भाजपा नेता रोहन गुप्ता का कांग्रेस को चैलेंज: तथ्य हैं तो संसद में रखो, सड़क पर क्यों?
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता ने 7 नवंबर को अहमदाबाद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समूचे विपक्ष को सीधी चुनौती दी — यदि उनके पास तथ्य हैं, तो वे संसद के पटल पर रखें, सड़क पर बयानबाजी बंद करें। गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस अपने दावों के समर्थन में आज तक कोई ठोस साक्ष्य देश के सामने नहीं रख पाई है।
इमरान मसूद के बयान पर पलटवार
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने हाल ही में कहा था कि राहुल गांधी तथ्यों के आधार पर बात करते हैं और यदि उन्होंने कोई चुनौती दी है तो उसे स्वीकार किया जाना चाहिए। इस पर रोहन गुप्ता ने पूछा कि कांग्रेस ने अब तक कौन से तथ्य देश के सामने रखे हैं।
गुप्ता ने कहा, 'कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश से मिलने की बात की, लेकिन अपने आरोपों के समर्थन में एक भी ठोस तथ्य सामने नहीं आया।' उन्होंने आगे कहा कि जिन दलों के पास तथ्य नहीं होते, वे संसद के बजाय सड़क पर राजनीति करने को मजबूर होते हैं।
अखिलेश यादव पर निशाना
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के एक बयान के संदर्भ में भाजपा पर 'वोट नहीं, खोट से चुनाव जीतने की साजिश' का आरोप लगाया था। गुप्ता ने इसका जवाब देते हुए कहा कि अखिलेश यादव जनता की नाराजगी के कारण विपक्ष में हैं, न कि किसी साजिश के कारण।
गुप्ता ने समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश में शासनकाल के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि अखिलेश यादव को चुनाव परिणाम आने से पहले ही नतीजों का अंदाजा हो गया है, इसीलिए वे अभी से आरोपों की जमीन तैयार कर रहे हैं।
बांग्लादेशी हिंदुओं की नागरिकता पर रुख
पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश से आए हिंदुओं को नागरिकता देने की प्रक्रिया की तैयारी पर गुप्ता ने कहा कि भाजपा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के मुद्दे पर शुरू से उनके पक्ष में आवाज उठाई, जबकि विपक्ष इस विषय पर बोलने से बचता रहा।
उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून के तहत पश्चिम बंगाल में रहने वाले बांग्लादेशी हिंदुओं को नागरिकता मिलनी चाहिए। गुप्ता ने विपक्ष से सवाल किया कि उस समय हिंदुओं के मुद्दे पर अपनाए गए राजनीतिक रुख के लिए क्या वे माफी मांगेंगे।
इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर सवाल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस बयान पर कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इंडिया गठबंधन का हिस्सा है, गुप्ता ने गठबंधन के भीतर एकजुटता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव के अगले ही दिन एक कांग्रेस नेता ने ममता बनर्जी के खिलाफ वीडियो जारी किया था।
गुप्ता ने पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के लिए गठबंधन और रिश्ते चुनावी परिस्थितियों के अनुसार बदलते रहते हैं, जो एक स्पष्ट वैचारिक आधार की कमी को दर्शाता है।
यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब संसद के शीतकालीन सत्र की तैयारियाँ चल रही हैं और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच तनाव चरम पर है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि क्या कांग्रेस संसद में अपने आरोपों को साक्ष्य सहित प्रस्तुत करती है।