वोट-चोरी पर राहुल गांधी के आरोपों पर BJP का पलटवार: 'सबूत नहीं, फिर भी संवैधानिक पद घसीटे जा रहे'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 12 अक्टूबर 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वोट-चोरी संबंधी आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। BJP के राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता ने अहमदाबाद में कहा कि राहुल गांधी एक संवैधानिक पद पर रहते हुए बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगा रहे हैं, और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद को भी राजनीतिक दाँव-पेंच में खींच रही है।
BJP का सीधा सवाल: सबूत कहाँ हैं?
रोहन गुप्ता ने कहा, 'नेता प्रतिपक्ष एक संवैधानिक पद है। जब विपक्ष के नेता आरोप लगाते हैं तो उम्मीद की जाती है कि उनके पास सबूत होंगे। जब वे राष्ट्रपति से मिलने गए, तो उनसे सबूत माँगे गए, लेकिन उन्होंने कोई सबूत नहीं दिखाया। सुप्रीम कोर्ट ने भी सबूत माँगे, लेकिन उनके पास कुछ नहीं था। वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं, लेकिन जब सबूत माँगे जाते हैं तो उनके पास कोई जवाब नहीं होता।'
गुप्ता ने यह भी जोड़ा कि क्या किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए बिना साक्ष्य के इस तरह के आरोप लगाना उचित है — यह सवाल उन्होंने जनता के सामने रखा।
राष्ट्रपति को राजनीति में 'घसीटने' का आरोप
BJP नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता राष्ट्रपति से मुलाकात कर देश के प्रथम नागरिक को राजनीतिक विवाद में खींचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने यह दावा किया कि राष्ट्रपति भी उनसे सहमत थे कि वोट-चोरी हो रही है। गुप्ता ने इसे 'देश के सबसे बड़े नागरिक के मुँह में शब्द डालने' की कोशिश बताया और कहा कि यह किसी भी जिम्मेदार विपक्षी दल के लिए शोभनीय नहीं है।
उन्होंने कहा, 'अगर आपके पास सबूत हैं तो देश की जनता के सामने लाएँ, लेकिन कांग्रेस की हर संवैधानिक पद को राजनीति में घसीटने की यह कोशिश उनके डूबते जहाज को बचाने की नाकाम कोशिश है।'
तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी पर भी निशाना
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए रोहन गुप्ता ने कहा कि जो व्यक्ति पहले यह कहता था कि 'मुस्लिम का मतलब कांग्रेस है और कांग्रेस का मतलब मुसलमान है,' वही अब धार्मिक आस्था का सहारा ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेड्डी ने पहले भगवान शिव और भगवान राम की पूजा को लेकर समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश की, और अब खुद को राम के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।
गुप्ता ने कहा कि 'सनातन के विरोध की राजनीति' में आगे जाने के बाद अब कांग्रेस नेता पीछे लौटना चाहते हैं, जो एक असफल प्रयास है।
विपक्ष पर 'एंटी-इनकंबेंसी' का तंज
BJP के राष्ट्रीय सचिव ने यह भी कहा कि असली मुद्दों की कमी के कारण विपक्ष को बेबुनियाद विषयों पर राजनीति करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उनके अनुसार, यह शायद पहला विपक्ष है जिसे विपक्ष में रहते हुए ही 'एंटी-इनकंबेंसी' (विरोधी लहर) का सामना करना पड़ रहा है — एक तंज जो मौजूदा विपक्ष की जन-स्वीकार्यता पर सवाल उठाता है।
यह टकराव ऐसे समय में आया है जब देश में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर और तेज़ हो सकता है।