अलीपुरद्वार BJP में बड़ी कार्रवाई: पार्टी विरोधी गतिविधियों पर 5 नेता निष्कासित
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 17 अक्टूबर 2026 को अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासन उल्लंघन के आरोप में पाँच नेताओं को निष्कासित कर दिया। यह कदम कामाख्यागुड़ी पुलिस चौकी के सामने BJP कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें पार्टी के कई नेताओं की संलिप्तता के आरोप सामने आए थे।
किन नेताओं को किया गया निष्कासित
अलीपुरद्वार BJP अध्यक्ष मिथु दास ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाँच पदाधिकारियों के निष्कासण की घोषणा की। निष्कासित नेताओं में जिला सचिव सुनील महतो, कुमारग्राम नंबर-3 मंडल के महासचिव देबेश बर्मन और कुमारग्राम नंबर-2 क्षेत्र के संयोजक दिलीप पांडे शामिल हैं। इसके अलावा कालचीनी नंबर-1 मंडल अध्यक्ष राजेश छेत्री और जिला कार्यकारिणी सदस्य रतन राय को भी पार्टी से बाहर किया गया है।
विवाद की जड़: कामाख्यागुड़ी में मारपीट की घटना
कुछ दिन पूर्व कामाख्यागुड़ी पुलिस चौकी के सामने BJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की घटना घटी थी। आरोप है कि इस घटना में पार्टी के कई नेता भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि यह विवाद BJP के भीतर आंतरिक गुटबाजी और मतभेदों के कारण उत्पन्न हुआ, जिसने अलीपुरद्वार जिले के राजनीतिक हलकों में तनाव का माहौल पैदा कर दिया था।
जिला नेतृत्व का रुख: अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला अध्यक्ष मिथु दास ने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की अराजकता या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित नेताओं के खिलाफ पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया।
राज्य नेतृत्व का संदेश और व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब BJP की पश्चिम बंगाल राज्य इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य लगातार यह संदेश देते रहे हैं कि राज्य में किसी भी स्तर पर दबंगई, अहंकार या अराजकता स्वीकार नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में BJP विधानसभा चुनाव की तैयारी के मद्देनजर संगठनात्मक अनुशासन पर विशेष जोर दे रही है। भट्टाचार्य के निर्देश के अनुपालन में ही अलीपुरद्वार जिले में यह कार्रवाई की गई बताई जा रही है।
निष्कासित नेताओं की प्रतिक्रिया और आगे की राह
अब तक निष्कासित नेताओं की ओर से इन आरोपों या उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निष्कासित नेता पार्टी के उच्च नेतृत्व के पास अपील करते हैं या नहीं और क्या जिले में आंतरिक गुटबाजी आगे चुनावी तैयारियों को प्रभावित करती है।