भाजपा का बड़ा दांव: मेघालय में पूर्व सीएम मुकुल संगमा को पार्टी में शामिल करने की पहल
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा ने मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा को पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया है।
- वरिष्ठ विधायक ए.एल. हेक ने 23 अप्रैल को इसकी पुष्टि की; संगमा ने प्रस्ताव पर विचार के लिए समय मांगा।
- कम से कम चार मौजूदा विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और 2028 के चुनाव से पहले शामिल हो सकते हैं।
- मुकुल संगमा ने नवंबर 2021 में 12 विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस जॉइन की थी।
- संगमा के नया क्षेत्रीय दल बनाने की भी अटकलें हैं, हालांकि कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं।
- भाजपा की यह पहल पूर्वोत्तर भारत में पार्टी के व्यापक विस्तार अभियान का हिस्सा है।
शिलांग, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मेघालय की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ आ सकता है — भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष मुकुल संगमा को अपनी पार्टी में शामिल होने का औपचारिक न्योता देने की तैयारी कर ली है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक ए.एल. हेक ने गुरुवार, 23 अप्रैल को यह जानकारी सार्वजनिक की। संगमा ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार नहीं किया है, बल्कि निर्णय लेने के लिए समय मांगा है।
भाजपा की रणनीति और हेक का बयान
ए.एल. हेक ने स्पष्ट किया कि भाजपा मेघालय में अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए विभिन्न दलों के प्रभावशाली नेताओं से लगातार संवाद कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कम से कम चार वर्तमान विधायक पार्टी के संपर्क में हैं और 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले वे भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।
हेक ने कहा, हमने संगमा जी को समय देने का फैसला किया है और उचित समय पर उनसे पुनः संपर्क करेंगे। उन्होंने किसी विधायक का नाम सार्वजनिक करने से परहेज किया, लेकिन यह संकेत जरूर दिया कि आने वाले महीनों में कई बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
मुकुल संगमा की राजनीतिक यात्रा
मुकुल संगमा मेघालय के सबसे अनुभवी और प्रभावशाली राजनेताओं में गिने जाते हैं। वे 2010 से 2018 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे और कांग्रेस के मजबूत स्तंभ माने जाते थे। हालांकि, नवंबर 2021 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन थाम लिया था।
उल्लेखनीय है कि उस समय संगमा के साथ 12 विधायक भी TMC में शामिल हुए थे, जो मेघालय विधानसभा में एक बड़ी उथल-पुथल थी। यह कदम राज्य में कांग्रेस को गहरा झटका था और TMC की पूर्वोत्तर में पैठ बनाने की महत्वाकांक्षा का हिस्सा था।
वर्तमान राजनीतिक समीकरण और संगमा के विकल्प
सूत्रों के अनुसार, मुकुल संगमा इस समय अपने सभी राजनीतिक विकल्पों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन कर रहे हैं। वे कांग्रेस सहित अन्य दलों के नेताओं के साथ भी संवाद में हैं। इसके अतिरिक्त, यह अटकलें भी जोर पकड़ रही हैं कि वे एक नया क्षेत्रीय दल गठित करने पर विचार कर सकते हैं, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पूर्वोत्तर भारत में भाजपा अपनी उपस्थिति को और विस्तार देने की कोशिश में जुटी है। असम, त्रिपुरा, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में पहले से पकड़ बना चुकी भाजपा की नजर अब मेघालय पर है, जहां कॉनराड संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के साथ गठबंधन में सरकार चल रही है।
भाजपा के लिए मुकुल संगमा क्यों अहम
मुकुल संगमा का गारो हिल्स क्षेत्र में गहरा जनाधार है, जो मेघालय की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। गारो समुदाय के बीच उनकी पकड़ भाजपा के लिए उन सीटों पर सेंध लगाने में सहायक हो सकती है, जहां पार्टी अब तक कमजोर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि संगमा भाजपा में शामिल होते हैं, तो यह 2028 के विधानसभा चुनाव में राज्य की राजनीति का पूरा गणित बदल सकता है। दूसरी ओर, यदि वे नया क्षेत्रीय दल बनाते हैं, तो यह सभी बड़े दलों के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकता है।
आगे क्या होगा
मेघालय की राजनीति में आने वाले महीने बेहद निर्णायक साबित होंगे। मुकुल संगमा का अगला कदम न केवल उनके राजनीतिक भविष्य को, बल्कि राज्य में सत्ता के समीकरणों को भी नया आकार दे सकता है। भाजपा की यह सक्रियता स्पष्ट संकेत देती है कि पार्टी 2028 से पहले ही जमीन तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।