पंजाब DGP ने 2024 बैच के 10 IAS प्रशिक्षुओं से की महत्वपूर्ण बैठक, पुलिस-प्रशासन समन्वय पर मंथन
सारांश
Key Takeaways
- पंजाब DGP ने 23 अप्रैल 2025 को 2024 बैच के 10 IAS प्रशिक्षुओं के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया।
- बैठक अटैचमेंट प्रोग्राम के तहत हुई, जिसका उद्देश्य युवा अधिकारियों को पुलिस कार्यप्रणाली से परिचित कराना था।
- साइबर अपराध, AGTF, ANTF, इंटेलिजेंस और काउंटर इंटेलिजेंस विभागों के शीर्ष अधिकारी सत्र में उपस्थित रहे।
- DGP ने जवाबदेह, नागरिक-केंद्रित और प्रभावी शासन को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
- इस पहल का मकसद पुलिस और प्रशासन के बीच संस्थागत समन्वय को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करना है।
- पंजाब जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील राज्य में यह कार्यक्रम शासन-सुधार की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
चंडीगढ़, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) ने 23 अप्रैल 2025 को 2024 बैच के 10 IAS अधिकारी प्रशिक्षुओं के साथ उनके अटैचमेंट प्रोग्राम के तहत एक विशेष संवाद सत्र आयोजित किया। इस बैठक में पुलिसिंग, प्रशासनिक समन्वय, नेतृत्व क्षमता और नागरिक-केंद्रित शासन जैसे अहम विषयों पर गहन चर्चा हुई। DGP के आधिकारिक 'एक्स' (X) हैंडल पर बैठक की तस्वीर साझा कर इसकी जानकारी दी गई।
बैठक में कौन-कौन रहे शामिल
इस उच्चस्तरीय संवाद सत्र में पंजाब पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें विशेष DG (CAD एवं महिला मामले), विशेष DG मुख्यालय, विशेष DG यातायात, विशेष DG साइबर अपराध शामिल थे।
इसके अलावा ऑपरेशनल विंग्स, इंटेलिजेंस, AGTF (एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स), ANTF (एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स) और CI (काउंटर इंटेलिजेंस) के प्रमुख अधिकारियों ने भी भाग लिया। इस व्यापक प्रतिनिधित्व से युवा IAS अधिकारियों को पुलिस विभाग के हर आयाम की जानकारी मिली।
सत्र का उद्देश्य और मुख्य चर्चाएं
इस सुव्यवस्थित संवाद सत्र में 2024 बैच के युवा IAS अधिकारियों को पंजाब पुलिस के कामकाज को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्रदान किया गया। बातचीत में पुलिसिंग के आधुनिक तरीके, शासन-प्रशासन के बीच समन्वय, नेतृत्व क्षमता विकास और त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
सत्र में विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं और अधिकारियों के बीच खुला संवाद हुआ। मुख्य लक्ष्य संस्थागत अधिगम को प्रोत्साहित करना और विभिन्न सेवाओं के बीच आपसी सहयोग एवं समन्वय को सुदृढ़ करना था।
DGP का संदेश — जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन की जरूरत
DGP ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन और पुलिस के बीच प्रभावी तालमेल आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि जवाबदेह, कुशल और नागरिक-केंद्रित शासन सुनिश्चित करना हर अधिकारी की प्राथमिकता होनी चाहिए।
DGP ने कहा कि इस प्रकार की पहलें युवा अधिकारियों को व्यावहारिक ज्ञान से लैस करती हैं और भविष्य में बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय की नींव रखती हैं।
अटैचमेंट प्रोग्राम का महत्व और व्यापक संदर्भ
यह अटैचमेंट प्रोग्राम IAS प्रशिक्षण के उस महत्वपूर्ण चरण का हिस्सा है जिसमें भावी प्रशासकों को विभिन्न सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली से परिचित कराया जाता है। LBSNAA (लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी) के दिशा-निर्देशों के तहत यह कार्यक्रम आयोजित होता है।
गौरतलब है कि पंजाब जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील राज्य में, जहां ड्रग तस्करी, गैंगस्टर नेटवर्क और सीमा पार आतंकवाद जैसी चुनौतियां बनी रहती हैं, पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय की भूमिका और भी अहम हो जाती है। ऐसे में युवा IAS अधिकारियों का पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली से सीधा परिचय होना दीर्घकालिक शासन-सुधार की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम पंजाब पुलिस और IAS सेवा के बीच पारस्परिक समझ को गहरा करते हैं, जो जमीनी स्तर पर बेहतर नीति-क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होता है। आने वाले समय में ऐसे और कार्यक्रमों के आयोजन की संभावना है।