8 अगस्त 2026
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पश्चिम बंगाल कांग्रेस: जुल्फिकार अली नेता, मोताब शेख उपनेता — दोनों विधायकों को मिली विधायक दल की कमान

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पश्चिम बंगाल कांग्रेस: जुल्फिकार अली नेता, मोताब शेख उपनेता — दोनों विधायकों को मिली विधायक दल की कमान

सारांश

294 सीटों में से केवल 2 पर सिमटी कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में अपने दोनों नवनिर्वाचित विधायकों — जुल्फिकार अली और मोताब शेख — को क्रमशः नेता और उपनेता की जिम्मेदारी सौंपी। दोनों पहली बार विधायक बने हैं और मुर्शिदाबाद जिले से आते हैं।

मुख्य बातें

AICC ने 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल कांग्रेस विधायक दल के नेता और उपनेता की नियुक्ति की।
जुल्फिकार अली (रानीनगर) को नेता और मोताब शेख (फरक्का) को उपनेता बनाया गया।
कांग्रेस ने 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा और केवल 2 सीटें जीतीं।
प्रदेश अध्यक्ष सुवंकर सरकार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी चुनाव हार गए।
BJP ने 208 सीटें जीतकर राज्य में पहली बार सरकार बनाई; TMC 80 सीटों पर सिमटी।
दोनों नवनियुक्त विधायक पहली बार विधानसभा पहुँचे हैं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने शनिवार, 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता और उपनेता पदों पर पार्टी के दोनों विधायकों को नियुक्त कर दिया। मुर्शिदाबाद जिले से आने वाले ये दोनों विधायक पहली बार विधानसभा पहुँचे हैं और अब राज्य में पार्टी का संसदीय नेतृत्व इन्हीं के हाथों में होगा।

किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी

रानीनगर विधानसभा सीट से विधायक जुल्फिकार अली को कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है। वहीं, फरक्का विधानसभा सीट से विधायक मोताब शेख को विधायक दल का उपनेता बनाया गया है। दोनों सीटें मुर्शिदाबाद जिले में स्थित हैं।

चुनाव में कैसे जीते दोनों विधायक

हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस ने राज्य की सभी 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा, लेकिन पार्टी को केवल इन्हीं दो सीटों पर सफलता मिली। रानीनगर सीट पर जुल्फिकार अली ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार अब्दुल सौमिक हुसैन को तीन हजार से कम मतों के अंतर से हराया। फरक्का सीट पर मोताब शेख ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुनील चौधरी को नौ हजार से कम वोटों के अंतर से पराजित किया।

पार्टी के दिग्गजों को झेलनी पड़ी हार

इस चुनाव में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को करारी हार का सामना करना पड़ा। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुवंकर सरकार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी भी अपनी-अपनी सीटें नहीं बचा सके। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में पार्टी की ज़मीनी पकड़ लगातार कमज़ोर होती रही है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर

इस विधानसभा चुनाव में राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव दर्ज हुआ। 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई, जबकि BJP ने 208 सीटें जीतकर राज्य में पहली बार सरकार बनाई। TMC को 80 सीटें मिलीं। कांग्रेस और पूर्व TMC विधायक हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) को दो-दो सीटें मिलीं, जबकि माकपा और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (AISF) को एक-एक सीट हासिल हुई।

2021 से तुलना और आगे की राह

गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और वाम मोर्चे ने सीट बंटवारे के तहत मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों दल मिलकर भी एक भी सीट नहीं जीत सके थे। 2026 में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़कर दो सीटें हासिल कीं — यह पार्टी के लिए सांकेतिक पुनरुद्धार है, भले ही विपक्ष में उसकी संख्या बेहद सीमित है। अब जुल्फिकार अली और मोताब शेख के कंधों पर राज्य विधानसभा में कांग्रेस की आवाज़ बुलंद करने की ज़िम्मेदारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की गहरी होती हाशियाई स्थिति को भी उजागर करती है। 2021 में वाम मोर्चे के साथ गठबंधन के बावजूद शून्य सीटें और 2026 में अकेले लड़कर महज दो सीटें — यह प्रक्षेपवक्र चिंताजनक है। प्रदेश अध्यक्ष सहित वरिष्ठ नेताओं की हार बताती है कि संगठन की जड़ें राज्य में कितनी कमज़ोर हो चुकी हैं। अब असली सवाल यह है कि क्या ये दो नए चेहरे विधानसभा में कांग्रेस को प्रासंगिक बनाए रख सकते हैं, या यह महज औपचारिक उपस्थिति तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस विधायक दल का नेता किसे बनाया गया है?
AICC ने रानीनगर विधानसभा सीट से विधायक जुल्फिकार अली को कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 20 जून 2026 को की गई।
मोताब शेख कौन हैं और उन्हें क्या जिम्मेदारी मिली?
मोताब शेख मुर्शिदाबाद जिले की फरक्का विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं। AICC ने उन्हें पश्चिम बंगाल कांग्रेस विधायक दल का उपनेता नियुक्त किया है।
2026 के पश्चिम बंगाल चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहा?
कांग्रेस ने राज्य की सभी 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा, लेकिन केवल रानीनगर और फरक्का — दो सीटों पर ही जीत मिली। प्रदेश अध्यक्ष सुवंकर सरकार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी भी चुनाव हार गए।
2026 के बंगाल चुनाव में किस पार्टी को सबसे ज़्यादा सीटें मिलीं?
BJP ने 208 सीटें जीतकर राज्य में पहली बार सरकार बनाई। TMC 80 सीटों पर सिमट गई, जबकि 15 वर्षों की सत्ता के बाद वह विपक्ष में चली गई।
2021 की तुलना में 2026 में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर क्यों रहा?
2021 में कांग्रेस ने वाम मोर्चे के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों दल मिलकर भी एक भी सीट नहीं जीत सके। 2026 में अकेले लड़कर दो सीटें जीतना पार्टी के लिए सांकेतिक सुधार माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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