क्या भाजपा ने स्टालिन और रेवंत रेड्डी का पुतला जलाकर विरोध जताया?
सारांश
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पटना, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के शामिल होने पर विरोध प्रदर्शन बढ़ गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राजधानी पटना में स्टालिन और रेवंत रेड्डी का पुतला जलाकर उनके बिहार आगमन का विरोध किया।
भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय से जुलूस की शक्ल में निकले। सभी कार्यकर्ताओं के हाथों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, तेजस्वी यादव, स्टालिन और रेवंत रेड्डी के खिलाफ लिखे नारे के पोस्टर थे। सभी कार्यकर्ता उनके विरोध में नारेबाजी कर रहे थे।
आयकर गोलंबर के पास भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्टालिन और रेवंत रेड्डी का पुतला जलाया। इस कार्यक्रम में पसमांदा फाउंडेशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सदस्य शामिल हुए।
पुतला दहन कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि रेवंत रेड्डी ने बिहार के लोगों और सनातन का अपमान किया है, इसके बावजूद कांग्रेस और राजद के 'युवराज' उन्हें बिहार लाकर घूमवा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को यह समझना चाहिए था कि यह बिहार के सम्मान की बात है। उन्हें बताना चाहिए कि अपमानित करने वालों को यहां क्यों लाया जा रहा है?
उन्होंने कहा कि बिहार अपमान सहन नहीं करेगा। रेवंत रेड्डी और स्टालिन ने बिहारियों के साथ दुर्व्यवहार किया है, इसलिए उन्हें यहां माफी मांगनी चाहिए। बिहार के लोग कभी स्वाभिमान से समझौता नहीं करते।
भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष अनामिका पासवान ने कहा कि बिहार के लोग अगले चुनाव में इस अपमान का जवाब देंगे। बिहार का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। आज भले ही तेजस्वी यादव सत्ता की भूख में अपमानित करने वालों का स्वागत कर रहे हों, लेकिन इसके परिणाम भुगतने होंगे।