30 सितंबर 2026
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बिहार अफसर दंपति पर विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: ₹80 लाख कैश, 48 घड़ियाँ और ₹2.92 करोड़ की संपत्ति बरामद

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बिहार अफसर दंपति पर विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: ₹80 लाख कैश, 48 घड़ियाँ और ₹2.92 करोड़ की संपत्ति बरामद

सारांश

बिहार विजिलेंस जांच ब्यूरो ने एक अफसर दंपति के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर ₹79.98 लाख नकद, ₹52.60 लाख के गहने और 48 महंगी घड़ियाँ जब्त कीं। दंपति पर ₹1.07 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति का आरोप है और ₹2.92 करोड़ मूल्य की 7 अचल संपत्तियाँ भी चिह्नित की गई हैं।

मुख्य बातें

बिहार विजिलेंस जांच ब्यूरो ने 30 सितंबर 2026 को पटना और बेगूसराय में अफसर दंपति के 4 ठिकानों पर छापेमारी की।
कुल ₹79.98 लाख नकद, ₹52.60 लाख के गहने और 48 कलाई घड़ियाँ (कीमत ₹6.01 लाख ) बरामद हुईं।
आरोपी हैं पटना के अपर जिला दंडाधिकारी रवींद्र कुमार दिवाकर और दानापुर सब-रजिस्ट्रार कुमारी स्वीटी ।
दंपति पर ₹1.07 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति का आरोप; 2017 से 2026 के बीच खरीदी 7 अचल संपत्तियाँ कुल ₹2.92 करोड़ मूल्य की।
मामला 25 सितंबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और BNS धारा 61(2) के तहत दर्ज।
दंपति के दो बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया जारी; दानापुर फ्लैटों का मूल्यांकन टेक्निकल एग्जामिनेशन सेल करेगा।

बिहार विजिलेंस जांच ब्यूरो ने 30 सितंबर 2026 को आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटना और बेगूसराय में एक अफसर दंपति के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में ₹79.98 लाख नकद, ₹52.60 लाख के सोने-चांदी और हीरे के गहने तथा ₹6.01 लाख कीमत की 48 कलाई घड़ियाँ बरामद हुईं। जांच एजेंसी के अनुसार, दंपति पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से ₹1.07 करोड़ अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

कौन हैं आरोपी अफसर दंपति

यह मामला पटना में अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति) के पद पर तैनात रवींद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी के विरुद्ध दर्ज किया गया है। कुमारी स्वीटी वर्तमान में दानापुर में सब-रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हैं।

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, रवींद्र कुमार दिवाकर ने 2000 में एक शिक्षक के रूप में सरकारी सेवा शुरू की और बाद में प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति पाई। उन्होंने सारण में जिला जनसंपर्क अधिकारी, कटिहार और दरभंगा में वरिष्ठ उप कलेक्टर, सहरसा में लोक शिकायत निवारण अधिकारी, समस्तीपुर में अनुमंडल पदाधिकारी और गया व पटना में वरिष्ठ उप कलेक्टर के रूप में सेवाएँ दीं। उन्हें अक्टूबर 2025 में पटना में अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति) नियुक्त किया गया।

उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी 2013 बैच की सब-रजिस्ट्रार हैं। वे 2013 से 2017 तक टेघरा, 2017 से 2021 तक हवेली खड़गपुर, 2021 से 2024 तक सकरा में तैनात रहीं और 2024 में उनकी पोस्टिंग दानापुर में हुई।

छापेमारी में क्या-क्या मिला

विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, पटना स्थित दंपति के फ्लैट से ₹70.53 लाख नकद बरामद हुए, जबकि बेगूसराय वाले घर से ₹9.44 लाख जब्त किए गए — कुल मिलाकर ₹79.98 लाख नकद।

गहनों के मामले में पटना से ₹23.89 लाख और बेगूसराय से ₹28.70 लाख मूल्य के आभूषण मिले, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹52.60 लाख आँकी गई है। इसके साथ ही विभिन्न ब्रांड की 48 कलाई घड़ियाँ भी बरामद हुईं, जिनकी कीमत करीब ₹6.01 लाख है। निवेश और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं और दंपति के दो बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया चल रही है।

