बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' पर सियासी घमासान, उपेंद्र कुशवाहा का क्या बयान?

सारांश
Key Takeaways
- बिहार की सियासत में 'वोटर अधिकार यात्रा' से उत्साह है।
- उपेंद्र कुशवाहा ने नेताओं के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाए।
- संतोष सुमन ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधा।
- एनडीए की पूर्ण बहुमत से वापसी की संभावना।
- बिहार की जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही है।
पटना, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की सियासत में इन दिनों राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' को लेकर हलचल बढ़ गई है। इस यात्रा में एमके स्टालिन के शामिल होने पर राष्ट्रीय लोक जनता दल के प्रमुख एवं सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने तीखा प्रहार किया है।
उपेंद्र कुशवाहा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा, "जो लोग अपने राज्य में बिहारियों का अपमान करते हैं, वही आज बिहार से वोट मांगने आ रहे हैं। जनता सब देख और समझ रही है। इन नेताओं का दोहरा चरित्र अब सबके सामने आ चुका है। ऐसे लोगों को नैतिकता के आधार पर बिहार नहीं आना चाहिए। चाहे कोई भी आ जाए, बिहार की जनता सब कुछ देख रही है।"
दूसरी ओर, बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष सुमन ने भी नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने गयाजी में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि तेजस्वी को छोटी-छोटी बातों पर ज्यादा खुश होने की आवश्यकता नहीं है।
संतोष सुमन ने हाल ही में अटल पथ पर एक मंत्री के काफिले पर हुए हमले को लेकर कहा, "इस घटना के पीछे तेजस्वी के समर्थकों की सुनियोजित साजिश हो सकती है। जांच चल रही है और सच जल्द ही सामने आएगा।"
उन्होंने यह भी कहा, "नेता प्रतिपक्ष को अपने जंगलराज के दिनों को नहीं भूलना चाहिए। जिस तरह से नालंदा में मंत्री श्रवण कुमार पीड़ित परिजनों से मिलने गए और वहां आक्रोशित लोगों ने हमला कर दिया, वह एक दुर्घटनावश हुई घटना थी। इसे राजनीति का मुद्दा बनाना उचित नहीं।"
संतोष सुमन ने दावा किया कि इस वर्ष के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की पूर्ण बहुमत से वापसी होगी।
उन्होंने कहा, "तेजस्वी यादव को अभी 10-15 साल और सड़क पर घूमना है और राजनीति सीखनी है।"