बिहार अफसर दंपति पर विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: ₹80 लाख कैश, 48 घड़ियाँ और ₹2.92 करोड़ की संपत्ति बरामद
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विजिलेंस जांच ब्यूरो ने 30 सितंबर 2026 को आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटना और बेगूसराय में एक अफसर दंपति के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में ₹79.98 लाख नकद, ₹52.60 लाख के सोने-चांदी और हीरे के गहने तथा ₹6.01 लाख कीमत की 48 कलाई घड़ियाँ बरामद हुईं। जांच एजेंसी के अनुसार, दंपति पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से ₹1.07 करोड़ अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
कौन हैं आरोपी अफसर दंपति
यह मामला पटना में अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति) के पद पर तैनात रवींद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी के विरुद्ध दर्ज किया गया है। कुमारी स्वीटी वर्तमान में दानापुर में सब-रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हैं।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, रवींद्र कुमार दिवाकर ने 2000 में एक शिक्षक के रूप में सरकारी सेवा शुरू की और बाद में प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति पाई। उन्होंने सारण में जिला जनसंपर्क अधिकारी, कटिहार और दरभंगा में वरिष्ठ उप कलेक्टर, सहरसा में लोक शिकायत निवारण अधिकारी, समस्तीपुर में अनुमंडल पदाधिकारी और गया व पटना में वरिष्ठ उप कलेक्टर के रूप में सेवाएँ दीं। उन्हें अक्टूबर 2025 में पटना में अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति) नियुक्त किया गया।
उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी 2013 बैच की सब-रजिस्ट्रार हैं। वे 2013 से 2017 तक टेघरा, 2017 से 2021 तक हवेली खड़गपुर, 2021 से 2024 तक सकरा में तैनात रहीं और 2024 में उनकी पोस्टिंग दानापुर में हुई।
छापेमारी में क्या-क्या मिला
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, पटना स्थित दंपति के फ्लैट से ₹70.53 लाख नकद बरामद हुए, जबकि बेगूसराय वाले घर से ₹9.44 लाख जब्त किए गए — कुल मिलाकर ₹79.98 लाख नकद।
गहनों के मामले में पटना से ₹23.89 लाख और बेगूसराय से ₹28.70 लाख मूल्य के आभूषण मिले, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹52.60 लाख आँकी गई है। इसके साथ ही विभिन्न ब्रांड की 48 कलाई घड़ियाँ भी बरामद हुईं, जिनकी कीमत करीब ₹6.01 लाख है। निवेश और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं और दंपति के दो बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया चल रही है।
अचल संपत्तियों का ब्यौरा
विजिलेंस ब्यूरो ने दंपति के नाम पर 2017 से 2026 के बीच खरीदी गई 7 अचल संपत्तियों की पहचान की है। इनमें दानापुर में दो फ्लैट, फुलवारी शरीफ में कुल 11.7 डिसमिल के तीन प्लॉट और बेगूसराय में कुल 24 डिसमिल के दो प्लॉट शामिल हैं।
दस्तावेजों के अनुसार इन सात संपत्तियों की कुल कीमत लगभग ₹2.92 करोड़ है। गौरतलब है कि दानापुर के दो फ्लैटों की वास्तविक कीमत का आकलन अभी बाकी है, क्योंकि छापेमारी के दौरान वहाँ लकड़ी और प्लाईवुड का इंटीरियर कार्य चल रहा था। इसका मूल्यांकन टेक्निकल एग्जामिनेशन सेल द्वारा किया जाएगा।
कानूनी कार्यवाही और आगे की जांच
यह केस 25 सितंबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत दर्ज किया गया था। छापेमारी के लिए पटना के स्पेशल विजिलेंस कोर्ट से सर्च वारंट लिया गया था, जिसके बाद विजिलेंस की चार टीमों ने एक साथ कार्रवाई की।
विजिलेंस जांच ब्यूरो अब बरामद संपत्तियों, वित्तीय अभिलेखों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में सरकारी अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की रफ्तार तेज हुई है। आने वाले दिनों में दंपति की संपत्तियों का पूरा मूल्यांकन सामने आने के बाद कुल अनुपातहीन संपत्ति का आँकड़ा और बढ़ सकता है।