौर में एकत्र होने वाले हैं। इसी सूचना के आधार पर सदर एसडीपीओ-1 के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की।
घेराबंदी के दौरान पुलिस को देखते ही आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें राज मंगल कुमार के दाहिने पैर में गोली लगी। उसके साथ मौजूद अन्य अपराधी मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से पुलिस ने हथियार भी बरामद किए हैं।
आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि
पुलिस के मुताबिक, राज मंगल कुमार उर्फ छोटू वैशाली और समस्तीपुर जिलों में लंबे समय से सक्रिय था। उसके खिलाफ लूट, आर्म्स एक्ट समेत एक दर्जन से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वह समस्तीपुर के चर्चित अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में वह पुलिस को चकमा देकर समस्तीपुर कोर्ट से फरार हो गया था, जिसके बाद से उसकी तलाश जारी थी।
पुलिस अधीक्षक की प्रतिक्रिया और साक्ष्य संग्रह
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि की है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं।
हाजीपुर सदर अस्पताल में घायल आरोपी के उपचार के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। डॉक्टरों की टीम उसका उपचार कर रही है।
आगे की जाँच और छापेमारी
पुलिस फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। मामले में आगे की जाँच जारी है। यह मुठभेड़ बिहार में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई की उस बढ़ती श्रृंखला का हिस्सा है जो फरार और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ चलाई जा रही है।