अचल संपत्तियों का ब्यौरा

विजिलेंस ब्यूरो ने दंपति के नाम पर 2017 से 2026 के बीच खरीदी गई 7 अचल संपत्तियों की पहचान की है। इनमें दानापुर में दो फ्लैट, फुलवारी शरीफ में कुल 11.7 डिसमिल के तीन प्लॉट और बेगूसराय में कुल 24 डिसमिल के दो प्लॉट शामिल हैं।

दस्तावेजों के अनुसार इन सात संपत्तियों की कुल कीमत लगभग ₹2.92 करोड़ है। गौरतलब है कि दानापुर के दो फ्लैटों की वास्तविक कीमत का आकलन अभी बाकी है, क्योंकि छापेमारी के दौरान वहाँ लकड़ी और प्लाईवुड का इंटीरियर कार्य चल रहा था। इसका मूल्यांकन टेक्निकल एग्जामिनेशन सेल द्वारा किया जाएगा।

कानूनी कार्यवाही और आगे की जांच

यह केस 25 सितंबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत दर्ज किया गया था। छापेमारी के लिए पटना के स्पेशल विजिलेंस कोर्ट से सर्च वारंट लिया गया था, जिसके बाद विजिलेंस की चार टीमों ने एक साथ कार्रवाई की।

विजिलेंस जांच ब्यूरो अब बरामद संपत्तियों, वित्तीय अभिलेखों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में सरकारी अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की रफ्तार तेज हुई है। आने वाले दिनों में दंपति की संपत्तियों का पूरा मूल्यांकन सामने आने के बाद कुल अनुपातहीन संपत्ति का आँकड़ा और बढ़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर उप-कलेक्टर और अंततः अपर जिला दंडाधिकारी तक। 48 कलाई घड़ियाँ और चार ठिकानों पर बिखरी नकदी यह संकेत देती है कि सुविधाओं का संचय लंबे समय तक व्यवस्थित रूप से होता रहा। असली सवाल यह है कि वार्षिक संपत्ति विवरण (Annual Property Returns) की समीक्षा प्रक्रिया इतने वर्षों तक इस संचय को क्यों नहीं पकड़ पाई — और क्या यह निगरानी चूक अकेले इस मामले तक सीमित है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार विजिलेंस ने किसके खिलाफ छापेमारी की है?
यह छापेमारी पटना में अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति) रवींद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी, दानापुर सब-रजिस्ट्रार कुमारी स्वीटी के विरुद्ध की गई है। दंपति पर अपनी ज्ञात आय से ₹1.07 करोड़ अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप है।
छापेमारी में कितनी संपत्ति बरामद हुई?
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, कुल ₹79.98 लाख नकद, ₹52.60 लाख के गहने और ₹6.01 लाख कीमत की 48 कलाई घड़ियाँ बरामद हुईं। इसके अलावा ₹2.92 करोड़ मूल्य की 7 अचल संपत्तियाँ भी चिह्नित की गई हैं।
यह मामला कब और किस कानून के तहत दर्ज हुआ?
यह केस 25 सितंबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत दर्ज किया गया था। छापेमारी पटना के स्पेशल विजिलेंस कोर्ट से सर्च वारंट लेने के बाद 30 सितंबर को की गई।
दंपति की अचल संपत्तियाँ कहाँ-कहाँ हैं?
विजिलेंस ब्यूरो ने 2017 से 2026 के बीच खरीदी गई 7 अचल संपत्तियाँ चिह्नित की हैं — दानापुर में दो फ्लैट, फुलवारी शरीफ में 11.7 डिसमिल के तीन प्लॉट और बेगूसराय में 24 डिसमिल के दो प्लॉट। इन संपत्तियों की दस्तावेजी कीमत करीब ₹2.92 करोड़ है।
आगे क्या होगा इस मामले में?
विजिलेंस जांच ब्यूरो बरामद वित्तीय दस्तावेजों और संपत्तियों की विस्तृत जांच कर रहा है। दंपति के दो बैंक खातों को फ्रीज किया जा रहा है और दानापुर के फ्लैटों का मूल्यांकन टेक्निकल एग्जामिनेशन सेल द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद कुल अनुपातहीन संपत्ति का अंतिम आँकड़ा सामने आएगा।
राष्ट्र प्रेस
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