संविधान सर्वोपरि है, विपक्ष समझे: भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी का कांग्रेस पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नर्मदापुरम लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने 13 अक्टूबर 2026 को भोपाल में संवैधानिक मुद्दों और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण को लेकर कांग्रेस और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत में संविधान सर्वोपरि है और वर्तमान सरकार उसी सिद्धांत पर काम कर रही है।
संविधान और सर्वोच्च न्यायालय पर भाजपा का रुख
दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि भारत में सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर कोई संस्था नहीं है और सभी सरकारें तथा संस्थाएँ संविधान के दायरे में रहकर काम करती हैं। सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक मामलों में शामिल करने संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह संवैधानिक व्यवस्था की सर्वोच्चता को स्वीकार करे।
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें भी संवैधानिक ढाँचे की प्राथमिकता को समझना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष न्यायपालिका की स्वायत्तता और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है।
परिवारवाद बनाम जनता की सरकार
भाजपा सांसद ने कहा कि पहले एक परिवार के प्रभाव में व्यवस्था चलने की बात कही जाती थी, लेकिन अब यह किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि देश और जनता की सरकार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए दावा किया कि मौजूदा सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम कर रही है।
गौरतलब है कि भाजपा लंबे समय से कांग्रेस पर 'परिवारवाद' का आरोप लगाती रही है और यह बयान उसी राजनीतिक कथा का हिस्सा है।
OBC आरक्षण पर कांग्रेस के आरोप और भाजपा का जवाब
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार ने OBC आरक्षण प्रक्रिया पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन आरक्षण लागू नहीं किया। इस पर चौधरी ने कांग्रेस के ऐतिहासिक रवैये पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब काका कालेलकर आयोग की रिपोर्ट आई थी, तब भाजपा का अस्तित्व नहीं था — उस समय रिपोर्ट का विरोध करने वाली पार्टी कांग्रेस ही थी।
उन्होंने मंडल आयोग का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उसका भी विरोध किया था। चौधरी ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग की स्थापना भाजपा सरकार की पहल पर हुई और OBC समुदाय के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
समानुपातिक भागीदारी का सिद्धांत
भाजपा सांसद ने कहा कि सरकार 'जिसकी जितनी हिस्सेदारी' के सिद्धांत को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह सिद्धांत OBC, SC और ST वर्गों की जनसंख्या के अनुपात में उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक भागीदारी सुनिश्चित करने की माँग से जुड़ा है।
आगामी दिनों में OBC आरक्षण का मुद्दा राजनीतिक रूप से और गर्म होने की संभावना है, खासकर मध्य प्रदेश में जहाँ OBC मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं।