बिहार EOW छापा: नालंदा में कार्यपालक अभियंता संजय कुमार के 3 ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति की जांच
सारांश
मुख्य बातें
आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने 14 अगस्त 2026 को पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में बिहार के नालंदा जिले सहित कुल तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद सुबह-सुबह अलग-अलग टीमें तैनात की गईं और तलाशी अभियान शुरू किया गया।
छापेमारी के स्थान और तैयारी
ईओयू की टीमों ने बिहारशरीफ के मोगलकुआं मोहल्ला और बौलीपर स्थित कार्यपालक अभियंता के पैतृक आवास पर सघन तलाशी अभियान चलाया। दोनों परिसरों को पूरी तरह घेरे में ले लिया गया और घर के किसी भी सदस्य को बाहर जाने तथा किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर आने से सख्ती से रोका गया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह से ही दोनों मोहल्लों में पुलिस और ईओयू के वाहनों की आवाजाही असामान्य रूप से बढ़ गई थी। छापेमारी की सूचना फैलते ही आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने इलाके को नियंत्रण में रखते हुए जांच जारी रखी।
मामले की पृष्ठभूमि
ईओयू को गुप्त सूचना मिली थी कि वर्तमान में खगड़िया जिले में पदस्थापित संजय कुमार ने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक बेनामी संपत्ति अर्जित की है। सूचना के स्वतंत्र सत्यापन के बाद ईओयू ने विधिवत मामला दर्ज किया और न्यायालय से सर्च वारंट हासिल कर यह कार्रवाई की।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई है। हाल के महीनों में ईओयू ने राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारियों पर इसी प्रकार की कार्रवाइयाँ की हैं।
जांच का दायरा
ईओयू के अधिकारी परिसरों में मौजूद हर महत्वपूर्ण दस्तावेज की बारीकी से जांच कर रहे हैं। टीम विशेष रूप से जमीन-जायदाद के दस्तावेज, बैंक पासबुक, लॉकर की चाबियाँ और विभिन्न वित्तीय संस्थानों में किए गए निवेश के रिकॉर्ड खंगाल रही है।
अधिकारियों के अनुसार, अर्जित संपत्ति के सभी स्रोतों का मिलान कार्यपालक अभियंता की वैध आय से किया जाएगा और इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
आगे क्या होगा
फिलहाल छापेमारी जारी है। ईओयू की ओर से अब तक बरामदगी को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तलाशी पूरी होने के बाद ही सम्पूर्ण जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो संजय कुमार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।