क्या महिला सशक्तिकरण को लेकर भाजपा ने मिसाल कायम की?
सारांश
Key Takeaways
- महिला सशक्तिकरण में भाजपा की पहल
- राजनीतिक बयानों का सामाजिक प्रभाव
- बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति
- राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल
- जनता का बदलता नजरिया
पटना, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की लड़कियों पर की गई अपमानजनक टिप्पणी ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है। इस विवाद पर भाजपा की पूर्व सांसद रमा सिंह ने रविवार को अपनी प्रतिक्रिया दी।
पूर्व सांसद रमा सिंह ने पत्रकारों से कहा, "मंत्री के पति ने यह विवादित बयान दिया है, न कि मंत्री ने। भाजपा ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है। पूरे विश्व में देखा जा रहा है कि महिलाओं को कितना मान-सम्मान मिला है। देश की सीमा सुरक्षा में जिन बर्फीली जगहों पर सामान्य पुरुष भी नौकरी नहीं कर सकते, वहां हमारी महिलाएं एक-47 और अन्य घातक हथियार लेकर सेवा दे रही हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "अगर कोई महिला की शक्ति को नहीं पहचानता और समझ नहीं पाता कि महिला क्या होती है, तो ऐसा व्यक्ति मानसिक अस्वस्थ है। ऐसे लोगों को इलाज की आवश्यकता है।"
भाजपा नेता ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "कई बार कुछ सिरफिरे लोग होते हैं जिन्हें यह नहीं पता होता कि वे क्यों आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल विकास की बात करते हैं, लेकिन बांग्लादेश में हालात देखिए। वहां ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए।"
उन्होंने कांग्रेस की 'मनरेगा बचाओ संग्राम' प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा, "जब तक राहुल गांधी जैसे नेता रहेंगे, तब तक प्रदर्शन होते रहेंगे। इससे कुछ फर्क नहीं पड़ता। अगर अच्छे सोच वाले लोग भारत को आगे बढ़ाने के लिए आगे आएं, तो कुछ परिणाम मिलेंगे।"
रमा सिंह ने कहा, "राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को बिहार में क्या मिला है, यह सभी ने देखा है। प्रदेश में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को जनता ने भरपूर वोट देकर सत्ता में बैठाया है। अब लोगों का नजरिया बदल रहा है। वे काम देखकर वोट दे रहे हैं। राहुल गांधी को कुछ करने के लिए होना चाहिए, इसलिए वे यह मुद्दा उठाते हैं।"