14 अगस्त 2026
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बिहार EOW छापा: नालंदा में कार्यपालक अभियंता संजय कुमार के 3 ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति की जांच

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बिहार EOW छापा: नालंदा में कार्यपालक अभियंता संजय कुमार के 3 ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति की जांच

सारांश

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ईओयू की बड़ी कार्रवाई — पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार के नालंदा सहित तीन ठिकानों पर एक साथ छापा। बेनामी संपत्ति और वित्तीय दस्तावेजों की जांच जारी, तलाशी पूरी होने के बाद आधिकारिक बयान आने की उम्मीद।

मुख्य बातें

आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने 14 अगस्त 2026 को पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार के 3 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा।
छापेमारी बिहारशरीफ के मोगलकुआं मोहल्ला और बौलीपर स्थित पैतृक आवास पर की गई।
संजय कुमार वर्तमान में खगड़िया जिले में पदस्थापित हैं और उन पर बेनामी संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
ईओयू ने न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद विधिवत मामला दर्ज कर यह कार्रवाई की।
जमीन-जायदाद के दस्तावेज, बैंक पासबुक , लॉकर की चाबियाँ और निवेश रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
तलाशी पूरी होने के बाद ही बरामदगी का आधिकारिक विवरण जारी किया जाएगा।

आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने 14 अगस्त 2026 को पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में बिहार के नालंदा जिले सहित कुल तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद सुबह-सुबह अलग-अलग टीमें तैनात की गईं और तलाशी अभियान शुरू किया गया।

छापेमारी के स्थान और तैयारी

ईओयू की टीमों ने बिहारशरीफ के मोगलकुआं मोहल्ला और बौलीपर स्थित कार्यपालक अभियंता के पैतृक आवास पर सघन तलाशी अभियान चलाया। दोनों परिसरों को पूरी तरह घेरे में ले लिया गया और घर के किसी भी सदस्य को बाहर जाने तथा किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर आने से सख्ती से रोका गया।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह से ही दोनों मोहल्लों में पुलिस और ईओयू के वाहनों की आवाजाही असामान्य रूप से बढ़ गई थी। छापेमारी की सूचना फैलते ही आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने इलाके को नियंत्रण में रखते हुए जांच जारी रखी।

मामले की पृष्ठभूमि

ईओयू को गुप्त सूचना मिली थी कि वर्तमान में खगड़िया जिले में पदस्थापित संजय कुमार ने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक बेनामी संपत्ति अर्जित की है। सूचना के स्वतंत्र सत्यापन के बाद ईओयू ने विधिवत मामला दर्ज किया और न्यायालय से सर्च वारंट हासिल कर यह कार्रवाई की।

गौरतलब है कि यह कार्रवाई बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई है। हाल के महीनों में ईओयू ने राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारियों पर इसी प्रकार की कार्रवाइयाँ की हैं।

जांच का दायरा

ईओयू के अधिकारी परिसरों में मौजूद हर महत्वपूर्ण दस्तावेज की बारीकी से जांच कर रहे हैं। टीम विशेष रूप से जमीन-जायदाद के दस्तावेज, बैंक पासबुक, लॉकर की चाबियाँ और विभिन्न वित्तीय संस्थानों में किए गए निवेश के रिकॉर्ड खंगाल रही है।

अधिकारियों के अनुसार, अर्जित संपत्ति के सभी स्रोतों का मिलान कार्यपालक अभियंता की वैध आय से किया जाएगा और इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

आगे क्या होगा

फिलहाल छापेमारी जारी है। ईओयू की ओर से अब तक बरामदगी को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तलाशी पूरी होने के बाद ही सम्पूर्ण जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो संजय कुमार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या जांच उस व्यापक नेटवर्क तक पहुँचेगी जो बेनामी संपत्ति को संभव बनाता है। जब तक बरामदगी का विवरण और संपत्ति-आय का अनुपात सार्वजनिक नहीं होता, इस कार्रवाई की वास्तविक गंभीरता का आकलन संभव नहीं।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईओयू ने कार्यपालक अभियंता संजय कुमार पर छापा क्यों मारा?
आर्थिक अपराध इकाई को गुप्त सूचना मिली थी कि पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग कर आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक बेनामी संपत्ति अर्जित की है। सूचना के सत्यापन के बाद ईओयू ने मामला दर्ज कर न्यायालय से सर्च वारंट लिया और 14 अगस्त 2026 को तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
छापेमारी किन-किन जगहों पर हुई?
ईओयू की टीमों ने बिहारशरीफ के मोगलकुआं मोहल्ला और बौलीपर स्थित पैतृक आवास सहित कुल तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। सभी परिसरों को पूरी तरह घेरे में लेकर बाहरी आवाजाही पर रोक लगाई गई।
ईओयू छापेमारी में क्या-क्या जांचा जा रहा है?
अधिकारी जमीन-जायदाद के दस्तावेज, बैंक पासबुक, लॉकर की चाबियाँ और विभिन्न वित्तीय संस्थानों में किए गए निवेश के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रहे हैं। सभी संपत्तियों का मिलान कार्यपालक अभियंता की वैध आय से किया जाएगा।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
तलाशी पूरी होने के बाद ईओयू आधिकारिक बरामदगी का विवरण सार्वजनिक करेगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो संजय कुमार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
संजय कुमार वर्तमान में किस जिले में पदस्थापित हैं?
कार्यपालक अभियंता संजय कुमार वर्तमान में खगड़िया जिले में पदस्थापित हैं, जबकि उनके आवास नालंदा जिले के बिहारशरीफ में हैं जहाँ छापेमारी हुई।
राष्ट्र प्रेस
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