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यूपी चुनाव 2027: BJP की सूक्ष्म रणनीति, हर 50 परिवारों पर एक कार्यकर्ता, 3 नवंबर से पदयात्राएं

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यूपी चुनाव 2027: BJP की सूक्ष्म रणनीति, हर 50 परिवारों पर एक कार्यकर्ता, 3 नवंबर से पदयात्राएं

सारांश

2027 अभी डेढ़ साल दूर है, लेकिन BJP ने UP में युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है — हर 50 परिवारों पर एक कार्यकर्ता, 6 क्षेत्रों में 25,000 की पदयात्राएं और 1,918 मंडलों में प्रवास। माइक्रोमैनेजमेंट का यह फॉर्मूला 2017 की जीत को दोहराने का दांव है।

मुख्य बातें

31 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में BJP की यूपी चुनाव 2027 कार्ययोजना बैठक आयोजित हुई।
घर-घर संपर्क अभियान में प्रत्येक 50 परिवारों पर एक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी तय होगी।
3 नवंबर 2026 से सभी 6 संगठनात्मक क्षेत्रों में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्राएं; हर पदयात्रा में कम से कम 25,000 प्रतिभागियों का लक्ष्य।
प्रदेश के सभी 1,918 मंडलों में कार्यकर्ता प्रवास और बूथ-स्तरीय संगठन सक्रिय करने की योजना।
दीपावली के बाद मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान और नए युवा मतदाताओं के फार्म-6 भरवाने का विशेष अभियान।
बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े , प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह सहित जिलाध्यक्ष व मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुए।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को रफ्तार देते हुए एक व्यापक संगठनात्मक खाका तैयार किया है, जिसके तहत घर-घर संपर्क अभियान में प्रत्येक 50 परिवारों पर एक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी तय की जाएगी। 31 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित चुनाव कार्ययोजना बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने के लिए विस्तृत निर्देश दिए। यह बैठक सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर शुरू हुई।

बैठक में क्या तय हुआ

पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने बैठक में कहा कि आगामी चुनाव 'माइक्रोमैनेजमेंट का चुनाव' है और प्रत्येक कार्ययोजना पर बारीकी से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी समय से पहले अपनी तैयारियाँ पूरी कर लेती है, तो 2017 से भी बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। तावड़े ने विधानसभा स्तर पर प्रवासी प्रभारियों की नियुक्ति जल्द पूरी करने और जिला व विधानसभा स्तर पर चुनाव व्यवस्था समितियों के गठन के निर्देश भी दिए।

पदयात्राएं और जन-संपर्क अभियान

3 नवंबर 2026 से प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत विशाल पदयात्राएं निकाली जाएंगी। प्रत्येक पदयात्रा में कम से कम 25,000 लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। गौरतलब है कि ये पदयात्राएं दीपावली से पहले पूरी की जाएंगी और दीपावली के बाद पार्टी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान में पूरी ताकत से जुटेगी।

किन वर्गों तक पहुँचने की प्राथमिकता

तावड़े ने डोर-टू-डोर जनसंपर्क में महिलाओं, युवाओं, नए मतदाताओं, किसान लाभार्थियों, छोटे व्यापारियों, प्रबुद्ध वर्ग, पूर्व सैनिकों और सामाजिक-धार्मिक संगठनों तक पहुँचने को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। इसके लिए जिला स्तर पर समन्वय टोली बनाई जाएगी। प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने पूर्व ब्लॉक प्रमुखों, बीडीसी सदस्यों, जिला पंचायत अध्यक्षों और पूर्व पार्षदों समेत पूर्व जनप्रतिनिधियों को भी संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।

प्रदेश अध्यक्ष का संदेश

प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में फिर से प्रचंड बहुमत हासिल करने के लिए सभी को अपनी पूरी क्षमता लगानी होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में चुनावी तैयारियों को पूरी निष्ठा और गति के साथ धरातल पर उतारने का संकल्प लिया गया है। चौधरी ने पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में रात्रि प्रवास करने और प्रदेश के सभी 1,918 मंडलों में कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम तैयार करने का आह्वान किया।

आगे की रणनीति

धर्मपाल सिंह ने कहा कि नए युवा मतदाताओं के फार्म-6 भरवाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सक्रिय सदस्यों की बैठकें शुरू कर उन्हें चुनावी जिम्मेदारियों से जोड़ा जाएगा। महिला मोर्चा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता विधानसभा स्तर पर प्रवासी के रूप में काम करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के चुनाव में अभी करीब डेढ़ साल बाकी है, लेकिन पार्टी स्पष्ट रूप से बूथ-स्तरीय संगठन को अभी से सक्रिय करने की रणनीति पर चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह मुख्यतः संगठनात्मक सक्रियता का संकेत है — जबकि असली मुकाबला एंटी-इनकम्बेंसी और जातीय समीकरणों पर टिका होगा। '25,000 की पदयात्राएं' और 'फार्म-6 अभियान' जैसे कदम चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं में भी पार्टी की पकड़ दिखाते हैं, जो विपक्ष के लिए चुनौती बन सकती है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी चुनाव 2027 के लिए BJP की प्रमुख रणनीति क्या है?
भारतीय जनता पार्टी ने घर-घर संपर्क अभियान में प्रत्येक 50 परिवारों पर एक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी तय करने और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की योजना बनाई है। इसके साथ प्रदेश के सभी 6 संगठनात्मक क्षेत्रों में विशाल पदयात्राएं भी निकाली जाएंगी।
'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्राएं कब से शुरू होंगी?
ये पदयात्राएं 3 नवंबर 2026 से शुरू होंगी और दीपावली से पहले पूरी की जाएंगी। प्रत्येक पदयात्रा में कम से कम 25,000 लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में कौन-कौन से वरिष्ठ नेता शामिल हुए?
31 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में हुई इस बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, सह प्रभारी मेधा कुलकर्णी, जगदीश पटेल, अनंत ओझा, डॉ. प्रदीप वर्मा के साथ जिलाध्यक्ष और मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष भी शामिल हुए।
दीपावली के बाद BJP की क्या योजना है?
दीपावली के बाद पार्टी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान में पूरी ताकत से जुटेगी। नए युवा मतदाताओं के फार्म-6 भरवाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और सक्रिय सदस्यों की बैठकें शुरू कर उन्हें चुनावी जिम्मेदारियों से जोड़ा जाएगा।
विनोद तावड़े ने 2027 के चुनाव को 'माइक्रोमैनेजमेंट का चुनाव' क्यों कहा?
तावड़े के अनुसार, इस बार की जीत बूथ-स्तरीय संगठन और व्यक्तिगत मतदाता संपर्क पर निर्भर करेगी, इसलिए हर कार्ययोजना पर बारीकी से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि समय से पहले तैयारी पूरी हो जाने पर 2017 से भी बेहतर परिणाम संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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