20 अगस्त 2026
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बीबीओएसई डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह पर ईओयू की छापेमारी, ₹3.43 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप

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बीबीओएसई डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह पर ईओयू की छापेमारी, ₹3.43 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप

सारांश

बिहार ईओयू ने बीबीओएसई के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह पर शिकंजा कसा — पटना और बेगूसराय में तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी। आरोप है कि उन्होंने ज्ञात आय से 90% अधिक यानी ₹3.43 करोड़ की संपत्ति अर्जित की। यह बिहार में सरकारी अधिकारियों के विरुद्ध ईओयू के बढ़ते अभियान की ताज़ा कड़ी है।

मुख्य बातें

बिहार ईओयू ने 20 अगस्त 2026 को बीबीओएसई के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
कथित अवैध संपत्ति का मूल्य ₹3 करोड़ 43 लाख 78 हज़ार 300 रुपये — ज्ञात आय से 90.04% अधिक।
मामला 19 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) और 13(1)(बी) के तहत दर्ज।
तीन टीमों ने पटना के खजपुरा व मीठापुर और बेगूसराय के परोरा गांव में एक साथ तलाशी ली।
इससे पहले 14 अगस्त को ईओयू ने सड़क निर्माण विभाग के अभियंता संजय कुमार के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी।

बिहार आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने 20 अगस्त 2026 की सुबह बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन (बीबीओएसई) के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में पटना और बेगूसराय में तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई विशेष निगरानी अदालत से सर्च वारंट प्राप्त होने के बाद की गई। ईओयू के अनुसार, 19 अगस्त को मामला दर्ज किया गया था।

आरोप और जांच का दायरा

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अजय कुमार सिंह ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। ईओयू के अनुसार, कथित अवैध संपत्ति का अनुमानित मूल्य ₹3 करोड़ 43 लाख 78 हज़ार 300 रुपये है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 90.04 प्रतिशत अधिक बताई गई है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में वर्ष 2018 में किए गए संशोधन के तहत धारा 13(2) और धारा 13(1)(बी) के अंतर्गत दर्ज किया गया है।

तीन टीमों ने एक साथ की तलाशी

डीएसपी रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में ईओयू की तीन अलग-अलग टीमों ने गुरुवार सुबह एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। पहली टीम ने पटना के खजपुरा स्थित आकाशवाणी रोड पर बी.वी. कॉलेज के निकट चंद्रतारा भवन की तलाशी ली। दूसरी टीम ने मीठापुर स्थित बीबीओएसई के कार्यालय में अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष की जांच की। तीसरी टीम ने बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के परोरा गांव में उनके पैतृक आवास पर छापा मारा।

जांच में क्या खंगाला जा रहा है

अधिकारी संपत्ति से संबंधित दस्तावेज़, वित्तीय कागज़ात और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। ईओयू ने बताया कि तलाशी अभियान अभी जारी है और कार्रवाई पूर्ण होने के बाद बरामद सामग्री के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

बिहार में ईओयू की बढ़ती सक्रियता

यह ताज़ा कार्रवाई बिहार में भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान की एक और कड़ी है। इससे पूर्व 14 अगस्त को ईओयू ने सड़क निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार से जुड़े ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में बिहार शरीफ और नालंदा जिले सहित तीन स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सरकारी पदों पर कथित भ्रष्टाचार के मामलों के विरुद्ध ईओयू की कार्रवाई लगातार तेज़ होती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गौरतलब है कि छापेमारी और दोषसिद्धि के बीच की खाई बिहार में ऐतिहासिक रूप से चौड़ी रही है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या इस मामले में अभियोजन उतनी ही तेज़ी से आगे बढ़ता है जितनी तेज़ी से छापे पड़े — अन्यथा ये कार्रवाइयाँ दीर्घकालिक जवाबदेही की जगह अल्पकालिक संदेश बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईओयू ने बीबीओएसई के डिप्टी डायरेक्टर पर छापेमारी क्यों की?
बिहार आर्थिक अपराध इकाई को जांच में पता चला कि डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से लगभग 90.04% अधिक — यानी ₹3.43 करोड़ की — संपत्ति अर्जित की है। इसी आधार पर 19 अगस्त को मामला दर्ज कर 20 अगस्त को छापेमारी की गई।
किन-किन स्थानों पर छापेमारी की गई?
ईओयू की तीन टीमों ने पटना के खजपुरा स्थित चंद्रतारा भवन, मीठापुर स्थित बीबीओएसई कार्यालय और बेगूसराय जिले के परोरा गांव में पैतृक आवास पर एक साथ तलाशी ली।
अजय कुमार सिंह पर कौन-सी धाराओं के तहत मामला दर्ज है?
मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में 2018 के संशोधन के तहत धारा 13(2) और धारा 13(1)(बी) के अंतर्गत दर्ज किया गया है। विशेष निगरानी अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया।
बिहार में ईओयू की हालिया कार्रवाइयाँ कितनी सक्रिय रही हैं?
14 अगस्त को ईओयू ने सड़क निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार के बिहार शरीफ व नालंदा सहित तीन ठिकानों पर छापेमारी की थी। बीबीओएसई मामला इसी अभियान की अगली कड़ी है, जो सरकारी अधिकारियों के विरुद्ध ईओयू की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है।
छापेमारी में अब तक क्या मिला है?
ईओयू ने बताया कि तलाशी अभियान जारी है और अधिकारी संपत्ति से संबंधित दस्तावेज़ व वित्तीय कागज़ात खंगाल रहे हैं। कार्रवाई पूर्ण होने के बाद बरामद सामग्री की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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