26 जुलाई 2026
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महिला आरक्षण कानून के समर्थन में भाजपा का चंडीगढ़ में बड़ा प्रदर्शन, कई नेता हिरासत में

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महिला आरक्षण कानून के समर्थन में भाजपा का चंडीगढ़ में बड़ा प्रदर्शन, कई नेता हिरासत में

सारांश

महिला आरक्षण कानून के समर्थन में चंडीगढ़ में भाजपा का बड़ा प्रदर्शन, परनीत कौर सहित कई नेता हिरासत में। AAP और कांग्रेस पर वोट-बैंक की राजनीति का आरोप। 2027 पंजाब चुनाव की पृष्ठभूमि में यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

मुख्य बातें

25 अप्रैल 2025 को चंडीगढ़ में भाजपा ने महिला आरक्षण कानून के समर्थन में बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया।
पंजाब भर से सैकड़ों महिलाएं भाजपा कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर मार्च करने निकलीं।
परनीत कौर, जय इंदर कौर सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं को चंडीगढ़ पुलिस ने हिरासत में लिया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम सितंबर 2023 में पास हुआ था जिसमें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।
भाजपा ने AAP और कांग्रेस पर महिला आरक्षण विरोध को वोट-बैंक की राजनीति बताते हुए तीखा हमला बोला।
यह प्रदर्शन 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चंडीगढ़, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण कानून यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में शनिवार, 25 अप्रैल को चंडीगढ़ में भाजपा की ओर से एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। पंजाब के कोने-कोने से आई सैकड़ों महिलाओं ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के आवास की ओर मार्च किया और आम आदमी पार्टी से इस अधिनियम का विरोध करने को लेकर जवाब मांगा।

मुख्य घटनाक्रम: मार्च और हिरासत

राज्य भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा के नेतृत्व में यह प्रदर्शन आयोजित हुआ। जैसे ही प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े, चंडीगढ़ पुलिस ने कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए गए नेताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष जय इंदर कौर, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहिंदर कौर जोश और मोना जायसवाल, तथा प्रदेश सचिव मीनू सेठी, वंदना सांगवान, रेनू थापर और एकता नागपाल शामिल थीं।

नारी शक्ति जिंदाबाद के नारों के साथ महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे समान अधिकारों और महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने की लड़ाई तब तक जारी रखेंगी जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।

भाजपा नेताओं के तीखे बोल: AAP और कांग्रेस पर निशाना

सभा को संबोधित करते हुए अश्विनी शर्मा ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा हमेशा महिला सशक्तिकरण की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आप का महिला आरक्षण के विरोध में एकजुट होना शुद्ध राजनीतिक अवसरवाद है और दोनों दल वोट-बैंक की राजनीति में डूबे हुए हैं।

महिला मोर्चा अध्यक्ष जय इंदर कौर ने महिला आरक्षण विधेयक को रोके जाने को लोकतंत्र के लिए काला दिन करार दिया। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन महिलाओं के बढ़ते राजनीतिक सशक्तिकरण से भयभीत है और देशभर की महिलाएं इस अपमान का करारा जवाब देंगी।

परनीत कौर ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के हितों की रक्षा करने के बजाय उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को पारित होने से रोकने में नकारात्मक भूमिका निभाई। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर देश की आधी आबादी के उत्थान के लिए काम करने का आह्वान किया।

ऐतिहासिक संदर्भ: नारी शक्ति वंदन अधिनियम की पृष्ठभूमि

उल्लेखनीय है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सितंबर 2023 में संसद के विशेष सत्र में पारित किया गया था, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। हालांकि इसे लागू करने के लिए परिसीमन और जनगणना की शर्त जोड़ी गई है, जिसे लेकर विपक्षी दलों की आलोचना रही है।

गौरतलब है कि भारत में महिला आरक्षण का मुद्दा दशकों पुराना है। 1996 से इस विधेयक को पारित कराने की कोशिशें होती रही हैं, लेकिन राजनीतिक सहमति के अभाव में यह बार-बार लटकता रहा। वर्तमान में लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या मात्र 13 से 15 प्रतिशत के आसपास है, जो वैश्विक औसत से काफी कम है।

राजनीतिक विश्लेषण: पंजाब में भाजपा की रणनीति

पंजाब में आप सरकार के खिलाफ भाजपा का यह प्रदर्शन केवल महिला आरक्षण तक सीमित नहीं है। यह 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी का भी हिस्सा माना जा रहा है। महिला मतदाताओं को साधने की कोशिश में भाजपा इस मुद्दे को जमीनी स्तर पर ले जाना चाहती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक यह कानून व्यावहारिक रूप से लागू नहीं हो सकता। आने वाले दिनों में भाजपा पंजाब के अन्य जिलों में भी इसी तरह के प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बना रही है और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आप सरकार इस राजनीतिक दबाव का किस प्रकार जवाब देती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंडीगढ़ में भाजपा का महिला आरक्षण प्रदर्शन क्यों हुआ?
भाजपा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में और AAP सरकार से इसके विरोध पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए यह प्रदर्शन आयोजित किया। पंजाब भर से सैकड़ों महिलाएं मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर मार्च करने निकलीं।
चंडीगढ़ प्रदर्शन में किन नेताओं को हिरासत में लिया गया?
पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष जय इंदर कौर, उपाध्यक्ष मोहिंदर कौर जोश, मोना जायसवाल और कई प्रदेश सचिवों को चंडीगढ़ पुलिस ने हिरासत में लिया। ये सभी मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है और यह कब पास हुआ?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम सितंबर 2023 में संसद के विशेष सत्र में पारित हुआ जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसे लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन की शर्त रखी गई है।
भाजपा ने AAP और कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा के अश्विनी शर्मा ने कहा कि AAP और कांग्रेस वोट-बैंक की राजनीति के चलते महिला आरक्षण का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक अवसरवाद बताया जो सत्ता के आंतरिक समीकरण बदलने के डर से प्रेरित है।
महिला आरक्षण कानून अभी तक लागू क्यों नहीं हुआ?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम में प्रावधान है कि यह जनगणना और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद ही लागू होगा। चूंकि ये दोनों प्रक्रियाएं अभी पूरी नहीं हुई हैं इसलिए यह कानून व्यावहारिक रूप से अभी प्रभावी नहीं हो सका है।
राष्ट्र प्रेस
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