18 अगस्त 2026
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पश्चिम बंगाल के मनोज टिग्गा और मधुचंदा कर BJP राष्ट्रीय कार्यसमिति में शामिल, छह साल बाद मिला दोहरा प्रतिनिधित्व

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पश्चिम बंगाल के मनोज टिग्गा और मधुचंदा कर BJP राष्ट्रीय कार्यसमिति में शामिल, छह साल बाद मिला दोहरा प्रतिनिधित्व

सारांश

छह साल के अंतराल के बाद पश्चिम बंगाल को BJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति में एक साथ दो केंद्रीय पद मिले हैं — अनुभवी सांसद मनोज टिग्गा राष्ट्रीय सचिव और कैंसर विशेषज्ञ मधुचंदा कर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनी हैं। यह राज्य में हालिया चुनावी जीत के बाद बंगाल इकाई के बढ़ते कद का संकेत है।

मुख्य बातें

मनोज टिग्गा (अलीपुरद्वार सांसद) को BJP का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया।
कैंसर विशेषज्ञ और पश्चिम बंगाल BJP की पूर्व उपाध्यक्ष मधुचंदा कर को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया।
छह साल बाद पश्चिम बंगाल से दो नेताओं को एक साथ BJP की केंद्रीय कार्यसमिति में स्थान मिला।
इससे पहले 2020 में स्वर्गीय मुकुल रॉय (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष) और अनुपम हाजरा (राष्ट्रीय सचिव) को यह पद दिए गए थे।
टिग्गा ने 2016 और 2021 में मदारीहाट विधानसभा सीट से जीत दर्ज की; 2024 में अलीपुरद्वार से सांसद बने।
कर ने 2020 में BJP जॉइन की और 2021 की चुनावी हार के बाद भी पार्टी के साथ बनी रहीं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावी जीत के बाद राज्य को अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति में दोहरा प्रतिनिधित्व दिया है। अलीपुरद्वार से लोकसभा सांसद मनोज टिग्गा को पार्टी का राष्ट्रीय सचिव और पश्चिम बंगाल BJP की पूर्व उपाध्यक्ष व कैंसर विशेषज्ञ मधुचंदा कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह 17 अगस्त 2026 को घोषित इस नियुक्ति से छह साल के अंतराल के बाद बंगाल को पार्टी के केंद्रीय ढाँचे में यह स्थान मिला है।

मुख्य नियुक्तियाँ

मनोज टिग्गा उत्तरी बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के मदारीहाट ब्लॉक के एक दूरदराज गाँव से आते हैं और BJP के पुराने कार्यकर्ता हैं। उन्होंने 2004 में पहली बार अलीपुरद्वार लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था — जीत नहीं मिली, लेकिन कांग्रेस के बाद दूसरे स्थान पर रहे। 2009 के लोकसभा और 2011 के विधानसभा चुनावों में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

2016 में मदारीहाट विधानसभा सीट से उन्होंने पहली जीत दर्ज की और 2021 में इसी सीट से दोबारा विजयी हुए। सुवेंदु अधिकारी के विपक्ष के नेता बनने के बाद, टिग्गा पश्चिम बंगाल विधानसभा में BJP विधायक दल के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) बने। 2024 के लोकसभा चुनावों में अलीपुरद्वार सीट से जीतकर वह सांसद बने और बाद में प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे।

मधुचंदा कर एक जानी-मानी कैंसर विशेषज्ञ हैं जिन्होंने छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की राज्य उपाध्यक्ष के रूप में काम किया था। राजनीति से लंबे समय तक दूर रहने के बाद, उन्होंने 2020 में आधिकारिक तौर पर BJP की सदस्यता ली। शीघ्र ही वह राज्य भाजपा के मेडिकल सेल की सह-संयोजक और फिर राज्य कार्यकारिणी की सदस्य बनीं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

