पश्चिम बंगाल के मनोज टिग्गा और मधुचंदा कर BJP राष्ट्रीय कार्यसमिति में शामिल, छह साल बाद मिला दोहरा प्रतिनिधित्व
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावी जीत के बाद राज्य को अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति में दोहरा प्रतिनिधित्व दिया है। अलीपुरद्वार से लोकसभा सांसद मनोज टिग्गा को पार्टी का राष्ट्रीय सचिव और पश्चिम बंगाल BJP की पूर्व उपाध्यक्ष व कैंसर विशेषज्ञ मधुचंदा कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह 17 अगस्त 2026 को घोषित इस नियुक्ति से छह साल के अंतराल के बाद बंगाल को पार्टी के केंद्रीय ढाँचे में यह स्थान मिला है।
मुख्य नियुक्तियाँ
मनोज टिग्गा उत्तरी बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के मदारीहाट ब्लॉक के एक दूरदराज गाँव से आते हैं और BJP के पुराने कार्यकर्ता हैं। उन्होंने 2004 में पहली बार अलीपुरद्वार लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था — जीत नहीं मिली, लेकिन कांग्रेस के बाद दूसरे स्थान पर रहे। 2009 के लोकसभा और 2011 के विधानसभा चुनावों में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
2016 में मदारीहाट विधानसभा सीट से उन्होंने पहली जीत दर्ज की और 2021 में इसी सीट से दोबारा विजयी हुए। सुवेंदु अधिकारी के विपक्ष के नेता बनने के बाद, टिग्गा पश्चिम बंगाल विधानसभा में BJP विधायक दल के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) बने। 2024 के लोकसभा चुनावों में अलीपुरद्वार सीट से जीतकर वह सांसद बने और बाद में प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे।
मधुचंदा कर एक जानी-मानी कैंसर विशेषज्ञ हैं जिन्होंने छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की राज्य उपाध्यक्ष के रूप में काम किया था। राजनीति से लंबे समय तक दूर रहने के बाद, उन्होंने 2020 में आधिकारिक तौर पर BJP की सदस्यता ली। शीघ्र ही वह राज्य भाजपा के मेडिकल सेल की सह-संयोजक और फिर राज्य कार्यकारिणी की सदस्य बनीं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
सुकांत मजूमदार के प्रदेश अध्यक्ष काल में कर राज्य उपाध्यक्ष रहीं, लेकिन जब समीक भट्टाचार्य ने नई समिति गठित की तो उन्हें उसमें स्थान नहीं मिला। 2022 के नगर निकाय चुनावों में वह बिधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 39 में पार्टी की बूथ एजेंट बनीं — यह एक ऐसा कदम था जो पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता था। इस साल के विधानसभा चुनावों में बिधाननगर से उनके टिकट की अटकलें थीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद कई著名 हस्तियाँ BJP में शामिल हुई थीं, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद उनमें से कई ने दूरी बना ली। कर ने पार्टी नहीं छोड़ी — और यही निष्ठा अब राष्ट्रीय पहचान के रूप में लौटी है।
ऐतिहासिक संदर्भ
इससे पहले 2020 में पश्चिम बंगाल से दो नेताओं को BJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति में महत्वपूर्ण पद मिले थे। तब तृणमूल कांग्रेस (TMC) से BJP में आए स्वर्गीय मुकुल रॉय को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अनुपम हाजरा को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया था। अब छह साल बाद एक बार फिर बंगाल से दो प्रतिनिधियों को एक साथ केंद्रीय पदाधिकारी बनाया गया है।
बंगाल BJP के लिए क्या मायने रखता है
यह नियुक्ति ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में BJP की चुनावी जीत के बाद राज्य इकाई का केंद्रीय नेतृत्व में कद बढ़ने की उम्मीद थी। टिग्गा का लंबा संसदीय अनुभव और कर की पेशेवर पृष्ठभूमि — दोनों पार्टी को अलग-अलग मतदाता वर्गों तक पहुँचने में सहायक होंगे। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये दोनों नेता केंद्रीय भूमिका में बंगाल की राजनीतिक जमीन को कितना प्रभावित करते हैं।