तेलंगाना में त्योहारी सीजन पर RTC बस किराया बढ़ोतरी: हरीश राव ने कांग्रेस सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना विधानसभा में भारत राष्ट्र समिति (BRS) के उपनेता टी. हरीश राव ने 18 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में राज्य सड़क परिवहन निगम (RTC) की बसों के त्योहारी किराया बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से सीधा सवाल किया कि क्या हर त्योहार पर मनमाने ढंग से किराया बढ़ाना ही सरकार की नीति बन गई है।
मुख्य आरोप और किराये के आँकड़े
हरीश राव ने ठोस उदाहरण देते हुए कहा कि सिकंदराबाद के जेबीएस (JBS) से करीमनगर तक का बस किराया ₹230 से बढ़ाकर ₹400 कर दिया गया है। इसी तरह, महबूबनगर से हैदराबाद के एमजीबीएस (MGBS) तक का किराया ₹220 से बढ़कर ₹290 से अधिक हो गया है।
BRS नेता ने आरोप लगाया कि नियमित बस सेवाओं की संख्या पहले कम की जाती है और फिर उन्हीं बसों पर 'त्योहार विशेष' का बोर्ड लगाकर यात्रियों से अधिक किराया वसूला जाता है। उनका कहना है कि RTC की कुल बस संख्या में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
बथुकम्मा और दशहरा पर विशेष आपत्ति
हरीश राव ने कहा कि बथुकम्मा और दशहरा जैसे प्रमुख त्योहारों पर लोगों को राहत देने के बजाय टिकट की कीमत दोगुनी करना शर्मनाक है। उन्होंने तर्क दिया कि यह बढ़ोतरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को त्योहार पर अपने गृह नगर जाने से हतोत्साहित कर रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में त्योहारी सीजन के दौरान RTC बसें अंतर-जिला यातायात का सबसे सस्ता और व्यापक विकल्प मानी जाती हैं।
मुफ्त महिला यात्रा योजना पर सवाल
BRS नेता ने कांग्रेस सरकार की महिला मुफ्त बस यात्रा नीति पर भी सवाल उठाए। उनका तर्क था कि यदि पत्नी का टिकट निःशुल्क है और उसके पति से दोगुना किराया वसूला जा रहा है, तो यह रियायत वास्तव में उसी परिवार पर आर्थिक बोझ डालती है। उन्होंने इसे 'एक हाथ से देना, दूसरे हाथ से लेना' की नीति बताया।
तीन साल में पाँच बार किराया बढ़ाने का दावा
हरीश राव ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के अब तक के कार्यकाल में RTC बस किराया पाँच बार बढ़ाया जा चुका है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी त्योहारी अवसर पर किराया बढ़ोतरी पर विपक्षी दलों ने आवाज़ उठाई हो।
BRS की माँग और आगे की राह
हरीश राव ने राज्य सरकार से तत्काल स्पष्टीकरण देने और त्योहारी किराया वृद्धि वापस लेने की माँग की। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि नियमित बस सेवाएँ पहले की तरह संचालित की जाएँ ताकि आम लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव न पड़े। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार इस विपक्षी दबाव पर क्या प्रतिक्रिया देती है।