13 अक्टूबर 2026
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संविधान सर्वोपरि है, विपक्ष समझे: भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी का कांग्रेस पर हमला

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संविधान सर्वोपरि है, विपक्ष समझे: भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी का कांग्रेस पर हमला

सारांश

भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने भोपाल में कांग्रेस पर दोहरा हमला बोला — एक तरफ OBC आरक्षण के इतिहास पर, दूसरी तरफ संवैधानिक संस्थाओं को समझने की नसीहत देते हुए। उनका यह बयान मध्य प्रदेश की राजनीति में OBC कार्ड की बढ़ती अहमियत को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने 13 अक्टूबर 2026 को भोपाल में कांग्रेस और राहुल गांधी पर संवैधानिक मुद्दों पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर कोई संस्था नहीं है और सभी सरकारें संविधान के अधीन हैं।
कांग्रेस के OBC आरक्षण न लागू करने के आरोपों पर चौधरी ने काका कालेलकर आयोग और मंडल आयोग पर कांग्रेस के ऐतिहासिक विरोध का हवाला दिया।
उन्होंने दावा किया कि पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने का काम भाजपा सरकार ने किया और OBC हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सरकार 'जिसकी जितनी हिस्सेदारी' के सिद्धांत पर काम करती रहेगी — यह बयान मध्य प्रदेश के OBC राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में अहम है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नर्मदापुरम लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने 13 अक्टूबर 2026 को भोपाल में संवैधानिक मुद्दों और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण को लेकर कांग्रेस और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत में संविधान सर्वोपरि है और वर्तमान सरकार उसी सिद्धांत पर काम कर रही है।

संविधान और सर्वोच्च न्यायालय पर भाजपा का रुख

दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि भारत में सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर कोई संस्था नहीं है और सभी सरकारें तथा संस्थाएँ संविधान के दायरे में रहकर काम करती हैं। सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक मामलों में शामिल करने संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह संवैधानिक व्यवस्था की सर्वोच्चता को स्वीकार करे।

उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें भी संवैधानिक ढाँचे की प्राथमिकता को समझना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष न्यायपालिका की स्वायत्तता और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है।

परिवारवाद बनाम जनता की सरकार

भाजपा सांसद ने कहा कि पहले एक परिवार के प्रभाव में व्यवस्था चलने की बात कही जाती थी, लेकिन अब यह किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि देश और जनता की सरकार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए दावा किया कि मौजूदा सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम कर रही है।

गौरतलब है कि भाजपा लंबे समय से कांग्रेस पर 'परिवारवाद' का आरोप लगाती रही है और यह बयान उसी राजनीतिक कथा का हिस्सा है।

OBC आरक्षण पर कांग्रेस के आरोप और भाजपा का जवाब

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार ने OBC आरक्षण प्रक्रिया पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन आरक्षण लागू नहीं किया। इस पर चौधरी ने कांग्रेस के ऐतिहासिक रवैये पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब काका कालेलकर आयोग की रिपोर्ट आई थी, तब भाजपा का अस्तित्व नहीं था — उस समय रिपोर्ट का विरोध करने वाली पार्टी कांग्रेस ही थी।

उन्होंने मंडल आयोग का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उसका भी विरोध किया था। चौधरी ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग की स्थापना भाजपा सरकार की पहल पर हुई और OBC समुदाय के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।

समानुपातिक भागीदारी का सिद्धांत

भाजपा सांसद ने कहा कि सरकार 'जिसकी जितनी हिस्सेदारी' के सिद्धांत को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह सिद्धांत OBC, SC और ST वर्गों की जनसंख्या के अनुपात में उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक भागीदारी सुनिश्चित करने की माँग से जुड़ा है।

आगामी दिनों में OBC आरक्षण का मुद्दा राजनीतिक रूप से और गर्म होने की संभावना है, खासकर मध्य प्रदेश में जहाँ OBC मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो बचाव में इतिहास का सहारा लेना खुद एक कमज़ोर तर्क बन जाता है। OBC मतदाता अब परिणाम माँगते हैं, न इतिहास। मध्य प्रदेश जैसे राज्य में जहाँ OBC आबादी निर्णायक है, यह बयानबाज़ी चुनावी रूप से तो प्रासंगिक है, लेकिन नीतिगत जवाबदेही से कहीं दूर भटकती नज़र आती है।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
चौधरी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने ऐतिहासिक रूप से काका कालेलकर आयोग और मंडल आयोग दोनों का विरोध किया, जिससे OBC आरक्षण की राह में बाधाएँ आईं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग बनाकर OBC हितों को प्राथमिकता दी है।
OBC आरक्षण न लागू होने पर कांग्रेस का क्या आरोप है?
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने OBC आरक्षण प्रक्रिया पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन इसके बावजूद आरक्षण लागू नहीं किया गया। कांग्रेस इसे सरकार की नीतिगत विफलता बता रही है।
चौधरी ने सर्वोच्च न्यायालय और संविधान पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि भारत में सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर कोई संस्था नहीं है और सभी सरकारें संविधान के दायरे में रहकर काम करती हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह संवैधानिक व्यवस्था की सर्वोच्चता को स्वीकार करे।
'जिसकी जितनी हिस्सेदारी' का सिद्धांत क्या है?
यह सिद्धांत OBC, SC और ST वर्गों की जनसंख्या के अनुपात में उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक भागीदारी सुनिश्चित करने से जुड़ा है। चौधरी ने कहा कि सरकार इस सिद्धांत को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
काका कालेलकर आयोग और मंडल आयोग क्या थे?
काका कालेलकर आयोग (1953) और मंडल आयोग (1978) दोनों ने OBC को आरक्षण देने की सिफारिश की थी। चौधरी का आरोप है कि कांग्रेस ने दोनों रिपोर्टों का विरोध किया था, जबकि भाजपा OBC हितों की पैरोकार रही है।
राष्ट्र प्रेस
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