पश्चिम बंगाल कांग्रेस: जुल्फिकार अली नेता, मोताब शेख उपनेता — दोनों विधायकों को मिली विधायक दल की कमान
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने शनिवार, 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता और उपनेता पदों पर पार्टी के दोनों विधायकों को नियुक्त कर दिया। मुर्शिदाबाद जिले से आने वाले ये दोनों विधायक पहली बार विधानसभा पहुँचे हैं और अब राज्य में पार्टी का संसदीय नेतृत्व इन्हीं के हाथों में होगा।
किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी
रानीनगर विधानसभा सीट से विधायक जुल्फिकार अली को कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है। वहीं, फरक्का विधानसभा सीट से विधायक मोताब शेख को विधायक दल का उपनेता बनाया गया है। दोनों सीटें मुर्शिदाबाद जिले में स्थित हैं।
चुनाव में कैसे जीते दोनों विधायक
हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस ने राज्य की सभी 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा, लेकिन पार्टी को केवल इन्हीं दो सीटों पर सफलता मिली। रानीनगर सीट पर जुल्फिकार अली ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार अब्दुल सौमिक हुसैन को तीन हजार से कम मतों के अंतर से हराया। फरक्का सीट पर मोताब शेख ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुनील चौधरी को नौ हजार से कम वोटों के अंतर से पराजित किया।
पार्टी के दिग्गजों को झेलनी पड़ी हार
इस चुनाव में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को करारी हार का सामना करना पड़ा। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुवंकर सरकार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी भी अपनी-अपनी सीटें नहीं बचा सके। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में पार्टी की ज़मीनी पकड़ लगातार कमज़ोर होती रही है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर
इस विधानसभा चुनाव में राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव दर्ज हुआ। 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई, जबकि BJP ने 208 सीटें जीतकर राज्य में पहली बार सरकार बनाई। TMC को 80 सीटें मिलीं। कांग्रेस और पूर्व TMC विधायक हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) को दो-दो सीटें मिलीं, जबकि माकपा और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (AISF) को एक-एक सीट हासिल हुई।
2021 से तुलना और आगे की राह
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और वाम मोर्चे ने सीट बंटवारे के तहत मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों दल मिलकर भी एक भी सीट नहीं जीत सके थे। 2026 में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़कर दो सीटें हासिल कीं — यह पार्टी के लिए सांकेतिक पुनरुद्धार है, भले ही विपक्ष में उसकी संख्या बेहद सीमित है। अब जुल्फिकार अली और मोताब शेख के कंधों पर राज्य विधानसभा में कांग्रेस की आवाज़ बुलंद करने की ज़िम्मेदारी है।