बिजेंद्र यादव का तेजस्वी यादव के 'परिवारवाद' पर करारा जवाब, कहा- 'रिश्तेदारों को पद देना महिला सशक्तीकरण नहीं'

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बिजेंद्र यादव का तेजस्वी यादव के 'परिवारवाद' पर करारा जवाब, कहा- 'रिश्तेदारों को पद देना महिला सशक्तीकरण नहीं'

सारांश

बिहार में महिला आरक्षण पर सियासी बयानों का दौर तेज है। उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव ने परिवारवाद के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि यह महिला सशक्तीकरण नहीं है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण का असली उद्देश्य सामान्य महिलाओं को अवसर प्रदान करना है।
  • परिवारवाद और आरक्षण में बड़ा अंतर है।
  • बिहार की बिजली व्यवस्था को नासा ने सर्वोत्तम बताया है।
  • महिलाओं को पहले से ही पंचायतों में आरक्षण दिया गया है।
  • सरकार को फ्लोर टेस्ट कराने की चुनौती दी गई है।

पटना, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना में महिलाओं के लिए आरक्षण के मुद्दे पर सियासी बयानों का दौर तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के वक्तव्य पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि परिवार के सदस्यों को राजनीतिक पदों पर बैठाना असली महिला आरक्षण नहीं है। उनके अनुसार, आरक्षण का असली उद्देश्य सामान्य महिलाओं को अवसर प्रदान करना है, न कि केवल राजनीतिक परिवारों को लाभ पहुंचाना।

उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने स्पष्ट किया कि परिवारवाद और आरक्षण में एक बड़ा अंतर है। यदि कोई अपनी माँ, बहन या अन्य रिश्तेदारों को विधायक, सांसद या मुख्यमंत्री बना देता है, तो यह असली महिला सशक्तीकरण नहीं है। आरक्षण का लाभ समाज के सभी वर्गों की महिलाओं को मिलना चाहिए।

इस दौरान उन्होंने बिहार की बिजली व्यवस्था को लेकर भी एक महत्वपूर्ण दावा किया। उन्होंने कहा कि नासा द्वारा जारी तस्वीरों में बिहार की बिजली व्यवस्था को देश में सबसे उत्तम बताया गया है और इसे 'हीरा' कहा गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनने के समय राज्य में केवल 700 मेगावाट बिजली उपलब्ध थी, जो अब बढ़कर 8-9 हजार मेगावाट तक पहुँच चुकी है।

वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्ष के रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विरोध स्वाभाविक और निंदनीय है, जिससे महिलाओं में नाराजगी बढ़ी है।

उन्होंने यह भी बताया कि बिहार में पहले ही पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिया जा चुका है, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विजय कुमार चौधरी ने जेडीयू विधायक दल की बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे और भविष्य की नीति पर चर्चा की जाएगी।

इस बीच, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने नई सरकार को फ्लोर टेस्ट कराने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास बहुमत है, तो उसे सदन में इसे साबित करने में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए कांग्रेस पर इसका विरोध करने का आरोप लगाया।

कुल मिलाकर, महिला आरक्षण के मुद्दे पर बिहार की राजनीति में बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे आने वाले समय में सियासी माहौल और गरमा सकता है।

Point of View

जहां उपमुख्यमंत्री ने परिवारवाद के खिलाफ आवाज उठाई है। इसे महिला आरक्षण का असली उद्देश्य बताने की कोशिश की जा रही है, जो समाज के सभी वर्गों की महिलाओं को समान अवसर देने पर केंद्रित है।
NationPress
20/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण विधेयक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों की महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक अवसर प्रदान करना है।
बिजेंद्र यादव ने परिवारवाद पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों को राजनीतिक पद देना असली महिला सशक्तीकरण नहीं है।
बिहार की बिजली व्यवस्था के बारे में क्या जानकारी दी गई?
बिजेंद्र यादव ने कहा कि नासा की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार की बिजली व्यवस्था देश में सर्वश्रेष्ठ है।
क्या बिहार में महिलाओं को पहले से आरक्षण दिया गया है?
हाँ, बिहार में पहले से पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिया गया है।
राजीव रंजन सिंह ने सरकार को क्या चुनौती दी?
उन्होंने नई सरकार को फ्लोर टेस्ट कराने की चुनौती दी ताकि सरकार का बहुमत साबित हो सके।
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