मिशन 2027: भाजपा यूपी ने मीडिया विभाग में बनाए 31 प्रवक्ता, दो सह-संयोजक भी घोषित
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 3 अक्टूबर 2026 को अपने प्रदेश मीडिया विभाग की नई टीम घोषित की। प्रदेश अध्यक्ष की स्वीकृति से 31 प्रदेश प्रवक्ता और 2 प्रदेश मीडिया सह-संयोजक नियुक्त किए गए हैं। यह पुनर्गठन पार्टी की उस व्यापक संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत चुनाव से पहले हर स्तर पर टीम को मज़बूत किया जा रहा है।
नई टीम में कौन-कौन शामिल
घोषित प्रवक्ताओं की पहली सूची में डॉ. समीर सिंह, कौशलेन्द्र पटेल, मनीष शुक्ला, हीरो बाजपेयी, जुगल किशोर, राकेश त्रिपाठी, लालजी निर्मल, आनन्द दुबे, अवनीश त्यागी, आलोक वर्मा, अनिला सिंह, साक्षी दिवाकर, संजय चौधरी, अशोक पाण्डेय, एसएन सिंह, मनोज पोसवाल और डॉ. ऋचा सिंह के नाम शामिल हैं।
दूसरी सूची में प्रशान्त उमराव, दिलीप श्रीवास्तव, डॉ. अमित कुशवाहा, प्रियंक पाण्डेय, नवीन श्रीवास्तव, रामनिवास यादव, अनुभव चक, डॉ. रजनीश त्यागी, ब्रम्हप्रकाश पाल, आशीष कुमार गुप्ता, डॉ. अंकुश, अभिषेक कृष्ण, प्रताप सिंह नागर और शैलेन्द्र शर्मा अटल को प्रदेश प्रवक्ता की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके साथ ही हिमांशु दुबे और दीपक बघेल को प्रदेश मीडिया सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। ये दोनों पदाधिकारी मीडिया विभाग और केंद्रीय प्रवक्ता टीम के बीच समन्वय की भूमिका निभाएंगे।
मीडिया विभाग की ज़िम्मेदारियाँ
नए प्रवक्ताओं और सह-संयोजकों पर भाजपा की नीतियों, योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यों तथा राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष जनता और मीडिया के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने की अहम ज़िम्मेदारी होगी। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल भी उत्तर प्रदेश में अपनी-अपनी संगठनात्मक तैयारियाँ तेज़ कर रहे हैं।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है, जहाँ 403 विधानसभा सीटें हैं। यहाँ के चुनाव परिणामों का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ता है, इसीलिए भाजपा इसे 'मिशन 2027' के रूप में देख रही है।
चुनावी तैयारी का व्यापक संदर्भ
भाजपा ने 2022 विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में 255 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी थी। 2027 में होने वाले अगले चुनाव के लिए पार्टी ने संगठन के विभिन्न स्तरों पर टीम को मज़बूत करना शुरू कर दिया है। मीडिया विभाग की यह नई टीम उसी कड़ी का हिस्सा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनाव से करीब डेढ़ साल पहले ही इतने बड़े पैमाने पर मीडिया टीम का पुनर्गठन दर्शाता है कि पार्टी संचार रणनीति को प्रमुखता दे रही है। डिजिटल और पारंपरिक मीडिया दोनों मोर्चों पर भाजपा सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में है।
आगे क्या होगा
नई टीम के गठन के बाद भाजपा के प्रदेश स्तर पर मीडिया संवाद और अधिक संगठित होने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में प्रवक्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं। 2027 चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आएगा, अन्य विभागों में भी इसी तरह के पुनर्गठन की संभावना है।