11 अगस्त 2026
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बिहार SVU छापेमारी: लघु जल संसाधन विभाग के अभियंता हरेंद्र कुमार के 4 ठिकानों पर तलाशी

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बिहार SVU छापेमारी: लघु जल संसाधन विभाग के अभियंता हरेंद्र कुमार के 4 ठिकानों पर तलाशी

सारांश

बिहार SVU ने लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के बांका, पटना और वैशाली में चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। गया से दर्ज शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति मामले में हुई; चेंबर सील, दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

मुख्य बातें

विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने 11 अगस्त को कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के 4 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
तलाशी बांका (आवास व विभागीय कार्यालय), पटना और वैशाली — तीन जिलों में एक साथ चलाई जा रही है।
गया से दर्ज शिकायत के आधार पर आय से अधिक संपत्ति की प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
विभागीय कार्यालय में चेंबर सील किया गया; बैंक खाते, निवेश व संपत्ति दस्तावेज जाँच के दायरे में।
हरेंद्र कुमार करीब एक महीने पहले ही बांका में तैनात हुए थे, इससे पहले गया में पदस्थ थे।

बिहार में भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के तहत विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने मंगलवार, 11 अगस्त को लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर SVU की अलग-अलग टीमें बांका, पटना और वैशाली — तीन जिलों में एक साथ तलाशी अभियान चला रही हैं।

मुख्य घटनाक्रम

हरेंद्र कुमार वर्तमान में बांका जिले में लघु जल संसाधन विभाग में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात हैं। SVU की टीमों ने बांका स्थित उनके आवास और विभागीय कार्यालय के साथ-साथ पटना तथा वैशाली में उनके अन्य ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी। रिपोर्टों के अनुसार, विभागीय कार्यालय में कार्यपालक अभियंता के चेंबर को सील कर दिया गया है।

शिकायत की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि हरेंद्र कुमार करीब एक महीने पहले ही बांका में योगदान दिए थे। इससे पहले वह गया जिले में पदस्थापित थे। गया से ही एक शिकायत के आधार पर उनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसी शिकायत पर SVU ने जाँच आगे बढ़ाते हुए छापेमारी की कार्रवाई शुरू की।

जाँच का दायरा

छापेमारी के दौरान SVU की टीमें आय के स्रोत, संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, बैंक खातों का विवरण, निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन की गहन जाँच कर रही हैं। जाँच एजेंसी यह स्थापित करने में जुटी है कि अधिकारी की घोषित और वैध आय के मुकाबले उनके पास चल-अचल संपत्ति कितनी है। महत्वपूर्ण कागजात और दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

बिहार के भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान में अहमियत

इस कार्रवाई को बिहार में SVU द्वारा चलाए जा रहे व्यापक भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान की कड़ी माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आई है जब राज्य में सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जाँच की गति तेज हुई है।

आगे क्या

छापेमारी पूरी होने के बाद ही बरामद दस्तावेजों और संपत्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक होने की संभावना है। फिलहाल तीनों जिलों में SVU की टीमें अपना काम जारी रखे हुए हैं और जाँच प्रक्रिया अभी चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि शिकायत से छापेमारी तक की प्रक्रिया में इतना समय क्यों लगा — जबकि आरोपी अधिकारी इस बीच जिला बदल चुके थे। जल संसाधन जैसे ठेका-केंद्रित विभागों में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं, और केवल दस्तावेज जब्त करने से नहीं, बल्कि अभियोजन की दर बढ़ाने से ही वास्तविक निवारण संभव है। बिना त्वरित चार्जशीट और दोषसिद्धि के, ऐसी छापेमारियाँ प्रशासनिक संदेश तो देती हैं, पर व्यवस्थागत बदलाव नहीं लातीं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार SVU ने हरेंद्र कुमार के ठिकानों पर छापेमारी क्यों की?
विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद यह कार्रवाई की। गया जिले से दर्ज एक शिकायत इस जाँच की आधार बनी।
छापेमारी किन-किन जगहों पर की गई?
SVU की टीमों ने बांका स्थित हरेंद्र कुमार के आवास और विभागीय कार्यालय के अलावा पटना और वैशाली जिले में उनके अन्य ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली — कुल चार स्थान, तीन जिलों में।
जाँच में क्या-क्या देखा जा रहा है?
SVU की टीमें आय के स्रोत, जमीन-मकान के दस्तावेज, बैंक खातों का विवरण, निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन की जाँच कर रही हैं। विभागीय कार्यालय में कार्यपालक अभियंता का चेंबर भी सील किया गया है।
हरेंद्र कुमार बांका में कब से तैनात थे?
रिपोर्टों के अनुसार, हरेंद्र कुमार छापेमारी से करीब एक महीने पहले ही बांका में योगदान दिए थे। इससे पहले वह गया जिले में पदस्थापित थे, जहाँ से उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी।
इस मामले में आगे क्या होगा?
छापेमारी पूरी होने के बाद SVU बरामद दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण करेगी। जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी; अभी तीनों जिलों में तलाशी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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