सुकांत मजूमदार के प्रदेश अध्यक्ष काल में कर राज्य उपाध्यक्ष रहीं, लेकिन जब समीक भट्टाचार्य ने नई समिति गठित की तो उन्हें उसमें स्थान नहीं मिला। 2022 के नगर निकाय चुनावों में वह बिधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 39 में पार्टी की बूथ एजेंट बनीं — यह एक ऐसा कदम था जो पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता था। इस साल के विधानसभा चुनावों में बिधाननगर से उनके टिकट की अटकलें थीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद कई著名 हस्तियाँ BJP में शामिल हुई थीं, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद उनमें से कई ने दूरी बना ली। कर ने पार्टी नहीं छोड़ी — और यही निष्ठा अब राष्ट्रीय पहचान के रूप में लौटी है।

ऐतिहासिक संदर्भ

इससे पहले 2020 में पश्चिम बंगाल से दो नेताओं को BJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति में महत्वपूर्ण पद मिले थे। तब तृणमूल कांग्रेस (TMC) से BJP में आए स्वर्गीय मुकुल रॉय को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अनुपम हाजरा को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया था। अब छह साल बाद एक बार फिर बंगाल से दो प्रतिनिधियों को एक साथ केंद्रीय पदाधिकारी बनाया गया है।

बंगाल BJP के लिए क्या मायने रखता है

यह नियुक्ति ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में BJP की चुनावी जीत के बाद राज्य इकाई का केंद्रीय नेतृत्व में कद बढ़ने की उम्मीद थी। टिग्गा का लंबा संसदीय अनुभव और कर की पेशेवर पृष्ठभूमि — दोनों पार्टी को अलग-अलग मतदाता वर्गों तक पहुँचने में सहायक होंगे। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये दोनों नेता केंद्रीय भूमिका में बंगाल की राजनीतिक जमीन को कितना प्रभावित करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर बूथ एजेंट और अब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष — पार्टी की संगठनात्मक गहराई का प्रमाण है, लेकिन उन्हें नई समिति में शामिल न किए जाने का पिछला प्रसंग यह भी बताता है कि आंतरिक राजनीति कितनी जटिल है। टिग्गा के लिए, दो दशकों की जमीनी मेहनत के बाद यह राष्ट्रीय मंच उचित पहचान है — पर उत्तरी बंगाल के आदिवासी और चाय बागान क्षेत्रों की समस्याएँ अब उनकी राष्ट्रीय भूमिका की कसौटी बनेंगी।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP राष्ट्रीय कार्यसमिति में पश्चिम बंगाल से किन्हें शामिल किया गया है?
अलीपुरद्वार के लोकसभा सांसद मनोज टिग्गा को BJP का राष्ट्रीय सचिव और कैंसर विशेषज्ञ व पूर्व राज्य उपाध्यक्ष मधुचंदा कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह घोषणा 17 अगस्त 2026 को की गई।
मनोज टिग्गा कौन हैं और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है?
मनोज टिग्गा अलीपुरद्वार जिले के मदारीहाट ब्लॉक से आने वाले BJP के वरिष्ठ नेता हैं। 2004 से चुनावी राजनीति में सक्रिय टिग्गा ने 2016 और 2021 में मदारीहाट विधानसभा सीट जीती, पश्चिम बंगाल विधानसभा में BJP के मुख्य सचेतक रहे और 2024 में अलीपुरद्वार से सांसद बने।
मधुचंदा कर की BJP में क्या पृष्ठभूमि है?
मधुचंदा कर एक कैंसर विशेषज्ञ हैं जो ABVP की राज्य उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने 2020 में आधिकारिक रूप से BJP जॉइन की, राज्य मेडिकल सेल की सह-संयोजक और राज्य उपाध्यक्ष बनीं। 2021 की चुनावी हार के बाद भी उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी।
पिछली बार बंगाल से BJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति में कब दो नेता शामिल हुए थे?
2020 में स्वर्गीय मुकुल रॉय को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अनुपम हाजरा को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया था। उसके छह साल बाद अब 2026 में फिर से बंगाल से एक साथ दो केंद्रीय पदाधिकारी बनाए गए हैं।
इन नियुक्तियों का पश्चिम बंगाल BJP के लिए क्या महत्व है?
हालिया विधानसभा चुनावों में BJP की जीत के बाद यह नियुक्ति राज्य इकाई के केंद्रीय नेतृत्व में बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। टिग्गा का संसदीय अनुभव और कर की पेशेवर पहचान पार्टी को विभिन्न मतदाता वर्गों तक पहुँचाने में सहायक मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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