बथुकम्मा-दशहरा पर आरटीसी बस किराया दोगुना: हरीश राव ने रेवंत सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना विधानसभा में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के उपनेता टी. हरीश राव ने 18 अक्टूबर 2026 को राज्य सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) द्वारा त्योहारी सीज़न में बस किराया बढ़ाने पर कांग्रेस सरकार की कड़ी आलोचना की। पूर्व मंत्री हरीश राव ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से सीधा सवाल किया कि क्या सरकार की नीति हर त्योहार पर मनमाने ढंग से किराया बढ़ाकर आम नागरिकों की जेब पर बोझ डालने की है।
किराये में कितनी बढ़ोतरी हुई
हरीश राव ने ठोस आँकड़ों के साथ अपना पक्ष रखा। उनके अनुसार, सिकंदराबाद के जेबीएस से करीमनगर तक का बस किराया ₹230 से बढ़ाकर ₹400 कर दिया गया है — यानी एकमुश्त 74% की वृद्धि। इसी तरह, महबूबनगर से हैदराबाद के एमजीबीएस तक का किराया ₹220 से बढ़कर ₹290 से अधिक हो गया है।
बीआरएस नेता ने आरोप लगाया कि आरटीसी की कुल बस संख्या बढ़ाए बिना नियमित बसों पर 'त्योहार विशेष' के बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जिससे बढ़े हुए किराये को तकनीकी रूप से 'विशेष सेवा' का दर्जा देकर उचित ठहराया जा सके। उन्होंने इसे जनता के साथ धोखा बताया।
मुफ्त महिला यात्रा योजना पर भी उठे सवाल
हरीश राव ने राज्य सरकार की महिला मुफ्त बस यात्रा नीति पर भी तीखा प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि यदि पत्नी का टिकट निःशुल्क है और उसके पति से दोगुना किराया वसूला जाता है, तो यह रियायत परिवार के लिए वास्तव में कोई राहत नहीं है — आर्थिक बोझ उसी घर पर पड़ रहा है।
यह तर्क नीति की व्यावहारिक खामी की ओर ध्यान दिलाता है: लाभ और लागत का समीकरण जब एक ही परिवार के भीतर असंतुलित हो, तो वास्तविक राहत का दावा कमज़ोर पड़ जाता है।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पाँच बार बढ़ा किराया
हरीश राव के अनुसार, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के अब तक के कार्यकाल में आरटीसी बस किराया पाँच बार बढ़ाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बथुकम्मा और दशहरा जैसे पर्वों पर लोगों को उपहार देने की बजाय टिकट महँगे करना शर्मनाक है।
गौरतलब है कि आरटीसी बस किराये का मुद्दा तेलंगाना में संवेदनशील रहा है। पिछली बीआरएस सरकार के दौर में भी किराये को लेकर विवाद हुए थे, लेकिन हरीश राव का आरोप है कि वर्तमान सरकार ने इसे त्योहारों के नाम पर नियमित कमाई का ज़रिया बना लिया है।
आम लोगों पर असर
हरीश राव ने कहा कि इस नीति का सबसे बड़ा असर गरीब और मध्यम वर्ग के उन लोगों पर पड़ रहा है जो त्योहारों पर अपने गृह नगर जाना चाहते हैं। अत्यधिक किराये के कारण ये लोग यात्रा से हिचकिचा रहे हैं, जिससे त्योहारों की खुशियाँ प्रभावित हो रही हैं।
बीआरएस नेता ने राज्य सरकार से माँग की कि त्योहारी किराया वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए और नियमित बस सेवाएँ पहले की भाँति बहाल की जाएँ। इस मुद्दे पर कांग्रेस सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है।