क्या बूथ लूटने वाले निष्पक्ष मतदान की बात कर सकते हैं? नितिन नबीन ने तेजस्वी पर साधा निशाना

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क्या बूथ लूटने वाले निष्पक्ष मतदान की बात कर सकते हैं? नितिन नबीन ने तेजस्वी पर साधा निशाना

सारांश

बिहार के मंत्री नितिन नबीन ने तेजस्वी यादव के निष्पक्ष चुनाव संबंधी बयान पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने राजद के शासनकाल में हुए बूथ लूटने की घटनाओं को याद दिलाया, यह दर्शाते हुए कि वर्तमान सरकार में पारदर्शिता है। क्या बिहार की जनता अब सच में भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़ी होगी?

मुख्य बातें

राजद के शासन में बूथ लूटने की घटनाएँ हुईं।
नितिन नबीन ने तेजस्वी यादव पर पलटवार किया।
वर्तमान सरकार में पारदर्शिता का दावा।
जनता का भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़ा होना आवश्यक।
बिहार में चुनावी सुधार की जरूरत।

पटना, 5 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन ने तेजस्वी यादव के निष्पक्ष चुनाव कराने के बयान पर कड़ा जवाब देते हुए कहा कि राजद के शासनकाल में कभी भी निष्पक्ष और स्वच्छ मतदान नहीं हुआ। बूथ लूटने वाले लोग निष्पक्ष और स्वच्छ मतदान की बात करते हुए शर्म आनी चाहिए।

मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि टी एन शेषन के समय से ही स्वच्छ मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई थी। लालू यादव के शासन में तो बिहार में बूथ लूटने और बैलेट बॉक्स उड़ाने की घटनाएँ आम थीं। अब निष्पक्ष चुनाव हो रहा है, लेकिन राजद के समय ऐसा नहीं था। बंदूकबिहार की जनता नहीं भूल सकती।

विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की पटना में सड़क धंसने की घटना को लेकर पथ निर्माण मंत्री नितिन नबीन ने चुनौती दी कि तेजस्वी यादव को बयानबाजी के बजाय कर्मवीर बनने पर ध्यान देना चाहिए। मैं उन्हें स्थल निरीक्षण करने की चुनौती देता हूँ ताकि उनकी अज्ञानता दूर हो सके।

उन्होंने बताया कि मीठापुर फ्लाईओवर के पास 35 साल पुराना संप हाउस का साइड लेन धंस गया है। हाल ही में लगातार बारिश के कारण संप हाउस ने तेजी से पानी को ड्रेन आउट किया, जिससे वहाँ की मिट्टी बह गई और धंसाव हुआ। इससे सड़क की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ा है।

उन्होंने कहा कि यह चारा घोटाला और अलकतरा घोटाला करने वाली सरकार नहीं है। यह नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की सरकार है जहाँ हर चीज पारदर्शिता के साथ जांच की जाती है। कल घटना हुई और मैंने तुरंत जाकर स्थिति का जायजा लिया।

उल्लेखनीय है कि तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, "बिहार में लाखों करोड़ के बेलगाम भ्रष्टाचार का यह आलम है कि चंद दिनों पहले बनी सड़कें धंस जाती हैं, सैकड़ों नवनिर्मित एवं निर्माणाधीन पुल-पुलिया भरभरा कर गिर जाते हैं, बांध टूट जाते हैं, नवनिर्मित भवन ढह जाते हैं, जलभराव हो जाता है, लेकिन स्वयंभू सुशासनी सरकार में भ्रष्ट मंत्रियों, अधिकारियों पर कभी कोई कार्रवाई नहीं होती।"

उन्होंने आगे लिखा कि अचेत और अस्वस्थ मुख्यमंत्री को काबू में लेकर कुछ अधिकारियों और नेताओं ने दिन-दहाड़े नंगी लूट मचा रखी है। इस बेलगाम भ्रष्टाचार के खिलाफ अब जनता युद्ध छेड़ेगी।

—राष्ट्र प्रेस

एमएनपी/एसके/वीसी

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बिहार में राजनीतिक बयानबाजी अब एक सामान्य बात बन गई है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप से जनता का ध्यान भ्रष्टाचार और विकास की वास्तविकता से हटा हुआ है। हमें सच में विकास और निष्पक्षता पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या तेजस्वी यादव के आरोप सही हैं?
तेजस्वी यादव के आरोपों पर राजनीतिक दृष्टिकोण से विचार करते हुए, यह कहना कठिन है कि सभी आरोप सही हैं। लेकिन, बिहार में भ्रष्टाचार एक गंभीर मुद्दा है।
बूथ लूटने की घटनाएँ कब हुई थीं?
बूथ लूटने की घटनाएँ मुख्यतः लालू यादव के शासनकाल में हुई थीं।
क्या वर्तमान सरकार में पारदर्शिता है?
नितिन नबीन ने बताया कि वर्तमान सरकार में हर चीज की पारदर्शिता है और सभी मामलों की जांच की जाती है।
क्या जनता अब भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़ी होगी?
तेजस्वी यादव ने जनता को भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
क्या बिहार में चुनाव निष्पक्ष हो रहे हैं?
बिहार में चुनाव निष्पक्षता का मुद्दा हमेशा चर्चा में रहा है, लेकिन वर्तमान समय में सुधार की कोशिशें हो रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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