8 अगस्त 2026
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रीवा में ईडी की दबिश: ठेकेदार कृष्णकांत सोहगौरा के घर दस्तावेजों की जांच, BJP नेता ने साधा निशाना

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रीवा में ईडी की दबिश: ठेकेदार कृष्णकांत सोहगौरा के घर दस्तावेजों की जांच, BJP नेता ने साधा निशाना

सारांश

मध्य प्रदेश के रीवा में ईडी की टीम ने ठेकेदार कृष्णकांत सोहगौरा के घर दस्तावेजों की जांच की। BJP नेता प्रदीप सोहगौरा ने पलटवार करते हुए ईडी पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए और कहा कि एजेंसी का सजा औसत 2% भी नहीं है।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की 4-5 सदस्यीय टीम ने 19 जून को रीवा के पदमधर कॉलोनी स्थित लालता सदन में छापेमारी की।
जांच कृष्णकांत सोहगौरा और सौरभ सोहगौरा के निवास पर दस्तावेजों और अभिलेखों पर केंद्रित रही।
BJP नेता प्रदीप सोहगौरा ने कहा कि ईडी का सजा औसत 2% भी नहीं है और एजेंसी पर रिश्वत के आरोप लगाए।
ईडी की ओर से कार्रवाई के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ।
ईडी की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने इससे पहले महेश टिम्बर मामले में 11 ठिकानों पर तलाशी ली थी, जिसमें बैंकों को कथित ₹155.21 करोड़ के नुकसान का आरोप है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम ने 19 जून 2026 को मध्य प्रदेश के रीवा शहर के वार्ड क्रमांक 5 स्थित पदमधर कॉलोनी के लालता सदन में छापेमारी कर दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की जांच शुरू की। यह कार्रवाई स्थानीय ठेकेदार कृष्णकांत सोहगौरा और सौरभ सोहगौरा के निवास पर की गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

कार्रवाई का घटनाक्रम

सूत्रों के अनुसार, ईडी की 4 से 5 सदस्यीय टीम शुक्रवार को लालता सदन पहुंची और दस्तावेजों की गहन पड़ताल में जुट गई। जांच की खबर फैलते ही क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गईं। समाचार लिखे जाने तक कार्रवाई जारी बताई जा रही थी।

गौरतलब है कि कृष्णकांत सोहगौरा रीवा के चर्चित ठेकेदारों में गिने जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थानीय नेता प्रदीप सोहगौरा का भाई बताया जा रहा है, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ईडी का आधिकारिक रुख

कार्रवाई के समय तक ईडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई के कारणों का खुलासा संभव हो सकेगा। एजेंसी की टीम घर के भीतर दस्तावेज खंगालती और आवश्यक जानकारी संकलित करती रही।

BJP नेता की तीखी प्रतिक्रिया

इस मामले में BJP नेता प्रदीप सोहगौरा ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'ईडी को कुछ भी मिलने वाला नहीं है। ईडी जब छोटे-मोटे लोगों के यहां छापा मारेगी तो क्या मिलेगा? ईडी देश में बदनाम हो चुकी है और इनके सजा का औसत 2 फीसदी भी नहीं है।'

प्रदीप ने यह भी आरोप लगाया कि ईडी के अधिकारी कथित तौर पर रिश्वत लेकर चुप हो जाते हैं और चालान तक पेश नहीं कर पाते। उल्लेखनीय है कि ये आरोप उनके अपने बयान हैं और ईडी की ओर से इनका कोई खंडन या स्वीकृति सामने नहीं आई है।

ईडी की हालिया कार्रवाइयों का संदर्भ

रीवा की इस कार्रवाई से ठीक पहले ईडी की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में करनाल, दिल्ली और गोवा में 11 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत अशोक मित्तल, सौरभ ढींगरा, भरत भूषण मित्तल, रमन सिंघल और अन्य से जुड़े परिसरों पर की गई थी।

उस मामले में ईडी ने सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी, जो 'फिनाकल' में संबंधित एंट्री किए बिना अनधिकृत स्विफ्ट संशोधनों के जरिए 'फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट' (एफएलसी) की वैल्यू को धोखाधड़ी से बढ़ाने से जुड़ा है। इससे ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और कंसोर्टियम बैंकों को कथित तौर पर लगभग ₹155.21 करोड़ का नुकसान हुआ बताया जाता है।

आगे क्या होगा

रीवा की इस जांच में ईडी के आधिकारिक बयान और दस्तावेजों की पड़ताल के नतीजे सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या एजेंसी कोई औपचारिक नोटिस जारी करती है या जांच आगे बढ़ाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रीवा में ईडी की दबिश किसके घर पड़ी?
ईडी की टीम ने रीवा के पदमधर कॉलोनी स्थित लालता सदन में ठेकेदार कृष्णकांत सोहगौरा और सौरभ सोहगौरा के निवास पर दस्तावेजों की जांच की। सूत्रों के अनुसार कृष्णकांत को BJP नेता प्रदीप सोहगौरा का भाई बताया जा रहा है।
ईडी ने रीवा में जांच क्यों की?
अभी तक ईडी की ओर से कार्रवाई के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
BJP नेता प्रदीप सोहगौरा ने ईडी पर क्या आरोप लगाए?
प्रदीप सोहगौरा ने कहा कि ईडी का सजा औसत 2% भी नहीं है और एजेंसी देश में बदनाम हो चुकी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईडी अधिकारी कथित तौर पर रिश्वत लेकर चुप हो जाते हैं और चालान तक पेश नहीं कर पाते।
महेश टिम्बर मामले में ईडी की कार्रवाई क्या थी?
ईडी की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पीएमएलए के तहत करनाल, दिल्ली और गोवा में 11 ठिकानों पर तलाशी ली। यह मामला अनधिकृत स्विफ्ट संशोधनों से एफएलसी की वैल्यू बढ़ाकर ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स सहित कंसोर्टियम बैंकों को कथित तौर पर ₹155.21 करोड़ का नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है।
रीवा ईडी मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
जांच पूरी होने के बाद ईडी आधिकारिक बयान जारी कर सकती है और आवश्यकता पड़ने पर नोटिस या औपचारिक कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल एजेंसी दस्तावेजों की पड़ताल में जुटी है और नतीजे सामने आने में समय लग सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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