10 अगस्त 2026
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पवन कुमार पर ईओयू का शिकंजा: पटना-दिल्ली समेत 6 ठिकानों पर छापा, ₹3.89 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप

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पवन कुमार पर ईओयू का शिकंजा: पटना-दिल्ली समेत 6 ठिकानों पर छापा, ₹3.89 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप

सारांश

बिहार ईओयू ने भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता पवन कुमार के 6 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। ज्ञात आय से 103.94% अधिक — कथित ₹3.89 करोड़ की संपत्ति का मामला। पटना से दिल्ली के द्वारका तक फैले ठिकाने जाँच के घेरे में।

मुख्य बातें

आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने 24 जून 2026 को अधीक्षण अभियंता पवन कुमार के 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
पवन कुमार पर ज्ञात आय से 103.94% अधिक यानी ₹3 करोड़ 89 लाख 79 हज़ार की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
ईओयू थाना कांड संख्या 12/26 दिनांक 23 जून 2026 को दर्ज; भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(बी) के तहत मामला।
तलाशी स्थल: पटना (आवास व कार्यालय), भागलपुर , नोएडा सेक्टर-75 (2 ठिकाने) और दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 ।
तलाशी में अचल संपत्ति, बैंक खाते, नकदी, आभूषण और दस्तावेज़ खंगाले जा रहे हैं।

बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने 24 जून 2026 (बुधवार) को भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता पवन कुमार के पटना, भागलपुर, नोएडा और नई दिल्ली स्थित 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जाँच में पवन कुमार के विरुद्ध उनकी ज्ञात आय से 103.94 प्रतिशत अधिक — यानी कथित तौर पर ₹3 करोड़ 89 लाख 79 हज़ार रुपए की संपत्ति अर्जित करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले हैं।

मामला कैसे दर्ज हुआ

ईओयू के अनुसार, प्राप्त सूचना के सत्यापन के बाद 23 जून 2026 को पवन कुमार के विरुद्ध ईओयू थाना कांड संख्या 12/26 दर्ज किया गया। उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके बाद विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त कर बुधवार की सुबह छापेमारी अभियान शुरू किया गया।

किन ठिकानों पर हुई तलाशी

ईओयू ने एक साथ निम्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया:

पटना के उत्तरी श्रीकृष्णापुरी स्थित यमुना निवास अपार्टमेंट, फ्लैट नंबर बी-305; पटना स्थित उनका कार्यालय; भागलपुर के आनंदगढ़ कॉलोनी, तिलकामांझी स्थित मकान; नोएडा सेक्टर-75 स्थित फ्लैट; नोएडा स्थित एक अन्य आवासीय ठिकाना; तथा नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित फ्लैट। यह ठिकानों की भौगोलिक विविधता ही संपत्ति के कथित विस्तार की ओर संकेत करती है।

अभियंता का पद और जिम्मेदारियाँ

पवन कुमार वर्तमान में भवन निरूपण अंचल-1, पटना में अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त वह निदेशक, निरूपण इकाई, पटना भवन प्रमंडल, भवन निर्माण विभाग, बिहार का अतिरिक्त दायित्व भी संभाल रहे हैं। गौरतलब है कि इतने महत्त्वपूर्ण पद पर बैठे अधिकारी के विरुद्ध इस स्तर की जाँच बिहार के भवन निर्माण विभाग में प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है।

तलाशी में क्या खंगाला जा रहा है

ईओयू के अनुसार, तलाशी के दौरान अचल संपत्ति, बैंक खाते, निवेश, नकदी, आभूषण और अन्य दस्तावेज़ों की जाँच की जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में की जा रही है। सभी छह ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई जारी है और छापेमारी पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

आगे क्या होगा

तलाशी पूरी होने के बाद ईओयू बरामद दस्तावेज़ों और संपत्तियों का मूल्यांकन करेगी। यदि साक्ष्य पर्याप्त पाए गए तो पवन कुमार की गिरफ्तारी और विभागीय कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह मामला बिहार में सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के विरुद्ध ईओयू की बढ़ती सक्रियता का ताज़ा उदाहरण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार के भवन निर्माण विभाग में संस्थागत भ्रष्टाचार की संभावित परत उजागर करता है। ईओयू की यह कार्रवाई तब आई है जब राज्य में सरकारी ठेकों और निर्माण परियोजनाओं को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या जाँच केवल संपत्ति जब्ती तक सीमित रहती है या आपूर्तिकर्ताओं और ठेकेदारों तक भी पहुँचती है — क्योंकि अकेले अभियंता शायद ही इस स्तर की संपत्ति बना सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईओयू ने पवन कुमार पर छापा क्यों मारा?
ईओयू को जाँच में पवन कुमार के विरुद्ध उनकी ज्ञात आय से 103.94% अधिक — कथित तौर पर ₹3.89 करोड़ — की संपत्ति अर्जित करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले। इस आधार पर 23 जून 2026 को प्राथमिकी दर्ज कर विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट लिया गया।
पवन कुमार कौन हैं और किस विभाग में कार्यरत हैं?
पवन कुमार बिहार के भवन निर्माण विभाग में भवन निरूपण अंचल-1, पटना के अधीक्षण अभियंता हैं। वह निदेशक, निरूपण इकाई, पटना भवन प्रमंडल का अतिरिक्त दायित्व भी संभाल रहे हैं।
किन-किन जगहों पर तलाशी ली गई?
ईओयू ने पटना के उत्तरी श्रीकृष्णापुरी स्थित यमुना निवास अपार्टमेंट (फ्लैट बी-305), पटना कार्यालय, भागलपुर के आनंदगढ़ कॉलोनी स्थित मकान, नोएडा सेक्टर-75 के फ्लैट, नोएडा के एक अन्य आवासीय ठिकाने और नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित फ्लैट पर एक साथ छापा मारा।
पवन कुमार पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा सरकारी कर्मचारी द्वारा आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने से संबंधित है।
इस छापेमारी के बाद आगे क्या होगा?
तलाशी पूरी होने के बाद ईओयू बरामद दस्तावेज़ों, नकदी, आभूषण और बैंक खाते की जानकारी का मूल्यांकन करेगी। जाँच के नतीजों के आधार पर गिरफ्तारी और विभागीय कार्रवाई की संभावना है; ईओयू ने कहा है कि विस्तृत जानकारी छापेमारी पूरी होने के बाद साझा की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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