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ईओडब्ल्यू का PWD इंजीनियर कमल किशोर सिंगारे के तीन ठिकानों पर एकसाथ छापा, आय से अधिक संपत्ति उजागर

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ईओडब्ल्यू का PWD इंजीनियर कमल किशोर सिंगारे के तीन ठिकानों पर एकसाथ छापा, आय से अधिक संपत्ति उजागर

सारांश

मध्य प्रदेश में ईओडब्ल्यू ने PWD के प्रभारी कार्यपालन यंत्री कमल किशोर सिंगारे के बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल स्थित तीन ठिकानों पर एकसाथ छापा मारा। सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन की शिकायत पर शुरू हुई इस जांच में ₹30 लाख के भुगतान पर ₹10 लाख कमीशन मांगने का आरोप है।

मुख्य बातें

ईओडब्ल्यू ने 3 सितंबर को PWD के प्रभारी कार्यपालन यंत्री कमल किशोर सिंगारे के तीन ठिकानों पर एकसाथ छापा मारा।
तलाशी बालाघाट , छिंदवाड़ा और भोपाल स्थित आवासों पर चलाई गई।
जांच में नगदी और वाहन बरामद होने की जानकारी; आय से अधिक संपत्ति का प्रारंभिक खुलासा।
सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि इंजीनियर ₹30 लाख के भुगतान पर ₹10 लाख कमीशन मांग रहे थे।
विभाग और प्रशासन से शिकायत पर कार्रवाई न होने के बाद संगठन ने सीधे ईओडब्ल्यू से संपर्क किया।

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने 3 सितंबर को मध्य प्रदेश के बालाघाट में लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रभारी कार्यपालन यंत्री कमल किशोर सिंगारे के आवास सहित तीन अलग-अलग ठिकानों पर एकसाथ तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान आय से अधिक संपत्ति का प्रारंभिक खुलासा हुआ है, जिसमें नगदी और वाहन बरामद होने की जानकारी मिली है।

मुख्य घटनाक्रम

ईओडब्ल्यू की टीमों ने एकसाथ बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल स्थित आवासों पर दबिश दी। बालाघाट में पदस्थ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सिंगारे के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और पद के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज की गई थी। तीनों स्थानों पर जांच अभी जारी है और अंतिम आँकड़े सामने आना बाकी है।

शिकायत की पृष्ठभूमि

सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने पहले संबंधित विभाग और प्रशासन से एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की शिकायत की थी, परंतु कथित तौर पर उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने सीधे ईओडब्ल्यू का दरवाजा खटखटाया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सिंगारे एक ठेकेदार को ₹30 लाख के भुगतान के बदले ₹10 लाख का कमीशन मांग रहे थे।

छापे में क्या मिला

जांच के दौरान नगदी और वाहन बरामद होने की पुष्टि की गई है। हालांकि, अघोषित संपत्ति का सटीक मूल्यांकन तीनों स्थानों पर कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ ईओडब्ल्यू की कार्रवाइयाँ तेज हुई हैं।

आगे की कार्रवाई

ईओडब्ल्यू के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इंजीनियर के विरुद्ध दर्ज शिकायत की सत्यता क्या है और उनके पास कितनी अघोषित संपत्ति पाई गई। शिकायत की पुष्टि होने पर विधिक कार्रवाई अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और संगठन को ईओडब्ल्यू का सहारा लेना पड़ा। गौरतलब है कि सरकारी ठेकों में कमीशनखोरी की यह संरचना मध्य प्रदेश के PWD में पहले भी उजागर हो चुकी है। असली सवाल यह है कि आंतरिक सतर्कता तंत्र क्यों निष्क्रिय रहा, और क्या इस छापे के बाद विभाग में व्यापक जांच होगी या यह कार्रवाई किसी एक व्यक्ति पर आकर रुक जाएगी।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईओडब्ल्यू ने कमल किशोर सिंगारे के ठिकानों पर छापा क्यों मारा?
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सिंगारे ₹30 लाख के भुगतान के बदले ₹10 लाख कमीशन मांग रहे थे। इसके साथ ही आय से अधिक संपत्ति और पद के दुरुपयोग के आरोप भी शामिल थे।
ईओडब्ल्यू की छापेमारी में क्या बरामद हुआ?
जांच के दौरान नगदी और वाहन बरामद होने की जानकारी सामने आई है। अघोषित संपत्ति का पूरा विवरण तीनों स्थानों — बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल — पर कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने पहले विभाग से शिकायत क्यों की थी?
एसोसिएशन ने पहले संबंधित विभाग और प्रशासन से इंजीनियर सिंगारे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, परंतु कथित तौर पर उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने सीधे ईओडब्ल्यू से संपर्क किया, जिसके बाद यह छापेमारी हुई।
कमल किशोर सिंगारे कौन हैं और कहाँ पदस्थ हैं?
कमल किशोर सिंगारे मध्य प्रदेश के बालाघाट में लोक निर्माण विभाग (PWD) में प्रभारी कार्यपालन यंत्री (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) के पद पर पदस्थ हैं। उनके बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल में आवास हैं, जिन सभी पर एकसाथ तलाशी ली गई।
इस मामले में आगे क्या होगा?
ईओडब्ल्यू के अनुसार तीनों स्थानों पर जांच पूरी होने के बाद ही शिकायत की सत्यता और अघोषित संपत्ति का पूरा ब्यौरा सामने आएगा। पुष्टि होने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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