दुर्गा पूजा 2026: त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा पर BSF-पुलिस की सुरक्षा कड़ी, 11,000 जवान तैनात
सारांश
मुख्य बातें
सीमा सुरक्षा बल (BSF) और त्रिपुरा पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले पाँच दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव से पहले भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी और कड़ी करने का फैसला किया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) जीएस राव ने बताया कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए त्रिपुरा पुलिस और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (TSR) के करीब 11,000 जवान पूरे राज्य में तैनात किए जाएंगे।
सीमा सुरक्षा का विस्तृत खाका
DGP राव ने बताया कि BSF त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश की 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी निगरानी और मजबूत करेगी। साथ ही, राज्य पुलिस सीमावर्ती गाँवों में भी चौकसी बढ़ाएगी। गौरतलब है कि इस सीमा में से 806 किलोमीटर पर बाड़ लग चुकी है, जबकि शेष 50 किलोमीटर का हिस्सा कठिन भूगोल — जल निकायों और घने जंगलों — के कारण अभी तक बिना बाड़ के है।
त्रिपुरा तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा हुआ है, जिससे यह पूर्वोत्तर राज्य सीमा-पार घुसपैठ, तस्करी और अन्य अपराधों के लिहाज से विशेष रूप से संवेदनशील माना जाता है।
स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट की तैयारी
DGP राव ने बताया कि BSF और त्रिपुरा पुलिस मिलकर स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट के लिए प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं और दोनों एजेंसियाँ संयुक्त रूप से इस योजना को लागू करेंगी। इससे पहले इसी साल जून में त्रिपुरा का दौरा करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया था कि मोदी सरकार ड्रोन, रडार, आधुनिक कैमरे और अन्य उन्नत तकनीक का उपयोग करके एक अभेद्य बॉर्डर ग्रिड बनाएगी।
गृह मंत्री शाह ने त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में BSF को निर्देश दिया था कि घुसपैठ रोकने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस थानों, पंचायतों और पटवारियों के साथ समन्वित रूप से काम किया जाए।
नशा-विरोधी विशेष अभियान
DGP राव ने बताया कि त्योहारों के मौसम में त्रिपुरा पुलिस अगरतला और राज्य के अन्य शहरी क्षेत्रों में नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा, 'समाज-विरोधी गतिविधियों और अपराधों पर कड़ी नजर रखने के लिए चलती ट्रेनों और भीड़-भाड़ वाली या अहम जगहों पर सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए जाएंगे।'
ट्रैफिक, CCTV और ग्रीन कॉरिडोर व्यवस्था
त्योहार के दौरान चौबीसों घंटे निगरानी के लिए अगरतला और अन्य जिला मुख्यालयों में वॉचटावर, 218 CCTV कैमरे और पुलिस व ट्रैफिक सहायता बूथ लगाए जाएंगे। एम्बुलेंस और आपातकालीन वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए एक ग्रीन कॉरिडोर भी खोला जाएगा।
पीक ऑवर्स में दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास वाहनों और दो-पहिया वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा, ताकि भक्तों की भीड़ को व्यवस्थित किया जा सके। इस वर्ष पूरे त्रिपुरा में 2,900 से अधिक सामुदायिक दुर्गा पूजाओं और 100 से अधिक पारिवारिक पूजाओं के आयोजन की उम्मीद है, जिनमें से लगभग 720 पूजाएं अकेले वेस्ट त्रिपुरा जिले में होंगी।
आगे की तस्वीर
यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद सीमा प्रबंधन पर केंद्र और राज्य दोनों सरकारों का ध्यान बढ़ा है। स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन आने वाले महीनों में इस संवेदनशील सीमा की सुरक्षा की दिशा तय करेगा।