क्या 'घर कब आओगे' गाना बॉर्डर-2 से रिलीज हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- बॉर्डर-2 का गाना 'घर कब आओगे' रिलीज हुआ है।
- गाने में कई प्रमुख गायकों की आवाज़ है।
- गाने की लिरिक्स और संगीत में बदलाव किया गया है।
- अहान शेट्टी ने अपने पिता के प्रति भावनाएँ व्यक्त की हैं।
- यह गाना हर सैनिक की अनकही भावनाओं को दर्शाता है।
मुंबई, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी की फिल्म 'बॉर्डर-2' का बहुप्रतीक्षित गाना 'घर कब आओगे' अब रिलीज हो चुका है, किंतु अभी तक केवल गाने का ऑडियो ही प्रस्तुत किया गया है।
गाने के रिलीज की जानकारी अहान शेट्टी और मनोज मुंतशिर ने साझा की। अभिनेता अहान ने गाने के रिलीज के साथ अपने पिता के कदमों पर चलने की बात कही है।
'घर कब आओगे' गाना अनु मलिक के यूट्यूब चैनल पर जारी किया गया है, जिसमें सोनू निगम, अरिजीत सिंह, दिलजीत दोसांझ और विशाल मिश्रा की आवाज़ का समावेश है। गाने के बोल पूरी तरह से नए हैं और संगीत में भी परिवर्तन किया गया है। फिर भी, पुराने गीत की 'आत्मा' को बनाए रखने के लिए कुछ धुनों को पहले जैसा रखा गया है। यह गाना 10 मिनट का है, जिसमें देश की मिट्टी से लेकर माथे की बिंदी तक की बातें की गई हैं।
'घर कब आओगे' का नया संस्करण अद्भुत है, हालांकि इसे मूल 'संदेशे आते हैं' गाने की बराबरी करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में नए संस्करण को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। मूल गाना सोनू निगम और रूप सिंह राठौर ने गाया था, जिसमें उच्च पिच और गहरे भावनाएँ थीं, जबकि इस बार एक नरम संस्करण प्रस्तुत किया गया है, जो भावनात्मक है लेकिन मूल गीत के समान नहीं है।
अहान शेट्टी ने गाने के रिलीज की जानकारी देते हुए एक भावुक पोस्ट भी साझा की, क्योंकि उनके पिता सुनील शेट्टी भी इस गाने और फिल्म का हिस्सा रहे थे। उन्होंने अपने पिता के साथ एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "कहते हैं एक तस्वीर हज़ार शब्दों के बराबर होती है, लेकिन मेरे पास इसे व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। मैं सिर्फ अपने दिल की बात जानता हूं। मैंने अपने पिता को 'संदेशे आते हैं' का हिस्सा बनते हुए देखा है। आज मैं खुद 'घर कब आओगे' का हिस्सा हूं।"
उन्होंने आगे लिखा कि यह किसी गीत या प्रोजेक्ट के बारे में नहीं है; यह समय, प्रेम और उस मौन कृतज्ञता के बारे में है जिसे मैं हमेशा अपने साथ रखूंगा। एक ऐसा गीत जो हर सैनिक की अनकही भावनाओं और घर पर इंतज़ार कर रहे हर परिवार की मौन प्रार्थनाओं को समेटे हुए है।